लण्ड बेदर्द, चूत में दर्द 5

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लेखिका – रश्मि
सम्पादिका – मस्त कामिनी

मेरे पति ने एक सेक्सी गाना चालू कर दिया और मैं एक जबरदस्त भड़काऊ ड्रेस पहन कर काफ़ी सेक्सी डांस करने लगी और मैंने वही सब किया जो इसमें किया जाता है.. ..

वो डांस देखकर इतने उत्तेजित हो गये की अपने हाथों से अपनी मूठ मारने लगे और मुझे चुदवाने की लिए अपने पास बुलाते रहे..

लेकिन, मैं उन्हें ललचाती और तड़पाती रही..

आख़िर उनसे बर्दाश्त नहीं हुआ और उनके लण्ड ने पानी छोड़ दिया…

मुझे उन्हें तड़पाने में बहुत मज़ा आया..

मस्त कहानियाँ हैं, मेरी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर !!! !!

फिर वो बोले – जान, आज मैं तुम्हें एक नया मज़ा देना चाहता हूँ, जो तुम ज़िंदगी भर नहीं भूलोगी…

हमारे पास एक और पतला और छोटा रब्बर का लण्ड है, जिसे उन्होंने बैग से निकाल लिया..

उसके बाद, वो एक बहुत ही खुशबूदार अरोमा आयिल ले आए और हर तरफ से, लगभग 1 घंटे तक मेरे जिस्म का काफ़ी सेक्सी मसाज किया..

उनकी इस सेक्सी मसाज से, मैं बहुत ज़्यादा गरम हो गई।

फिर वो मेरे बदन को जीभ से चाटने लगे..

चाटते चाटते वो अपनी जीभ को मेरी गाण्ड के होल तक ले आए और मेरी गाण्ड के होल को चाटने लगे और अपनी जीभ को मेरी गाण्ड के होल के अंदर घुसाने लगे.. ..

मुझे यह बड़ा अजीब सा लगा और थोड़ा गंदा भी क्यूंकी एक तरह से वो मेरी छी छी चाट रहे थे.. ..

पर मैंने सोचा – चलो, ठीक है.. सेक्स मे कुछ भी गंदा नहीं होता है!!

अब मेरे पूरे बदन में झूरझूरी सी होने लगी और लगा जैसे सारे बदन मे चिंटी रेंगने लगी हों.. ..

मैं बहुत ज़्यादा उत्तेजित होने लगी..

फिर वो बोले – आज मैं तुम्हें गाण्ड और चूत चुदाई दोनों का एक साथ मज़ा दूँगा जो की एक अलग ही एहसास होगा.. बस, तुम शांत रहना और अपने बदन को एकदम ढीला छोड़ देना.. ..

फिर उन्होंने, बहुत सारी क्रीम मेरी गाण्ड में भर दी और उस रब्बर के लण्ड पर भी लगा दी..

उसके बाद, वो उस लण्ड को मेरी गाण्ड में धीरे धीरे घुसाने लगे..

मैंने जैसे छी छी करते वक़्त ज़ोर लगते हैं, वैसे ही एक बहुत तेज़ ज़ोर लगाया…

लण्ड बिना ज़्यादा दर्द दिए हुए, मेरी गाण्ड में आराम से घुस गया।

धीरे धीरे उन्होंने पूरा लण्ड मेरी गाण्ड में घुसा दिया..

उसके बाद, उन्होंने अपना लण्ड मेरी चूत में घुसा के मुझे चोद्ना शुरू किया।

वो पूरी ताक़त और स्पीड में बड़ी बेरहमी से मुझे चोद रहे थे।

सच कहूँ तो यह एक अलग तरह का अनुभव था!!!

मुझे भी बहुत मज़ा आने लगा।

मुझे लगा जैसे मेरी गाण्ड और चूत दोनों पूरी भर गई हों… ..

यह एक बहुत ही अलग अनुभव था, थोड़ा दर्द और मस्ती का मिला जुला असर था और मैं उत्तेजना में चिल्लाने और गालियाँ बकने लगी – मा द र चो द द द द द… आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ हह हहह हहहहह… तेरी मा का भो स डा अ अ अ अह… उन्ह म म मम ममहह हह… ज़ोर से चो द द द द द ह… आह हह… और ज़ोर से… और ज़ोर से… और ज़ोर से… ब ह न के लौ डे… आह उंह उन्ह.. आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ… चोद चोद चोद चोद चोद चोद… चोद मेरी चुदक्कड़ चूत… चोद डाल… तेरी बीबी तेरी रंडी है… भडुए… आह: ह ह हह हहह… तेरी अम्मा का चू त त त… बहन के भैया दम लगा कर चोद… छीनाल की तरह चोद… एक लंड मेरे मुँह में भी घुसा दे… ह रा मी… आ ह ह ह ह ह ह ह उन्ह: मेरी माँ… मर जाउंगी आज तो मैं… चोद गान्डू चोद…

वो बार बार स्टाइल चेंज कर के अलग अलग तरीक़ो से मुझे चोदे जा रहे थे और मैं चुदवाये जा रही थी।

कुछ देर बाद, उनका वीर्य चूत में गया और वो मुझे बेतहाशा चूमने लगे.. ..

हम काफ़ी थक गये थे और मुझे नींद आ रही थी..

मैंने गाण्ड से लण्ड निकलना चाहा तो उन्होंने मना कर दिया और बोले – आज, ऐसे ही सो जाओ..

उनकी बात मानकर, मैं सो गई।

सुबह अचानक मेरी नींद खुली तो मैंने देखा.. ..

कहानी जारी रहेगी… …

उम्मीद करती हूँ आपको मेरी सेक्स स्टोरी पर मेरी सेक्स स्टोरी पसंद आ रही होगी।

अपने फीड बैक, आप कामिनी जी को भेज सकते हैं!!

आपकी सहेली – रश्मि

Written by

मस्त कामिनी

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