लण्ड बेदर्द, चूत में दर्द 6

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लेखिका – रश्मि
सम्पादिका – मस्त कामिनी

वो बार बार स्टाइल चेंज कर के अलग अलग तरीक़ो से मुझे चोदे जा रहे थे और मैं चुदवाये जा रही थी।

कुछ देर बाद, उनका वीर्य चूत में गया और वो मुझे बेतहाशा चूमने लगे.. ..

हम काफ़ी थक गये थे और मुझे नींद आ रही थी..

मैंने गाण्ड से लण्ड निकलना चाहा तो उन्होंने मना कर दिया और बोले – आज, ऐसे ही सो जाओ..

उनकी बात मानकर, मैं सो गई।

मस्त कहानियाँ हैं, मेरी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर !!! !!

सुबह अचानक मेरी नींद खुली तो मैंने देखा वो अपना लण्ड मेरे मुँह मे घुसेड रहे हैं।

मैंने भी तुरंत अपना मुँह खोल दिया।

वो जिस तरह चूत चुदाई करते हैं, उसी तरह फुल स्पीड में मेरे मुँह को चोदने लगे।

मुझे दर्द और काफ़ी तक़लीफ़ होने लगी।

उन्होंने कस कर मेरे चेहरे और बालों को पकड़ लिया और लगातार फुल स्पीड में मेरा मुँह चोदने लगे।

दर्द के कारण, मेरी आँखों से आँसू निकलने लगे और मुझे उल्टी जैसे होने लगी और उसी वक़्त मुझे उल्टी हो गई, मैं रोने लगी..

तब मेरे पति ने मुझे समझाया और कहा – रो मत जान, मुँह में जड़ तक पूरा लण्ड अंदर लेना, एक “कला” है।

फिर कुछ देर बाद, उन्होने मुझे एक ब्लू फिल्म दिखाई, जिसमे लड़की मर्द का पूरा लण्ड जड़ तक अंदर ले रही थी..

उन्होंने खुद मुझे फिर रब्बर का एक लण्ड जड़ तक, पूरा अपने मुँह के अंदर लेकर भी दिखाया..

मैं यह देख कर चौक गई और सोचा – इन्होने, इतनी आसानी से इतना बड़ा लण्ड पूरा, कैसे मुँह में ले लिया.. ??

फिर उन्होंने मुझसे कहा – सबसे पहले, अपनी जीभ पूरी बाहर निकाल लो.. फिर लण्ड को और अपने गले (मुँह) को एक सीध में ले आओ.. उसके बाद, अपनी साँसें रोक कर धीरे धीरे लण्ड को अंदर लो.. इस तरह तुम पूरा लण्ड ले पाउंगी.. ..

मैंने ठीक उसी तरह कोशिश की और सचमुच मैं पूरा लण्ड अंदर लेने मे कामयाब हो गई और एकदम डीप गले तक अंदर लेकर ज़ोर ज़ोर से चूसने लगी।

तभी उन्होंने अपना पूरा लण्ड मेरे गले (कंठ) के अंदर तक घुसेड दिया और अपना वीर्य छोड़ दिया!!!

मुझे लगा, जैसे मेरा कंठ छिल गया है..

मेरी हालत एकदम खराब हो गई और वो मुझसे माफी माँगने लगे..

मैंने किसी तरह अपने आपको ठीक किया और हंस कर उनको कहा – अरे, मेरी जान लोगे क्या.. ?? ऐसे तो मैं मर ही जाउंगी..

लेकिन उन्हें इसमें बेहद मज़ा आया था, इसलिए मैंने सहन कर लिया।

फिर वो बोले – जान, डरो मत.. 2-3 बार ऐसा करने से तुम्हें इसकी आदत हो जाएगी.. फिर तुम्हें, कोई तक़लीफ़ नहीं होगी..

मुझे खुद भी ऐसा ही लगा की मैं बहुत जल्द ही “लण्ड चूसने में एक्सपर्ट” हो जाउंगी!!

फिर हमने एक साथ नाहया और गर्म पानी के टब में, दोनों एक साथ घुस गये और जबरदस्त चुदाई की.. ..

कुछ दिनों की भरपूर चुदाई के बाद, हम वापस अपने घर की और निकल पड़े..

वापसी में भी हम ठीक उसी तरह चुदाई करते हुए घर आ गये और यह ट्रिप हमारी ज़िंदगी भर की एक यादगार ट्रिप बन गई।

इस ट्रिप में मैंने सेक्स के नये नये अनुभव लिए और बहुत कुछ सीखा..

पूरी ट्रिप के दौरान, हमनें अनगिनत बार चुदाई की और खूब मज़े लिए.. ..

अब मैं चुदाई के सारे तरीक़ो में फुल एक्सपर्ट हो चुकी थी और मेरे पति मुझसे बेपनाह खुश रहने लगे थे!!

मेरी यह कहानी और बाकी दो कहानियाँ कैसी लगीं, ज़रूर बताईएएगा..

आख़िर में, बस इतना ही कहना चाहती हूँ की अपने पति की ख़ुशी के लिए थोड़ी सी तक़लीफ़ भी सहने की आदत डालिए..

आप जितनी तक़लीफ़ सहेंगी, आपके पति आपको उस से बहुत ज़्यादा प्यार देंगे..

अब मुझे ही देख लीजिए, जो जो मज़ा मैंने थोड़ी तक़लीफ़ सह कर लिया है, वो बहुत ही कम औरतो को मिलता है..

जैसे ट्रैन में चुदाई.. बस में चुदाई.. खुले आसमान के नीचे चुदाई.. बारिश और स्नोफॉल में चुदाई.. और एक साथ गाण्ड और चूत की चुदाई..

यह सब सिर्फ़ सुन कर और कल्पना करके ही बदन में आग लग जाती है।

एक बार आप सिर्फ़ ऐसी चुदाईयों की कल्पना करके देखिए, सिर्फ़ कल्पना करने से ही आपकी चूत रस छोड़ना शुरू कर देगी..

फिर पता नहीं, कुछ पत्निया क्यो इतनी नीरस और ठंडी होती हैं!!

जिस कारण, बेचारे पति की ज़िंदगी मौत से भी बदतर हो जाती है..

बेचारा पति, अपनी हर ज़रूरत और ख़ुशी का गला घोटकर, ज़िंदगी भर बस अपने परिवार का पेट भरते हुए आख़िर में बुड्ढा होकर मर जाता है।

अगर किसी का बाहर चक्कर चलता है, तो उसे बद्जलन की उपाधि दे दी जाती है..

दुनिया ये नहीं सोचती की बेचारे ने आख़िर ऐसा किया क्यूँ.. ..

काश, मेरी ये कहानियाँ पढ़कर, कुछ पत्नियों को अकल आ जाए और उनका घर सुधर जाए, तो मेरा कहानी लिखने का मक़सद पूरा हो जाएगा।

अगर आपने मेरी तीनों कहानियों को ध्यान से पढ़ लिया, तो मेरा वादा है की आप भी चुदाई की कला में कम से कम 50-60 % एक्सपर्ट हो जाएँगी..

और हाँ जाते जाते, मैं आपको एक “गुड न्यूज़” देना चाहती हूँ – मैं “प्रेग्नेंट” हो गई हूँ..

बच्चा होने के बाद भी, मैं सारी ज़िंदगी यूँ ही हमेशा चुदवाती रहूं और अपने पति को हमेशा खुश रख सकूँ, ऐसी दुआ कीजिएगा और साथ ही मेरे होने वाले बच्चे के लिए भी दुआ कीजिएगा।

अब विदा.. ..

धन्यवाद..

आपकी दोस्त, सखी और बहन –

रश्मि..

पढ़ते रहिए, मेरी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम!!! !!

Written by

मस्त कामिनी

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