मुझे इसी तरह चुदना था

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Meri Sex Story में मैंने जबरदस्ती पत्नी की चूत चोदी और गांड भी मारी और उससे उसका हाल पूछा, वो मुझे थप्पड़ मारते हुए बोली, कि उसको इस तरह की ही चुदाई पसंद है

नमस्कार मित्रों,

मैं परीक्षित, फिर से आपके लिए एक नई कहानी लेकर आया हूँ, जो प्रदीप जी की है! सुनिए उन्हीं की जुबानी!

मेरा नाम प्रदीप है। उम्र 37 साल, पत्नी का नाम दीपशिखा है। उसकी भी उम्र 37 साल है, शादी लो 17 साल हो चुके हैं। आपने मेरी पिछली कहानी पढ़ी और उसका समाधान भी भेजा।

उसका बहुत बहुत धन्यवाद! उसके बाद मेरे कुछ बिल्कुल दो करीबी दोस्तो से भी, जो कि हम सभी बात आपस में खुलकर एक दूसरे को बताते थे।

अपनी पत्नी को चुदाई के लिए उकसाया

उन्होंने भी कहा, कि तू एक बार उससे जबरदस्ती कर शायद बात बन जाए। मैंने भी उनकी बात मान ली, और अपने काम पर चला गया, और फिर रात होने का इंतज़ार करने लगा!

आज दीप का मूड नहीं था, पर फिर भी मैंने उसे जैसे तैसे मना लिया! वो तुरन्त ही पूरी नंगी हो गई और मुझे किस करने लगी। मेरे हाथ पता नहीं! कब उसकी चूत और उसके दूध पर पहुँच गए।

वो मुझे बिस्तर पर लिटा कर 69 की पोजीशन में आ गई। लगभग 20 मिनट तक हम ऐसे ही रहे। इस दौरान वो 2 बार पानी निकाल चुकी थी।

जब मेरा पानी निकलने वाला था, तो मैंने उसे वही पर रोक दिया और उठकर उसे किस करने लगा। वो भी मेरे बाल सहलाते हुए मुझे किस करने लगी।

किस करते हुए मैं उसके दोनों मम्मों को पागलों की तरह काटने लगा! वो भी मजे से सिसकारियाँ भरने लगी। आअ! ह्ह! ह्हह! अह्ह! उम्म! एअ! ह्हह्!

पत्नी चुदने के लिए पागल हो गई

पता नहीं, मुझे भी क्या जोश आया! कि मैं उसके मम्मों को और भी जोर से काटने लगा वो और भी ज्यादा बदहवास होने लगी। 15 मिनिट तक ऐसे ही सब चलता रहा!

अब दीप बोली- अब रहा नहीं जाता! लेकिन मैं कहाँ मानने वाला था!

मैं फिर उसकी चूत चाटने लगा! उसे और भी ज्यादा आनंद आने लगा था! इस बार तो वो 3-4 मिनट में ही झड़ गई। वो अचानक गिड़गिड़ाने लगी, और कहने लगी- अब मत तड़पाओ ना।

मैं बोला- अभी नहीं मेरी जान! फिर मैं अपना लण्ड उसके मुँह के पास ले गया, तो उसने मना कर दिया। अब यहाँ से मेरा असली काम शुरू हुआ!

लण्ड से उसके मुँह की चुदाई

मैंने उसके बाल पकड़ कर उसके दोनों गालों पर लगातार 10-15 थप्पड़ लगाए। उसके बाद जबरदस्ती उसके मुँह में मेरा लण्ड ड़ाल दिया और मुँह को चोदने लगा!

उसके मुँह से सिर्फ गुप्प! गुप्प! गुप्प! गुप्प! की आवाज आ रही थी। जब भी मेरा लण्ड उसके मुँह से बाहर आता! उसके दोनों गालों पर थप्पड़ मार देता और बोलता- माँ की लौड़ी चस इसे।

वो फिर लण्ड चूसने लगती। मुझे इस तरह की हरकत करने में बड़ा मजा आ रहा था। उसके मुँह को चोदते चोदते थूक भी बाहर आ रहा था। वो थूक उसके मुँह पर ही पोछ देता।

चुदाई के जोश में उसने गाली दिया

उसके गाल पर तमाचा मार देता। थप्पड़ खाकर उसका पूरा गाल लाल पड़ गया था। वो भी इतनी गरम हो गई थी कि उससे सब्र नहीं हो पा रहा था

जब उसके सब्र की सीमा टूटी तो, मुझे गाली देते हुए बोली – भोसड़ी के! जब चोदना ही नहीं था! तो इतना गर्म क्यों किया। सिर्फ इतना सुनकर मेरा पारा गर्म हो गया।

गुस्से में मैंने दोनों गालों पर 10-12 थप्पड़ और जमा दिए। अब उसके बाल पकड़ कर उसे बिस्तर पर उल्टा पटक दिया, और स्केल (जिसका मैंने पहले ही इंतेजाम कर रखा था) से उसके दोनों चूतड़ों पर बहुत जोर से जड़ दिए।

गुस्से में पूरा लण्ड चूत में पेला

दीप के मुँह से सिर्फ आ! ह्ह्ह! ईईस्स! स्सस्स! की आवाज निकली, फिर मैं उसे सीधा करके अपना लण्ड पूरी ताकत से उसकी चूत में डाल दिया! 3 झटकों में मेरा पूरा लण्ड उसकी चूत में समां गया।

वो दर्द से चीखने लगी! आआ! ह्ह! ह्ह्ह! ऊऊओह! ह्ह्ह! निकालो इसे बाहर! बहुत तेज दर्द हो रहा है! दर्द के मारे उसका पूरा चेहरा लाल पढ़ गया था और आँसू भी निकल आये थे।

कुछ देर रुककर! मैं उसे चूमने लगा! वो भी उसकी चीख को दबाने के लिए! 1 मिनिट के बाद! मैंने फिर तेज झटके देने लग गया। वो दर्द भरी आवाज में बोलने- माफ़ कर दो! रुक जाओ! दर्द हो रहा है।

मैं उसकी बात को अनसुना कर उसे चोदने लगा, और उसे तमाचे भी मार रहा था। वो बस आअह! आःह्ह! आह! की आवाज निकल रही थी।

धक्कापेल चुदाई से पत्नी झड़ी

लगभग 5 मिनट की चुदाई के बाद! उसका स्खलन हो गया। झड़ते ही दीप के चेहरे पर एक सुकून दिख रहा था। मैं रुक गया और उसके दोनों चूचियों को काटने लगा।

वो सिर्फ! सीई! ईई! करके सिसकारियाँ ले रही थी। मैं लण्ड निकाल कर, फिर उसका मुँह चोदने के लिए आगे बढ़ाया। उसने मुँह ही नहीं खोला, और मना करने लगी।

मैंने फिर उसे थप्पड़ मारा और फिर जबरदस्ती लण्ड उसके मुँह में डाल कर चोदने लगा। थोड़ी देर के बाद! मैं उसकी गांड में उंगली डालने लगा तो वो मना करने लगी और बोली- मत करो! दर्द होगा!

मैं- नहीं होगा! एक बार कर लेने दो ना!

दीप – नहीं!

मैं- अच्छा! कैसे नहीं करने देगी। माँ की लौड़ी तुझे करना ही पड़ेगा। इतना कहकर, उसके बाल पकड़कर उसे घोड़ी बना दिया और फिर उसके बाल खींचकर उसके चूतड़ों पर स्केल से मारने लगा!

अब मैं बोलने लगा- ले! माँ की लौड़ी, आज तो तेरी गांड फाड़ कर ही रखूँगा! बहुत तड़पाया है! तूने। वो सिर्फ सिसकारियाँ और हल्की हल्की चीख ही निकाल रही थी।

पत्नी की दमदार गांड चुदाई

मैंने एकदम से उसकी गांड में लण्ड डालना चाहा! पर गांड की छेद बन्द होने की वजह से वो फिसल गया, थोड़ी कोशिश के बाद! गांड का छेद खुल गया और मेरा आधा लण्ड अंदर गया।

अब दीप की चीख निकल गई! पर मैंने पूरी ताकत से अपना पूरा लण्ड उसकी गांड में दाल दिया। और वो दर्द की वजह से छटपटाने लगी और कहने लगी- भगवान के लिए! छोडो मुझे! बहुत ज्यादा दर्द हो रहा है!

लेकिन! मेरे कस के पकड़े रहने की वजह से, वो मेरी पकड़ से छूट नहीं पाई, पर इतनी चीख से मुझे कहाँ सुकून मिलने वाला था! मैं और धक्के पर धक्के लगाता गया।

गांड चुदाई से पत्नी बेहाल

अब वो दर्द सह नहीं पाई, और बिस्तर पर ही गिर गई! एक हाथ से मैंने उसके बाल खींचकर पकड़े रखा! और दूसरे हाथ से उसके चूतड़ों पर स्केल से जोर जोर से! बराबर उसके चूतड़ों पर मार रहा था।

मार से उसके चूतड़ लाल पढ़ गए थे और निशान भी बन गए थे। अब दीप को सीधा करके लण्ड उसके मुँह में डालकर उसकी मुँह को चोदने लगा! इस बीच मैं उसको थप्पड़ भी बराबर मार रहा था!

दर्द उसके चेहरे से साफ़ झलक रहा था। पूरा चेहरा सुर्ख पढ़ गया था। ऐसा करने में! मुझे कितना आनंद आ रहा था! बता नहीं सकता। दीप की गांड का छेद खुल गया था!

कुतिया बनाकर गांड चोदने का मजा

अब मैंने उसे कुतिया बनाया, और फिर लण्ड को गांड के छेद पर टिकाया! थोडा सा अन्दर घुसेड़ने के बाद! पूरी ताकत के साथ बाकी का हिस्सा अन्दर तक डाल दिया।

मैं झटके इतनी तेजी और बेरहमी के साथ लगा रहा था! कि वो सह नहीं पा रही थी! और 8-10 धक्कों के बाद ही संतुलन खो बैठी, और और फिर गिर गई

मैंने उसे फिर से! कुतिया बनाया, और लगातार धक्के मारने में लगा रहा। वो जितना चीखती! चिल्लाती! मुझे उतना ही आनन्द आता, और स्केल से हर 3-4 झटकों के बाद! उसके चूतड़ पर मारता रहा।

चूत और चूतड़ पर थप्पड़

स्केल से मारने से उसकी चीख और बढ़ जाती, तो मेरा भी जोश और बढ़ जाता! 25-30 मिनट बाद! जब मैं झड़ने को आया! तो मैं उठ खड़ा हुआ और फिर उसके थप्पड़ मार कर मुँह चोदने लगा।

अब मैंने उसे सीधा लिटाया, और 3-4 बार उसकी चूत पर भी हाथ से तेजी से मारे। इसके बाद मैंने उसके दोनों टाँगों को उसके कंधे पर ले गया, और फिर गांड मारने लगा!

वो बस दर्द से ऊह्ह! आईई! ज्ज! आह्! आघ! ह्हब! की आवाज निकाल रही थी। 2 मिनट! उसे इस पोज़ में चोदने के बाद, जब मैं झड़ने पर पहुंच गया! तब उसकी दोनों टाँगें कंधे पर रख ली और उसकी गांड मारने लगा!

उसकी गांड मारते हुए मैं झड़ा

शायद! दीप को भी अंदाज लग था, तो उसने भी कस कर चादर को पकड़ लिया! लगभग 50 धक्कों के बाद मेरा वीर्य निकल गया और सारा रस उसकी गांड में छोड़ दिया।

पूरा वीर्य निकल जाने के बाद! मैं हांफता हुआ, उसके ऊपर लेट गया। वो भी चादर छोड़कर मुझसे लिपट गई और और टाँगों से मेरी कमर को जकड लिया।

दीप दर्द भरी सिसकारियाँ ले रही थी! 10 मिनट बाद! उसके ऊपर पड़े रहने के बाद, मैं उसकी दूध को पीने लगा। थोड़ी देर बाद! मैं पेशाब करने चला गया, और आकर फिर देखा! तो नंगी ही बिस्तर पर पड़ी हुई थी।

मैं जाकर उसे चूमने करने लगा! वो भी मेरा साथ देने लगी, मैं इतना व्यस्त हो गया, कि पता ही नहीं चला! मेरा हाथ कब फिर से, उसके चूत और मम्मों पर पहुँच गया!

पत्नी की चूत चटाई और गांड चुदाई

मेरा मन फिर से एक बार और उसे चोदने को हुआ, तो उसने फिर से रोक दिया! मैंने फिर उसे गाल पर एक थप्पड़ मारा और बोला- कैसे नहीं चुदेगी? लेकिन वो नहीं मानी!

मैं फिर उसे चूमने लगा, और एक हाथ से उसकी चूत को मसलने लगा। उसने रोकने की कोशिश भी! लेकिन सफल नहीं हो पाई! चूमते हुए! मैं उसकी चूचियों को भी मसल रहा था।

वो फिर से गरम होने लगी, और सिसकारियाँ भरने लगी! चूत चाटी और सारा रस पी गया! वही प्रक्रिया दोहराई! लेकिन, इस बार मैंने स्केल के साथ साथ बेल्ट से भी उसके चूतड़ की पिटाई करते करते गांड मारी!

चूतड़ों और चूचियों पर बेल्ट मारने का मजा

चूतड़ ही नहीं! मम्मों पर भी बेल्ट चलाए थे, पर हल्के हल्के! लेकिन, उसकी चूतड़ पर शायद ही कोई जगह बचे हो! जहाँ पर स्केल या बेल्ट के निशान नहीं हो!

इस बार जब मैं झड़ा! तो वो बिलकुल पस्त हो चुकी थी, दर्द से बहुत जोर से कराह रही थी। फिर वो पेशाब करने चली गई! मेरा मन एक बार और उसे चोदने का हो रहा था!

अब वो बिल्कुल भी इस हालात में नहीं रही! की चोद सकूँ! जब वो आई, तो पेशाब करने चला गया। जब वापस आया तो देखा! कि उसका पूरा गाल लाल पड़ा था!

चेहरे पर सिर्फ मेरी उंगलियों के निशान थे, आँखें लाल हो रही थी। बाल तो उसने पहले ही ठीक कर लिए थे। मम्मों पर काटने के निशान, और चूतड़ पर तो कहना ही क्या! उसकी गांड पूरी सूज गई थी।

मैंने दीप को सीधा किया और पूछा- ज्यादा तकलीफ तो नहीं हो रही है।

पत्नी ऐसा ही चुदना पसंद करती है

यह सुनते ही! उसने एक ही साँस में हल्के हाथों से मेरे गालों पर लगातार 15-20 थप्पड़ लगाए! और बोली – इतने महिनों के बाद तुम्हें यह समझ आया! मुझे इसी तरह चुदना था!

यह सुनते ही! मेरी ख़ुशी का ठीकाना नहीं रहा! मैंने जोश में उसकी चूतड़ की दरार के बीच से उसकी गांड को बहुत तेजी से मसला! तो दर्द की वजह से सहन नहीं कर पाई।

वो जितना छूटने की कोशिश करती! मैं उतनी ही तेज उसकी गांड को मसलता। जब उसे बहुत ज्यादा दर्द हो गया! तो छूटने के लिए उसने मेरी भुजा को पूरी ताकत से काट लिया।जिसका निशान अभी भी हैं!

छोड़ने के बाद देखा! तो उसका चेहरा दर्द के मारे पूरा लाल हो गया था और आंसू भी निकल आए थे। फिर, मैंने उसके आँसू पोंछे!

उसके दोनों चूतड़ों पर 15-15 चुम्मियाँ किए! फिर, उसके बाद दोनों गालों को चूमा और नंगे ही चिपक कर सो गए।

उसके बाद मैंने लगातार 4 दिन दीप गांड को चोद फाड़ कर रख दी!

दोस्तो, यह थी प्रदीप जी की कहानी उन्हीं की जुबानी, आपको कहानी कैसी लगी?
अपनी राय जरूर भेजे।
मेरी ईमेल आईडी है- [email protected]

पत्नी मेरा लण्ड चूस रही थी और मैं उसकी चूत, पर एकाएक मैंने उसको उठाया और उसके बाल को पकड़ कर मैंने अपने लौड़े को उसके मुँह में डाल उसकी मुँह को चोदने लगा और चूतड़ पर थप्पड़ मारने लगा जिससे उसको मजा आ रहा था. अब Meri Sex Story में मैंने उसकी चूत और चूतड़ पर बेल्ट से मार उसकी चूत चोदी और गांड की सील खोली..

Written by

akash

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