जनवरी 2015 की लोकप्रिय कहानियाँ

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चाची ने चाचा से चुदवाई मेरी चूत 1

२००३ की बात है, मैं अमरावती में रहती थी।

हमारा घर काफ़ी बडा था। मेरे पापा और मम्मी दोनों सर्विस करते थे और मैं उनकी अकेली लड़ली बेटी थी।

वे दफ़्तर चले जाते और मैं स्कूल। शाम को हम सब घर आते।

हमारा घर बडा था इसलिए पापा ने सोचा कोई किरायेदार रख लें। दो-तीन दिन में ही एक किरयेदार घर देखने के लिए भी आ गए।

रेखा चाची और दिनेश चाचा।।।

दोनों बहुत अच्छे थे। चाची की उम्र लगभग २५ थी और चाचा की लगभग २७।

वे दोनों मुझे बहुत अच्छे लगते। चाची तो जैसे मुझे दूसरी माँ लगती क्यूंकि जब भी मम्मी मुझे डाटतीं तो वो मुझे लेकर अपने घर जातीं और मेरी पसंद की चोकलेट और गुलाब-जामून देतीं।

चाचा भी मुझे बहुत प्यार करते और कभी नहीं डांटते।

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नीतू ने चुदवाई प्रिया की कुंवारी चूत 1

यह बात आज से दो साल पुरानी है, जब मैं 18 साल का था और मैंने पहली बार नीतू के साथ सेक्स किया था।

मैं जब भी नीतू के साथ सेक्स करता, वो उसकी फ्रेंड को जा कर बता देती, इस कारण उसका भी सेक्स करने का मूड हो जाता।

मैं नीतू के साथ लगभग रोज़ सेक्स करता था।

रोज़ की तरह, उस दिन भी मैं नीतू के घर गया और डोर-बेल बजाई और नीतू ने दरवाजा खोला।

उसने नीले और लाल कलर का गाउन पहनी हुई थी, मैंने उसको कमर से पकड़ के ऊपर उठाया और उसके रूम में ले गया और जब मैंने बिस्तर पर देखा तो मैं देखता ही रह गया।

बिस्तर पर कोई लड़की बैठी हुई थी, वो बहुत खूबसूरत थी। उसका रंग एकदम दूध जैसा गोरा था, फिगर ३२-२६-३४ का होगा।

उसने बैंगनी कलर का टी-शर्ट पहना था और काले कलर का जीन्स पहना था।

उसकी उम्र लगभग 20 की होगी और वो मुझे देख-देख के स्माइल दे रही थी और तभी नीतू नीचे उतर गई और उसके पास जाकर बोली…

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आंटी की गांड की गोलाई 1

बात तब की है जब मैं 12 वीं में पढ़ता था।

मैं घर से दूर कमरा किराये पर लेकर रहता था। वहीं हमारे बगल में एक चाचा जी रहते थे जो की हमारे ही गाँव के थे।

उनकी बीवी आज-कल की कटरीना से किसी भी हालात में कम नहीं थीं।

एकदम लम्बी सुरीली कमर, लम्बे-लम्बे बाल गांड के नीचे तक लहराते।

उफ़!! मजा आ जाता था देखकर ही, देखते ही लंड सलामी देने लगता।

ओह, माफ करना मैं अपने बारे में तो बताना भूल ही गया। उस टाइम मैं 16 साल का था। स्पोर्टी लुक था मेरा तो एक दम स्टाइल में रहता था। गली की सारी लड़कियाँ मुझे घूरती रहती थीं।

चाचा जी भी मुझे खूब प्यार करते थे।

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होटल में करी किरन की चुदाई 1

बात उन दिनों की है जब मैंने पहली बार स्नातक कालेज में एडमिशन लिया था और कालेज में मेरा कोई दोस्त नहीं था।

मैं क्लास में जब गया तो वहाँ सबसे पहले मेरी नज़र एक बहुत सुन्दर सी लड़की पर गयी। उसने मुझे देखा और सब कुछ ठहर सा गया। लगा कि जैसे वक्त रूक गया है फिर मैं उस लड़की की बाराबर वाली बेंच पर जाकर बैठ गया और रूक-रूक कर उसी को देखता रहा।

पता नहीं कब सर क्लास में आ गये और मुझे खड़ा कर दिया और कहा – मेरे आने के बाद भी लडकियों को देख रहा है, अब जब तक मैं नहीं जाता ऐसे ही खड़े रहे।

मुझे बहुत शर्म आ रही थी कि पहले ही दिन सर ने मुझे खड़ा कर दिया।

क्लास के बाद मैंने उस लड़की को रोका और उसका नाम पुछा, उसने बताया उसका नाम किरन है।

किरन – आप मेरी वजह से सबके सामने शर्मिंदा हो गये, मुझे माफ कर देना।

मैं – आप की वजह से? मैं कुछ समझा नहीं।

किरन – वो मेरे पिता जी थे जिसने तुमको खड़ा कर दिया, क्योकि तुम मुझे कब से घूरे जा रहे थे। ये पिता जी ने देख लिया और आपको खड़ा कर दिया।

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मुस्कान और संजना ने सिखाई चूत की असली चुदाई

पिताजी ने मेरा आगरा के एक स्कूल में कक्षा १० में दाखिला करवा दिया और हॉस्टल में रहने के लिए कमरा भी दिलवा दिया।

उम्र के साथ-साथ मेरा लण्ड भी ९ इंच का हो गया, जो खड़ा होने पर एक विकराल रूप धारण कर लेता था।

करीब दो साल बाद एक रवि चौहान नाम का लड़का जो शिकोहाबाद का रहने वाला था, मेरी ही कक्षा में प्रवेश लेने के लिए आया।

प्रिन्सिपल साहब ने उसे मेरा रूम पार्ट्नर बना कर भेजा। एक-दो दिन उसके साथ रहने पर पता चला कि वो नंबर एक का बिगड़ा हुआ बड़े बाप की औलाद है और उसके शौक बड़े लड़कों की तरह थे जैसे सिगरेट पीना, रंडी बाज़ी करना आदि, जिसके लिए वो रंडी बाज़ार के चक्कर भी लगाया करता था।

कहाँ मैं गाँव का सीधा-सादा लड़का था और कहाँ वो शहर का चालू और बिगड़ा हुआ लड़का था। मगर मैं करता भी क्या? रूम पार्ट्नर जो था…

मुझे उससे दोस्ती करनी पड़ी, लेकिन मैंने उसके किसी भी शौक को अपने गले नहीं लगाया। मेरी उससे दोस्ती सिर्फ़ रूम शेयर करने की थी।

कुछ दिन बाद एक हफ्ते की छुट्टियाँ होने की वजह से ज़्यादातर लड़के और लड़कियाँ अपने-अपने घर चले गये थे, उसी दोपहर करीब दिन के ३ बजे वो ट्यूशन से लौटकर आया तो उसने मुझसे कहा कि बाज़ार में दो पटाखा लड़कियाँ आई हैं, देखते ही तेरी लार टपक जाएगी।

मैंने उसको मना तो कर दिया, लेकिन मेरा लण्ड सुन कर खड़ा हो गया। उसने मेरे लण्ड की और देखा और मुस्कुरा कर चला गया।

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Written by

मस्त कामिनी

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