मई 2015 की लोकप्रिय कहानियाँ

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कुंवारी योनि – वरदान या अभिशाप 1

मित्रो, मैं सुरभि। 22 साल की “एक खूबसूरत महिला” हूँ…

अभी दो साल पहले ही मेरी शादी जयपुर निवासी आलोक से हुई है।

उन दिनों मैं देल्ही के ग्रीन पार्क में रहती थी और मेरी एक ननद रूपाली भी करोल बाघ में रहती है।

उनके पति माधव सिंह का “स्पेयर पार्ट” का बिज़्नेस है।

रूपाली दीदी बहुत ही हँसमुख महिला हैं।

माधव जी मुझे अक्सर “गहरी नज़रों” से घूरते रहते थे, मगर हमेशा मैंने नज़र अंदाज़ किया।

मैं बहुत “सेक्सी लड़की” थी…

मेरे कॉलेज मे काफ़ी चाहने वाले थे, मगर मैंने सिर्फ़ दो लड़कों को ही लिफ्ट दी थी, लेकिन मैंने कभी किसी को अपना बदन छूने नहीं दिया इस वजह से बात नहीं बन पाई।

मैं चाहती थी की “सुहाग रात” को ही मैं अपना बदन अपने पति के हवाले करूँ!!

मगर मुझे क्या पता था की मैं शादी से पहले ही “सामूहिक संभोग” का शिकार हो जाउंगी और वो भी ऐसे आदमी से जो मुझे सारी जिंदगी रौंदता रहेगा… …

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बैंक की नौकरी के बहाने चुदी छोकरी 1

मैं अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी ढूँढ रही थी।

जब ज़्यादा कहीं बात नहीं बनी, तो मैंने एक स्कूल में टीचर की नौकरी शुरू की।

लेकिन मेरी उस नौकरी से कोई भी ज़्यादा खुश नहीं था, ना मैं और ना ही सुयश और ना ही मेरे माता-पिता…

हम सब मेरे लिए कोई अच्छी नौकरी चाहते थे, जैसे बैंक की।

मैं बताना चाहूँगी मेरे एक चाचू हैं, जो पंजाब में रहते हैं, उनका नाम रंजीत है और वो बहुत पैसे वाले हैं।

इसलिए मम्मी ने उनसे मेरी नौकरी के बारे में बात की तो चाचू ने कहा – ठीक है, मैं रूचि को नौकरी दिला दूँगा… एक बैंक में मेरा जानकार है, मैं उससे बात करूँगा…

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सुबह सवेरे मुँह में मेरे 1

सुबह 8:00 बजे, मेरी आँख खुली और मैंने उनकी (मेरे पति) ओर देखा।

सुबह की रोशनी खिड़कियों पर लगे पर्दों के बावजूद बेडरूम में पहुँच रही थी और मैंने देखा की अपने होठों पर प्यारी सी मुस्कान लिए, वो गहरी नींद में सो रहे थे…

उनके “नंगे बदन” को देख कर मुझे बहुत गर्व हुआ की मेरे पति इतने सुंदर, इतने मज़बूत और चुदाई को मेरी तरह प्यार करने वाले इंसान हैं…

मैं बहुत ही भाग्यशाली हूँ की मुझे ऐसा “जीवन साथी” मिला है।

मैंने अपनी “नंगी चुचियों” को उनकी चौड़ी छाती पर रगड़ा और उनकी आँख खुल गई और उन्होंने मेरे “नंगे बदन” को अपनी बाहों में ले कर अपने “नंगे बदन” से चिपका लिया।

बिना मुँह साफ किए ही, हमने एक दूसरे को काफ़ी देर तक चूमा…

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Lund Hai Tagda, Fir Bhi Hai Jhagda 1

Mera naam, Prachi hai.

Mere Vivaha ko teen saal ho gaye hain…

Mera rang gora,, chehara akarshak aur badan kasa hua hai.

Mere Pati, mujh ko behad pyar kartey hain, lekin na jane kyon abhi tak main “Maa” nahi ban pai hoon!!!

Halaki, mere Pati ka badan “Tagda” hai, Unke Ling (Lund) ka aakaar bhi “Bada aur Mota” hai, lekin mujhe unke saath SAMBHOG (Chuddai) me maza nahi aata hai.

Iska kaaran, main swayan bhi nahi jaanti… …

Vaise andruni taur per, Pichaley kai saalon se main ek “Manovikrity Ka Shikaar” hoon.

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चुदाई का सफर: निगोड़ी चूत 1

मेरी चुदाई का ये अगला सफ़र शुरू करने के पहले, मैं संक्षेप में आप को बताना चाहती हूँ की मैंने अपने प्रेमी से चुदाई का संबंध बनाने के पहले अपने बारे में और मेरे चाचा के बारे में सब कुछ सच बता दिया था.

मैंने उस को साफ़ साफ़ बता दिया था की मैं किन हालात में अपने चाचा से चुदवा रही हूँ, जब मैं सिर्फ़ 14-15 साल की ही थी.

मैंने उसको ये भी बताया की चाचा भी चाहते हैं की मैं तुम को सब कुछ सच सच बता दूँ.. ..

ये सुन कर वो थोड़ा तो उदास हुआ, जो की ज़रूरी भी था. अगर वाकई, वो मुझसे प्यार करता था!!

पर फिर, उस ने कहा – मैं तुम से प्यार करता हूँ, कशिश.. तुम ने सच सच बता कर अपने आप को और भी उँचा कर लिया है.. ..

फिर उसने भी ये बताया की उसके संबंध भी एक नयी नयी शादीशुदा, उसकी पड़ोस की, उसके दोस्त की पत्नी से है.

उसका दोस्त, अपनी पत्नी को बिल्कुल भी नहीं चोद पता और उसका बाहर ही निकल जाता है..

उस के “कुंवारेपन की सील” भी उसी ने तोड़ी थी!!!

हम ने एक दूसरे से वादा किया की हम “सच्चा प्यार” करेंगे और हमारे शादी से पहले के चुदाई के संबंध हमारे बीच मे नहीं आएँगे..

तो अब पढ़िए, मेरी चुदाई के सफ़र का अगला भाग.. .. .. ..

पूरी कहानी यहाँ पढ़िए…

Written by

मस्त कामिनी

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