अक्टूबर 2015 की लोकप्रिय कहानियाँ

5 min read

लंड फोड़, बिस्तर तोड़ छमिया 1

कहानी शुरू करने से पहले, मैं आप सबको अपने परिवार के बारे में बता दूँ।।

मेरे परिवार में 4 लोग हैं – मैं, मेरे पापा, मेरी मम्मी और मेरी बड़ी बहन यानी मेरी दीदी।।

मेरी बहन, दूसरे शहर में रह कर पढ़ाई कर रही है।।

मेरे पापा, एक मल्टी नेशनल सॉफ्टवेयर कंपनी में “प्रोजेक्ट मैनेजर” हैं और ज़्यादातर बाहर ही रहते हैं।।

उनकी कंपनी के सभी क्लाइंट्स, अनुमन “विदेशी” ही रहते हैं इसलिए बमुश्किल वो साल में एक बार या कभी कभी 2 बार ही घर पर लंबे समय के लिए आ पाते हैं।।

घर पर ज़्यादातर, मैं और मेरी मम्मी अकेले ही रहते हैं।।

अब बात मेरी मम्मी की।।

उनका नाम – महक है।।

सच कहूँ दोस्तो तो वाकई मेरी मम्मी देखने में बहुत सुन्दर है।।

उनका रंग बिल्कुल गोरा है और मेरी मम्मी का फिगर बहुत अच्छा है।।

उनकी गाण्ड थोड़ी बड़ी है पर चुचे बिल्कुल आकार लिए हुए हैं।।

पूरी कहानी यहाँ पढ़िए…

कुंवारी कली 1

एक बार महाराष्ट्र की एक सिटी से, मेरे पास कॉल आया.

एक लड़की का कॉल था.

वो मेरी सेवा लेना चाहती थी.

मैंने उसकी उम्र पूछी तो मैं सुनकर हैरान रह गया.

वो, 18 साल की लड़की थी.

मैंने उससे पूछा की इससे पहले क्या, आपने “सेक्स” किया है…

मस्त कहानियाँ हैं, मेरी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर !!! !!

वो बोली – नहीं… इसीलिए तो आपसे संपर्क किया है, मैंने… आप पैसे की चिंता नहीं करना… आप जितना वोलो, मैं दे दूँगी…

मैंने बोला – ठीक है… मुझे कब और कहाँ आना है…

तो उसने मुझे अपना मोबाइल नंबर दिया और उस शहर में आने को बोला, जहाँ वो रहती थी.

मैं उसके शहर में पहुँच गया.

पूरी कहानी यहाँ पढ़िए…

चुदाई का सफर: दो चूत रानी, एक लण्ड राजा 1

आप लोगों का ज़्यादा वक़्त ना लेते हुए, मैं शुरू करती हूँ अपनी चुदाई का सफर.. !!..

“अपनी चुदाई का सफर: दो चूत रानी, एक लण्ड राजा”

तो.. !!.. .. !!..

अगले दिन सुबह, मैंने गंगा के सास ससुर से गंगा को हमारे साथ फार्म हाउस ले जाने की पर्मिशन ले ली थी..

हम दोपहर का खाना खाने के बाद, तुरंत ही मेरे पिताजी के फार्म हाउस के लिए रवाना हो गये क्यों की देर शाम तक हमको वापस भी आना था..

मेरे पति कार चला रहे थे और मैं गंगा के साथ पिछली सीट पर बैठी थी..

सड़क पर थोड़ी भीड़ थी, जिस की वजह से मुझे थोड़ी निराशा हुई की मैं चलती कार मे अपने पति और गंगा के साथ ज़्यादा कुछ नहीं कर सकी..

फिर भी, मैंने कई बार गंगा को चूमा, उसकी चुचियाँ दबाई और कई बार उसकी पहनी हुई पंजाबी ड्रेस (सलवार) के ऊपर से ही उसकी चूत की मालिश भी की..

मेरे पति कार चलाते हुए, हम को देख देख कर मज़ा ले रहे थे..

आधे घंटे मे हम, हमारे फार्म हाउस पर पहुँच गये..

थोड़ी गरमी पड़ रही थी..

हमने अंदर पहुँच कर, थोड़ी देर आराम किया और बातें करते रहे..

बातें करते करते, मैंने हमारे फार्म के पीछे बने स्विमिंग पूल पर जाने का विचार रखा..

पूरी कहानी यहाँ पढ़िए…

पराया मर्द 1

मेरी उम्र 16 साल है और मेरी अम्मी की उम्र 35 और अब्बू की उम्र 37 है.

मैं, अपने अम्मी-अब्बू की एकलौती औलाद हूँ.

अब्बू एक बिजनेसमैन हैं और अम्मी एक गृहणी हैं.

अब्बू और अम्मी, एक बहुत खूबसूरत कपल हैं.

अम्मी एक आधुनिक महिला हैं और वो अपने “फिगर” का बहुत ख़याल रखती हैं.

अब्बू भी कुछ कम नहीं हैं और वो भी अभी तक, बहुत स्मार्ट और जवान लगते हैं.

अम्मी का नाम हुमा और अब्बू का नाम जलाल है.

अम्मी का फिगर, लगभग “36-30-38” है.

लंबाई 5.7 के लगभग है और वो, एक बेहद गोरी और खूबसूरत औरत हैं.

यह, 2 साल पहले का वाक़्या है.

उस दौरान, मुझे अम्मी अब्बू के बारे में काफ़ी कुछ जानने का मौका मिला.

पूरी कहानी यहाँ पढ़िए…

छोटे भाई की बड़े शहर की बहन 1

मेरा नाम दीपक पांडे है और ये कहानी उस समय की है, जब मैं अपनी दीदी के घर पहली बार उनकी शादी के बाद गया था.. .

मैं सबसे पहले आप लोगों का परिचय, अपनी दीदी से करवा दूँ.. .

मैं जिस समय की स्टोरी लिख रहा हूँ, उस समय पर मेरी दीदी की उम्र 22 साल थी और उनकी शादी को अभी 6 महीने भी नहीं हुए थे.. .

मस्त कहानियाँ हैं, मेरी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर !!! !!

चूँकि जीजा जी की प्राइवेट नौकरी थी और वो अपने घर यानी माता पिता से दूर रहते थे इसलिए दीदी भी शादी के बाद, जीजा जी के साथ ही रहने के लिए इंदौर शिफ्ट हो गईं.. .

इंदौर में, दीदी और जीजा जी एक फ्लैट में रहते थे.. .

चूँकि जीजा जी एक बड़ी कंपनी में काम करते थे, इसलिए वो अक्सर देर रात तक आते.. .

और तो और, कंपनी के काम से कई दिनों तक के लिए विदेश की ट्रिप पर भी निकल जाते.. .

इस वजह से, दीदी को काई बार देर रात तक अकेला रहना पड़ता या कई कई दिन तक भी.. .

मेरी दीदी एक दम गोरी हैं और उनका फिगर भी ऐसा था की मुर्दे का भी खड़ा हो जाए, उन्हें देख के.. .

घर पर भी जब दीदी रहती थीं और जब वो नहा के निकलती थीं, उनके गीले बाल और चिपके चिपके कपड़े देख के तो मेरा भी खड़ा हो जाता था.. .

वैसे मैं अपनी दीदी के बारे में पहले से ही काफ़ी कुछ सुन चुका था की उनके कई सारे “लफ़ड़े” हैं पर मैंने उन्हें कभी भी, किसी लड़के के साथ नहीं देखा था.. .

या तो दीदी बहुत चालू थीं या फिर, मैं और हमारे घर वाले बहुत बड़े चूतिए थे.. .

पूरी कहानी यहाँ पढ़िए…

Written by

मस्त कामिनी

Leave a Reply