वर्ष 2015 की सर्वश्रेष्ठ कहानियाँ

12 min read

मुस्कान और संजना ने सिखाई चूत की असली चुदाई

मैं आगरा के इरादात नगर से एक २१ साल का नौजवान लड़का हूँ और ईश्वर ने मुझे अच्छे शरीर और लंबे मोटे लण्ड का मालिक बनाया है।

बताते हैं कि जब मैं करीब ५ साल का था तब मेरे लण्ड की लंबाई करीब ६ इंच की थी और गर्मी की छुट्टियों में पड़ोस की सभी जवान लड़कियाँ दोपहर में खेलने के लिए मेरी मम्मी से पूछकर मुझे अपने घर ले जाया करती थीं।

उसके बाद वो सभी इकट्ठा होकर मुझे एक कमरे में लेकर दूल्हा-दुल्हन का खेल खेलती थीं, मैं छोटा होने के कारण कुछ भी समझ नहीं पाता था।

सभी लड़कियाँ बारी-बारी से मेरा लण्ड मुँह में लेकर चूसती थीं और जैतून के तेल से मालिश भी करती थीं। समय काफ़ी तेज़ी के साथ गुज़रता रहा और मैं एक १४ साल का जवान लड़का बन गया।

पिताजी ने मेरा आगरा के एक स्कूल में कक्षा १० में दाखिला करवा दिया और हॉस्टल में रहने के लिए कमरा भी दिलवा दिया।

उम्र के साथ-साथ मेरा लण्ड भी ९ इंच का हो गया, जो खड़ा होने पर एक विकराल रूप धारण कर लेता था।

करीब दो साल बाद एक रवि चौहान नाम का लड़का जो शिकोहाबाद का रहने वाला था, मेरी ही कक्षा में प्रवेश लेने के लिए आया।

प्रिन्सिपल साहब ने उसे मेरा रूम पार्ट्नर बना कर भेजा। एक-दो दिन उसके साथ रहने पर पता चला कि वो नंबर एक का बिगड़ा हुआ बड़े बाप की औलाद है और उसके शौक बड़े लड़कों की तरह थे जैसे सिगरेट पीना, रंडी बाज़ी करना आदि, जिसके लिए वो रंडी बाज़ार के चक्कर भी लगाया करता था।

कहाँ मैं गाँव का सीधा-सादा लड़का था और कहाँ वो शहर का चालू और बिगड़ा हुआ लड़का था। मगर मैं करता भी क्या? रूम पार्ट्नर जो था…

पूरी कहानी यहाँ पढ़िए…

सामूहिक चूत चुदाई का आनंद 1

बलदीप और संजय दोनों बहुत अच्छे दोस्त थे। उन्होंने कालेज की हाल ही में नई-नई शुरुआत की थी…

दोनों ही दिखने में एकदम स्मार्ट और सेक्सी थे।

दोनों की दोस्ती रजनी और दीपिका से हुई, वह दोनों भी दिखने में कहीं से कम नहीं थीं।

वक़्त के साथ धीरे-धीरे उनकी दोस्ती आपस में बढ़ने लगी, और कुछ ही समय में वो एक-दूसरे के बहुत करीब आ चुके थे…

अनुमन जैसा की सभी प्रेमी युगल में होता है, उनके रजनी और दीपिका से सेक्स सबंध भी बन चुके थे।

इसी बीच नया वर्ष आ गया तो उन्होंने ने कहीं घुमने जाने के बारे में सोचा, काफ़ी सोच-विचार के बाद उन्होंने मनाली जाकर नया वर्ष मनाने की सोची।

अगली सवेरे सभी अपने-अपने घर से निकल गए और एक जगह इक्कठे हुए।

फिर सभी बलदीप की कार में बैठ कर मनाली के लिए निकल पड़े…

कुछ समय के सफ़र के बाद वो खाने के लिए वह एक होटल में रुके और खाना खाने के बाद वो फिर से अपनी कार की और चल पड़े।

इसके बाद बलदीप ने रजनी को आगे और दीपिका को पीछे संजय के साथ बैठने को कहा और वह फिर से मनाली की और निकल पड़े।

तब संजय ने अपने फ़ोन पर कुछ विडियो डाउनलोड की और दीपिका को दिखाने लगा, पहले तो दीपिका शरमा रही थी पर कुछ ही देर में उसका भी मन मचलने लगा। वही विडियो उसने रजनी को भी दिखाई…

ये तो जाहिर था, दोनों बलदीप और संजय की दीवानी हो चुकी थी।

कुछ ही देर में वो मनाली पहुंचने वाले थे।

पूरी कहानी यहाँ पढ़िए…

Mujhe Randi Banna Hai 1

Baat hai mere 19th birthday wale din ki… Usi din maine aur meri friend Anchal ne ek plan banaya…

Anchal ne bataya ki uska ek friend ki ek randi jaankar hai… Anchal ne uska adress pata kiya aur hum dono uske pass gaye…

Vo randi ek kothe mai rahti thi joki Haryana ke Rohtak mai tha… Maine ghar mai batya ki mai mere birthday ki night apne friends ke sath bitayungi aur phir Anchal aur mai uss randi ke pass gaye…

Kafi saari patli patli galiyon mai se nikalne ke baad hum ek chote se ghar mai gaye jahan hume vo randi mili… Usne apna naam
Twinkle bataya…

Twinkle boli – Chalo, yahan se bahar chalo… Yahan kissi ne tum shehar ki choriyon ko dekhliya to yahin sadak pe chood denge!!!

Hum teeno wahan se bahar nikal ke main road pe apni gadi mai jaake baith gaye…

Twinkle boli – Tujhe paise ki to zaroort to lag nahi rahi… Tu yeh kyu kar rahi hai?

Main – “Maze ke liye…”

पूरी कहानी यहाँ पढ़िए…

Chut Ka Interview 1

Baat tab ki hai jab main apna MBA ka course khatam kar ke job dhundne ke liye nikali thi.

Maine apna MBA “Finance aur Accounting” me kiya hai aur bade hi ache marks se graduate hui thi.

Mere saare ghar wale mujhse bade hi khush the!!!

Mai ek mahenati ladki hoon. Hamesha hi hasmuk rehti thi. Aur life me kuch banana chahti ho.

Par shyayad kismet ko yeh manzoor nahi tha!! !!!

College mai bhi kai ladke mujhpe line maarte the par maine unpe dhyan nahi deti thi.

Aisa nahi ki meri Chut pani nahi chodti thi ya mujhe sex ka maan nahi hota tha mai bhi ek “Aam-Ladki” thi par mujhe apna career banana tha, Mujhe pata tha ek baar acha career ban gaya to LAUDE to mil hi jayenge…

In the mean time mai Porn Sites se videos download karke ya MSS jaise sites se stories padh kar muth mar leti thi.

पूरी कहानी यहाँ पढ़िए…

मज़बूरी या मज़ा 1

दोस्तो, मैं एक ‘विडो’ हूँ और मेरे पति की डेथ 2।5 साल पहले हुई थी।

मेरी दो लड़कियां है। एक 10 और एक 7 साल की। जब उनकी डेथ हुई तो मैं एक साधारण हाउसवाइफ थी और घर खर्च का सारा बोझ उन्हीं पर था।

उनकी अचानक डेथ से घर का सब लोड मुझ पर आ गया।

कुछ दिन तो सरलता से कट गये और 2 महीने होते होते मैं एक जॉब पर लग गई। सैलरी कुछ ख़ास नहीं थी पर जैसे तैसे घर का गुज़ारा कर लेती थी।

हमारे घर में हम चार लोग रहते थे। मैं, मेरी दो लड़कियां और मेरी सास।

मेरी सास भी ‘विडो’ थीं। उनके लिए भी मैं ही एक सहारा थी…

इनकी मृत्यु के बाद मैं अब उनके लिए उनकी बेटी जैसी हो गई थी!! मेरी सास दुनिया के विपरीत, मुझसे बहुत प्यार करती थीं।

मेरे ससुर की भी डेथ जवानी मैं ही हुई थी और मेरी सास ने ही मेरे पति को पढ़ाया और उनकी परवरिश की थी।

वो बखूबी समझती थीं की मुझ पर क्या गुजरती थी…

खैर, अब स्टोरी पर आती हूँ…

यूँ तो सब ठीक ही चल रहा था… पर एक दिन अचानक शाम को मेरे मोबाइल पर कोई “अनजान नंबर” से फोन आया!!

पूरी कहानी यहाँ पढ़िए…

आँखों के सामने चुदी मेरी माँ

दोस्तो, यह भी एक सच घटना है की कैसे मैंने अनायास अपनी माँ को चुदते देखा… … .. ..

बात जब की है जब मेरे घर पर मेरी माँ, पापा थे। दीदी की शादी हो चुकी थी और मैं भी हॉस्टल में रह कर पढ़ाई कर रही थी, जैसा आप लोग जानते ही हैं!!!

तो हुआ यूँ की एक दिन मेरी मेरे बॉय फ्रेंड से बहस हो गई और मैं गुस्से में घर के लिए निकल पड़ी…

हॉस्टल में लाइट नहीं होने की वजह से मेरे मोबाइल की बैटरी लो थी। सो, जैसे ही मैंने पापा को फोन लगाया; मेरा मोबाइल डेड हो गया…

मेरा घर का रास्ता करीब २-२:३० घंटे का ही है तो सोचा – चलो, अभी तो पहुँच ही जाउंगी… …

मैं ट्रेन में बैठी और घर के लिए निकल पड़ी!!

शाम को जब मैं घर पहुँची तो पापा टीवी देख रहे थे… मुझे देख कर पापा खुश हो गये और मैंने पूछा – मम्मी कहाँ है…??

पापा बोले – यहीं आस-पड़ोस में गई हैं।

मुझे गुस्सा आ रही थी, एक तो बॉय फ्रेंड से बहस हुई थी दूसरे मुझे भूख लग रही थी। सो, मैं मम्मी को ढूढ़ने निकल पड़ी!!

हमारा घर दो मंज़िला है और दूसरी मंज़िल की सीडियाँ घर के बाहर से हैं…

शायद मम्मी ने जानभूझ कर बनवाई हैं; जिससे दीदी यहाँ आएँ तो आराम से ऊपर चुदती रहें और जीजू को पता भी नहीं चले… …

खैर, मैं जैसे ही गेट खोल कर बाहर निकल रही थी, मुझे एकदम से किसी के मोबाइल बजने की आवाज़ कानों में आई, बस एक ही पल के लिए!!

पर यह तय था कि आवाज़ ऊपर से ही आई है, मुझे लगा ऊपर कौन है… ??

एक अंजान डर से मैं दबे पाँव ऊपर चढ़ने लगी, बहुत सावधानी से… …

पूरी कहानी यहाँ पढ़िए…

कुंवारी योनि – वरदान या अभिशाप 1

मेरे कॉलेज मे काफ़ी चाहने वाले थे, मगर मैंने सिर्फ़ दो लड़कों को ही लिफ्ट दी थी, लेकिन मैंने कभी किसी को अपना बदन छूने नहीं दिया इस वजह से बात नहीं बन पाई।

मैं चाहती थी की “सुहाग रात” को ही मैं अपना बदन अपने पति के हवाले करूँ!!

मगर मुझे क्या पता था की मैं शादी से पहले ही “सामूहिक संभोग” का शिकार हो जाउंगी और वो भी ऐसे आदमी से जो मुझे सारी जिंदगी रौंदता रहेगा… …

शादी की सारी बातचीत रूपाली दीदी ही कर रही थी इसलिए अक्सर उनके घर आना जाना लगा रहता था। कभी कभी मैं सारे दिन वहीं रुक जाती थी…

एक बार तो रात में भी वहीं रुकना पड़ा था…

मेरे घर वालों के लिए भी ये समान्य बात हो गई थी। वो मुझे वहाँ जाने से नहीं रोकते थे।

शादी को अब सिर्फ़ बीस दिन बाकी थे।

इधर मुझे अक्सर रूपाली दीदी के घर आना जाना पड़ता था…

पूरी कहानी यहाँ पढ़िए…

भैया की फटी गाण्ड, बहन बन गई रांड 1

आज मैं जो कहानी लिखने वाला हूँ, वो मेरी बहन की है.. कैसे, मेरी बहन “कोठे की रंडी” बनी..

तो सबसे पहले, मैं आपको मेरी बहन के बारे में बता दूं।

उसका नाम जैस्मिन है और वो 22 साल की है.. उसका फिगर, 36-28-38 है.. रंग गोरा है और चेहरा आकर्षक..

आपको, पता चल ही गया होगा की मेरी बहन कैसे होगी।

आजकल की लड़कियों की तरह, वो भी अपनी गाण्ड को बहुत मटका मटका कर चलती है…

वो हमेशा, जीन्स और स्कर्ट ही पहनती है..

तो, अब मैं कहानी पर आता हूँ… …

ये बात, पिछले साल की है।

दोस्तो, मैं गोआ का रहने वाला हूँ और उन दिनों दोस्ती-यारी में मुझे गैंबलिंग का शौक, लग गया था।

पूरी कहानी यहाँ पढ़िए…

एक था राजा, एक थी दासी 1

यह कहानी है, हिमालय की वादियों में बसे एक राज्य की.. जिसका नाम था, कामपुर.. ..

यह नाम, इस राज्य को इसलिए मिला था क्यूंकी यहाँ कामदेव और रति की विशेष कृपा थी.. जिसके कारण, कोई भी लड़का या लड़की इस राज्य में कुँवारा नहीं रहता था..

इस राज्य के राजा “लिंगवर्मा” थे… !!

उसकी शरण में, राज्य बड़ा सुखी और शांत था और राजा ने अपने राज्य को और अधिक समृद्धशाली बनाने के लिए, अपने पड़ोसी राज्य योनपुर के राजा की बेटी “वक्षकुमारी” से शादी करने का प्रस्ताव लेकर राजा से मिलने गये।

राजकुमारी बहुत ही सुंदर लड़की थी… !!

उसे जब राजा लिंगवर्मा ने देखा तो वो उसके योवन में खो गये..

राजकुमारी का गोरा रंग, दूध जैसा था..

उसके बड़े बड़े खरबूजे जैसे चूचे, जो उसकी चोली को फाड़ कर बाहर निकलने के लिए तड़प रहे थे और उसके चुत्तड़ तो बिलकुल सुडोल और बेहद आकर्षक थे… !!

जब राजा ने उसे देखा तो राजकुमारी अपनी सखी और दसियों के साथ खेल रही थी और भागने दौड़ने के कारण, उसके गाल लाल पड़ गये थे।

राजा का मन तो यह कर रहा था की अभी ही वो राजकुमारी के गालों को चूम ले.. मगर, वो कोई ग़लत काम नहीं करना चाहते थे.. इसलिए, वो सीधे ही योनपुर के राजा के महल में, उनसे उनकी बेटी का हाथ माँगने चले गये..

पूरी कहानी यहाँ पढ़िए…

बीवी के सारे छेदों का लण्ड भेदन 1

मेरे परिवार में 4 लोग हैं – मैं, मेरे पापा, मेरी मम्मी और मेरी बड़ी बहन यानी मेरी दीदी।।

मेरी बहन, दूसरे शहर में रह कर पढ़ाई कर रही है।।

मेरे पापा, एक मल्टी नेशनल सॉफ्टवेयर कंपनी में “प्रोजेक्ट मैनेजर” हैं और ज़्यादातर बाहर ही रहते हैं।।

उनकी कंपनी के सभी क्लाइंट्स, अनुमन “विदेशी” ही रहते हैं इसलिए बमुश्किल वो साल में एक बार या कभी कभी 2 बार ही घर पर लंबे समय के लिए आ पाते हैं।।

घर पर ज़्यादातर, मैं और मेरी मम्मी अकेले ही रहते हैं।।

अब बात मेरी मम्मी की।।

उनका नाम – महक है।।

सच कहूँ दोस्तो तो वाकई मेरी मम्मी देखने में बहुत सुन्दर है।।

उनका रंग बिल्कुल गोरा है और मेरी मम्मी का फिगर बहुत अच्छा है।।

उनकी गाण्ड थोड़ी बड़ी है पर चुचे बिल्कुल आकार लिए हुए हैं।।

पेट सपाट और बाल लंबे हैं।।

दोस्तो, यूँ तो उनकी उम्र भी ज़्यादा नहीं है।।

पूरी कहानी यहाँ पढ़िए…

भाई की लुगाई ने करवाई मेरी चुदाई 1

रात के 2 बज रहे हैं और मैं कंप्यूटर टेबल के सामने कुर्सी पर “नंगी” बैठ कर, ये कहानी आप लोगों के लिए लिख रही हूँ।

कमरे के, सब लाइट्स बंद हैं।

क्या कर रही है, रूपाली… मेरे भाई रोहन ने, अपने लण्ड से कंडोम निकालते हुए पूछा..

अपनी कहानी लिख रही हूँ, मेरी सेक्स स्टोरी की कामिनी को भेजने के लिए… मैंने टाइप करते हुए, जवाब दिया..

मस्त कहानियाँ हैं, मेरी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर !!! !!

रोहन मेरे पीछे आ गया और मेरे दोनों कंधों पर हाथ रख के, धीरे धीरे सहलाने लगा और कंप्यूटर स्क्रीन पर देखते हुए बोला – बढ़िया है… बस, अपने शहर के बारे में मत लिखना…

मैंने, हाँ में जवाब दिया।

मैं सोने जा रहा हूँ… दरवाज़ा बंद कर ले… भाई ने अपने कमरे में जाते हुए कहा..

ये दरवाज़ा, मेरे और भाई के कमरे के बीच का दरवाज़ा है.. जिसकी कुण्डी, मेरे कमरे में है और दोनों कमरे का मुख्य दरवाजा अलग है..

मम्मी पापा के ख़याल में, ये दरवाजा कभी नहीं खुलता।

पूरी कहानी यहाँ पढ़िए…

लंड फोड़, बिस्तर तोड़ छमिया 1

कहानी शुरू करने से पहले, मैं आप सबको अपने परिवार के बारे में बता दूँ।।

मेरे परिवार में 4 लोग हैं – मैं, मेरे पापा, मेरी मम्मी और मेरी बड़ी बहन यानी मेरी दीदी।।

मेरी बहन, दूसरे शहर में रह कर पढ़ाई कर रही है।।

मेरे पापा, एक मल्टी नेशनल सॉफ्टवेयर कंपनी में “प्रोजेक्ट मैनेजर” हैं और ज़्यादातर बाहर ही रहते हैं।।

उनकी कंपनी के सभी क्लाइंट्स, अनुमन “विदेशी” ही रहते हैं इसलिए बमुश्किल वो साल में एक बार या कभी कभी 2 बार ही घर पर लंबे समय के लिए आ पाते हैं।।

घर पर ज़्यादातर, मैं और मेरी मम्मी अकेले ही रहते हैं।।

अब बात मेरी मम्मी की।।

उनका नाम – महक है।।

सच कहूँ दोस्तो तो वाकई मेरी मम्मी देखने में बहुत सुन्दर है।।

उनका रंग बिल्कुल गोरा है और मेरी मम्मी का फिगर बहुत अच्छा है।।

उनकी गाण्ड थोड़ी बड़ी है पर चुचे बिल्कुल आकार लिए हुए हैं।।

पेट सपाट और बाल लंबे हैं।।

दोस्तो, यूँ तो उनकी उम्र भी ज़्यादा नहीं है।।

पूरी कहानी यहाँ पढ़िए…

Written by

मस्त कामिनी

Leave a Reply