ननद को अपने पति से चुदवाया- 3

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अपनी ननद को उसके भाई के और करीब लाने के लीये desi sex kahani के इस भाग में उस कार्ड वाले खेल के दौरान सागर को उसके बहन के सामने पूरी नंगा करवा दी..

अब तक आपने पढ़ा..

ये बात सागर के ध्यान में आई तब सागर ने अपने बदन पर चादर डाल ली। मीना शर्मा के नीचे की ओर देखने लगी, सागर ने मीना को कहा ‘गुड मोर्निंग दीदी..’ और मैं वापस किचन में चली आई।
कुछ देर में मीना भी किचन में आई लेकिन उसका चेहरा लाल लाल हो गया था। मै चुपके से उसकी ओर देख रही थी बेचैन लग रही थी मीना बहुत उसके भाई के लंड को देख के।

अब आगे..

इस बार सागर का कार्ड छोटा आया और मेरा बडा मैंने सागर को कहा की अब तुम पूरे नंगे होकर बैठो। सागर ने झट से अपने कपडे निकाल दिये और खडा हो गया मीना सागर की और देखने लगी, सागर का 9 इंच का लंड तना हुआ था और सलामी दे रहा था।

मीना की तो धडकन बढ़ गई देखकर और आँखें फटी की फटी रह गई फिर कार्ड बाँटे तब मेरा कार्ड छोटा आया और मीना का बडा अब मीना भी मस्ती मे थी, मीना ने मुझे नंगी होने को कहा। मैं भी नंगी हो गई अब सागर और मैं दोनो पूरे नंगे थे।

इस बार वापस कार्ड बाँटे सागर का कार्ड छोटा आया और मेरा बडा मैंने सागर को कहा सागर अब तुमको अपने हाथ से अपनी प्यारी बहन की नाइटी और ब्रा निकालनी हैं। मीना सुन कर पानी पानी होने लगी और शर्मा के नज़रें झुका ली।

सागर मीना के पास पहुंचा ओर मीना को खडा करके उसकी नाइटी की लेस निकाली और नीचे से नाइटी उठा कर उपर से निकाली दोनो हाथो से, अब मीना सिर्फ पैंटी और ब्रा मे थी काले कलर की फिर सागर ने मीना को अपनी और खीचा और अपने बदन पर उसका बदन लेकर पीछे हाथ डाल कर ब्रा का हुक निकालने लगा।

उस वक़्त देखा मैंने मीना पूरी गर्म हो चुकी थी और दोनो हाथो से सागर को कस के पकडा था लेकिन उसी समय सागर ने मीना का ब्रा निकाल के मीना को झट से दूर कर दिया अपने से। मीना एकदम से होश मे आ गई मैं सोचने लगी की क्यों ना अब मेरा रियल मकसद पूरा कर लिया जाये।

फिर सोचा इतनी जल्दी भी क्या है, ज़रा तडपने तो दो मीना को वापस से कार्ड बाँटे मेरा कार्ड छोटा आया और मीना का बडा मीना मूड मे आकर बोली भाभी अब तुम मेरे सामने भैया का चूसोगी, मैं झट से सागर के पास जाकर नीचे बैठ कर चूसने लगी।

मीना और सागर एक दुसरे की नज़र मे नज़र मिला के देख रहे थे, अब सब गर्म हो चुके थे 10 मिनट चूसने के बाद वापस से गेम शुरू हुआ इस बार मीना का कार्ड छोटा आया और सागर का बडा कार्ड आया, सागर मीना को बोला दीदी अब तुम अपने हाथो से अपने भैया का लंड अपनी प्यारी भाभी की चूत मे डालोगी।

ये बात सुन कर मीना शर्मा गई, मैंने मीना को बोला मीना आर्डर इज आर्डर चलो फिर मीना सागर के पास गई और शरमाते हुये उनका लंड अपने हाथ में लिया और वैसे ही हाथ में लेकर दोनो मेरे पास आये पास आकर मीना मुझसे बोली भाभी आप नीचे सो जाओ भैया का लंड मुझे आपकी चूत मे डालना हैं।

मैं नीचे ज़मीन पर सो गई सागर भी पोजीशन लेकर मेरे उपर आया और मीना ने अपने हाथों में अपने भाई का लंड लेकर मेरी चूत पर रखा, मैंने देखा अब मीना का पूरा बदन कांपने लगा हैं भाई का लंड हाथ मे लेकर सागर ने लंड चूत मे डाला।

मैं चिल्लाई तब सागर बोला अब लास्ट गेम खेल लो चोदते हुये ही कार्ड का मैंने मीना को कार्ड बांटने को कहा, इस बार भी मीना का कार्ड छोटा आया और मेरा बडा मैंने मीना को कहा की हमारे सेक्स होने के बाद तुमको सजा दूँगी और हम वाइल्ड तरीके से सेक्स करने लगे।

सागर बहुत ज़ोर ज़ोर से चोदने लगा मुझे मीना पास में ही खडी होकर हमारा सेक्स देख रही थी। करीब 40 मिनट के बाद सागर का पानी निकला सागर मेरे उपर से उठ कर बाजू मे गया तब मैं मीना को बोली मीना अब तुम सागर को बाथरूम ले जाओगी और अपने हाथों से सागर का लंड साफ करोगी और बाद मे मेरी चूत।

मीना पहले से ही गरमाई हुई थी सागर के साथ बाथरूम गई मैं भी पीछे से गई मग में पानी लेकर सागर का लंड साफ करने लगी तब सागर भी उपर से मीना की पीठ पर हाथ फेरने लगा। मैंने देखा मीना लंड साफ करते वक़्त अपना मुँह लुंड के एकदम पास लेकर उसको सूंघ रही थी, तभी मैं बोली बस करो मीना अब मेरी चूत साफ करो।

सागर बाहर आ गया और मैं बाथरूम में बैठ गई, मीना ने मेरी चूत पर पानी डाल कर सारा सागर का पानी बाहर निकाला। मीना के हाथ में अब सागर का गाढ़ा पानी था, मैंने अपने हाथ में लिया वो गाढ़ा पानी और मीना के मुँह के पास लेकर उसको चाटने को कहा।

मीना अब मदहोश हो चुकी थी, उसने वो पानी चाट लिया मैंने स्माइल किया और हम बाथरूम मे से बाहर आ गये मैंने मीना की ओर देखा तो वो पूरी गर्म हो गई थी। मैंने सब को खाना खाने को कहा, हमने नंगे मे ही हम सब ने खाना खाया और मैं बोली की सो जाते हैं अब।

मैं और सागर बेडरूम चले गये सोने को मीना बाहर तडपती रही मुझे वही चाहिए था, मीना को तडपाना था कल का लास्ट दिन था हमारे पास कल किसी भी हालत मे हमको हमारा प्लान सक्सेस करना था।
सुबह 8 बजे सब उठे मैंने कहा मीना आज रविवार हैं, मैं बच्चो को मेरी सहेली के घर छोड कर आती हूँ, हम दोपहर में सेक्स करते हैं सागर की भी छुट्टी हैं। आज मीना ने झट से हाँ बोल दी।

तैयार होने के बाद मैंने सागर को बेडरूम मे जाकर सारा प्लान समझाया और फिर बच्चों को तैयार करके बोली मीना को ‘मैं सहेली के घर छोड आती हूँ बच्चो को वहाँ और भी बच्चे हैं उनके साथ खेलेगे यह 30 मिनट में आती हूँ तब तक आप लोग नाश्ता कर लो..’ और चली गई।

अब तक तो सब प्लान के मुताबिक हो रहा था, बेडरूम मे जाकर मैंने सागर को कह दिया था की तुम ज़रा भी पहल नही करना सेक्स के लिए तुम्हारी दीदी को ही पहल करने देना। सहेली के यहाँ आकर मैंने बच्चो को छोड दिया और कहा की 4 बजे तक खेलने दो हम बाहर जा रहे हैं।

बच्चों को छोड कर मैं एक होटल मे आ गई और वहाँ नाश्ता करने लगी, 11 बजे थे सुबह के मैंने मीना को कॉल किया और बोली की मुझे एक घंटा और लगेगा 11:30 को सागर का कॉल आया डियर मै बाथरूम मे से बोल रहा हूँ।

‘हम बेडरूम मे अब सेक्स करने वाले हैं तुम पीछे के दरवाजे को खोल कर चुपके से अन्दर आ जाओ..’ मैंने तुरुंत ऑटो पकडी और घर आ गई सागर को एक मिस कॉल दिया ताकि सागर मीना को बेडरूम से निकलने ना दे फिर दुसरे दरवाजे को खोला..

कहानी जारी है..

दोस्तों मुझे पता था की एक बार मीना अपने भाई के खड़े लंड को देख लेगी तो वह बेकाबू हो जाएगी और यही सोच कर मैंने ज्यादा से ज्यादा मीना को सागर के लंड के करीब लाने लगी अब इससे आगे का हाल इस desi sex kahani के अगले भाग में लाऊँगी.. आप कहानी के मजे लेते रहिये और अपने कमेंट्स देना न भूलें..

Written by

akash

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