बहन की चूत चुदाई की अनचाही घटना

(Meri Sex Story Bahan Ki Choot Chudai Ki Anchahi Ghatna)

मेरा नाम अरमान है। मैं हरियाणा का रहने वाला हूँ। मैंने Meri Sex Story पर काफी कहानियाँ पढ़ी हैं.. तो मुझे भी अपनी आपबीती सुनाने का मन हुआ। समय ना गंवाते हुए सीधा कहानी पर आता हूँ।

बात उस समय की है.. जब मैं बाहरवीं कक्षा में पढ़ता था। मेरी उम्र 18 वर्ष थी और दिखने में मेरी सेहत दूसरों से तो अच्छी ही थी। मेरे लौड़े का साइज सामान्य था। हमारे पड़ोस वाले गाँव में मेरी एक मुँह बोली बुआ रहती थीं। उनकी एक लड़की थी.. उसका नाम नेहा था। दिखने में एकदम मस्त थी.. उसका शरीर जवानी से कूट-कूट कर भरा हुआ था.. पर मैंने कभी उसे सेक्स की नजर से नहीं देखा था।

वो मेरी हमउम्र थी तो वो भी मेरे साथ स्कूल जाया करती थी। हम दोनों एक ही क्लास में थे। हम दोनों ही अपनी बातें एक-दूसरे से शेयर करते रहते थे।

उन दिनों ठंड का मौसम था.. और बुआ के पड़ोस में रात की पार्टी थी.. तो उन्होंने मुझे भी बुलाया था।

उस रात हम सभी परिवार सहित पार्टी में गए तो पार्टी खत्म होने के बाद बुआ मुझे अपने घर लेकर गई और रात को जाने से मना कर दिया। तो उस रात मैंने वहाँ रुकने का मन बना लिया। उनके घर पर जगह थोड़ी कम थी.. तो सभी किसी न किसी तरह व्यवस्थित हो गए।

उसी समय लाईट भी चली गई। गांवों में लगभग लाईट का आना कम ही होता है। खैर.. बुआ जी ने मुझे बिस्तर पर लेटने को कहा.. तो मैं वहाँ लेट गया।

मैंने देखा तो नेहा भी वहीं बिस्तर पर लेटी थी.. तो मैं उसी के पास लेट गया। लगभग सभी सो चुके थे.. और फिर हम भी सो गए। मेरे पास एक पतला सा कंबल था और रात को मुझे ठंड लगी तो मैं नेहा की रजाई में घुस गया और सो गया।

फिर सोते हुए नेहा ने मेरी तरफ मुँह कर लिया। मैं तो उसकी ही तरफ मुँह करके लेटा था। उसका हाथ मेरी कमर पर आ गया। मुझे सोते हुए उसका हाथ महसूस हुआ.. तो मेरी आँख खुल गई.. मेरा तो दिमाग खराब होने लगा और लौड़ा खड़ा हो गया। मैंने भी देरी न करते हुए अपना हाथ उसकी कमर पर रख दिया और उसके और नजदीक हो गया। अब उसकी साँसें मेरी सांसों से टकराने लगीं। मैं हाथ उसकी पीठ पर फेरने लगा। मुझे ये नहीं पता था कि नेहा जाग रही है या वो भी मजे ले रही है।

मुझे तब पता लगा जब उसने मुझे और कसकर झप्पी भर ली.. तो मुझे सब समझ आ गया और जबाब में मैंने भी यही किया। हमारे होंठ एक-दूसरे के होंठों का रसपान करने लगे।

मेरा हाथ उसकी चूचियों पर आ गया। वो आहें भर रही थी.. पर मैंने अपने होंठ उसके होंठों पर रख लिए और उसकी ‘आहें..’ उसके मुँह तक ही सीमित रही।

फिर मैंने उसकी सलवार का नाड़ा खोल दिया और उसकी भीगी हुई पैन्टी में हाथ डाल दिया उसकी चूत एकदम क्लीन शेव थी। वो एकदम मस्त हो गई और फिर हम आराम से बिना कोई आवाज किए 69 की पोजीशन में आ गए।

वो मेरा लंड नहीं चूस रही थी.. पर हाथों से मजे दे रही थी। जब वो अपनी पूरी मस्ती में आ गई.. तो उसने मेरे लौड़े को मुँह में डाल लिया और मुझे भी जन्नत की सैर करवा दी।

कुछ देर के बाद उसका पानी निकल गया और मेरा भी काम हो गया।

फिर हम सीधे हुए और मैं अब उसके ऊपर आ गया। उसकी चूत तो चिकनी थी तो मैंने लौड़े पर थोड़ा थूक लगाया और उसकी चूत पर लंड रखा। थोड़ा अन्दर करने के लिए धक्का मारा.. तो वह फिसल गया। मैंने दोबारा कोशिश की चूत पर लंड रखा.. तो लंड का सुपारा अन्दर चला गया और फिर वो छूटने की कोशिश करने लगी।

मैंने उसके मुँह पर मुँह रखा हुआ था और उसके हाथों को पकड़ा हुआ था। मैंने एक जोर का झटका मारा.. तो लंड आधा अन्दर चला गया और उसकी आँखों से आँसू आ गए। मैं थोड़ी देर रुका और फिर जब वो सामान्य हुई.. तो एक ही झटके में मेरे अगले झटके में पूरा लंड उसकी चूत में चला गया।

उसे काफी दर्द हुआ और थोड़ी देर रुक कर उसके चूचों को अच्छी तरह से चूसा और वो नीचे से गांड उठाकर जवाब देने लगी। मैंने भी धक्के लगाने शुरू कर दिए। कुछ ही मिनट में हम दोनों का हो गया.. मैं उसके ऊपर ऐसे ही लेटा हुआ था।

फिर हमने एक बार और चुदाई की और हमने एक-दूसरे को संतुष्ट किया और सो गए।

भगवान का शुक्र है कि उस दिन लाईट भी नहीं आई। फिर उसके बाद जब भी मौका मिलता.. तो हम दोनों खुल कर चुदाई करते।

आपको मेरी आपबीती Meri Sex Story कैसी लगी.. जरूर बताना.. आपकी ईमेल का इंतजार रहेगा।
[email protected]

What did you think of this story??

Comments

Scroll To Top