शहर की शानी गाँव का गांडू 5

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Sex Stories Hindi Me Janiye 89% Aurate Apne Pati Ke Lund Ke Size, Chodne Ke Tarike Ya Nikalne Ke Time Se Santusht Nahi Hoti…

ब्रा की कोने से चूचियों के कुछ हिस्से बाहर निकले है फिर उसकी छातियों पे ब्रा के ऊपर से काट रहा है..

ऐसा करते हुए वो नीचे आता है और दीदी की पाजामा पैंटी खीच के पैरों तक ले आता है..

दीदी भी लात से उसे निकाल फेंकती है..

इतना कर के मलखान उठा और दीदी की काली ब्रा के स्ट्रिप्स को दोनों तरफ करके दीदी की बाजुओ से खिसका देता है..

पर अब भी चूचियाँ ब्रा कप से आधी ढकी हई है..

मैं तो तरस गया था दीदी की निपल्स को देखने को पर मलखान चूचियों को छोड़ दीदी को फिर चूमने लगा..

इस पर दीदी ने खुद अपने ब्रा के कप्स को खीच के पेट तक ला दिया और फिर जो दिखा वो…

वो मेरा लंड झेल नहीं पाया और अपनी बहन को नंगी गोल गोल गोरी चुचियाँ देख मैं झड़ पड़ा..

मेरे लंड ने ऐसे पानी छोड़ा जैसे २ घंटे से मूत आ रही हो..

मस्त कहानियाँ हैं, मेरी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर !!! !!

वो दो महके चूचियाँ, दूध से भी सफेद, उन पे छोटे छोटे निपल्स बिल्कुल दीदी के होठों जैसे गुलाबी..

लालच होने लगा था मेरा, अपनी ही दीदी की जवानी को देख कर..

अब दीदी ने मलखान के सर को नीचे लाकर अपने चुचि पे लगा दिया.. .

फिर तो हरामी मलखान का मुंह दीदी की मुलायम चुचि पे गिलेहरी जैसे चलने लगा..

च्चप च्चप की आवाज़ से चूस रहा था, बीच बीच मे चाय पीने जैसा स्स्स लूर्प.. .स स्स्स्स्स लूर्र प.. . म्म्म ह.. . अया .. . आल्ल्ल.. .. म्म फफ फफ्फ़.. . की आवाज़े आती रही..

दीदी – ऊओ .. . उघ .. .

मेरा मूठ निकल चुका था और अब भी मेरा लंड खड़ा था और मैं उपर से ही अपने लंड को सहलाने लगा..

इस दौरान अंजाने में ही मेरे मुँह से सिसकारियाँ निकलने लगी..

मुझे होश जब आया जब मैंने देखा दीदी ने अपनी उंगलियो से मुझे अपनी और आने का इशारा किया..

मैं घबराते हए पास गया, तो मलखान चुचि छोड़ के मेरी और देख रहा था..

दीदी – आओ भाई मेरे, तुम दुखी मत हो, तुमने ही तो हमे मिलाया है, ये लो ये तुम्हारे लिए है राखी का गिफ्ट.. .

दीदी ने अपनी बाई चुचि को अपनी हाथो से उठा के मुझे दिखाया..

मुझे यकीन ही नहीं हो रहा था.. मेरी आँखे चमक उठी..

मैं – क.. .. क्क्क.. .क्या !!! ये मेरे लिए .. . है .?. मैं इसे चूस सकता हूँ .?. .?.

दीदी हँसती हई — हा हा.. . ह्म.. .. चूसो, चाट, काटो, जो मर्ज़ी कर लो.. अब ये तुम्हारी अमानत है..

मेरी धड़कने और तेज़ बजने लगी, मैं छलाँग लगा के दीदी की चुचि पर जा चिपका..

मैं अपनी साँसे रोक कर पागलो की तरह चूसने लगा था..

हम दोनों दीदी की एक एक चूचियों पे टूट पड़े थे..

दीदी हाथ से हम दोनों के सर को प्यार से सहला रही थी और दीदी के मुंह से हल्की हल्की आवाज़े निकल रही थी..

हमे आज कोई जल्दी नहीं थी कल की तरह, तो पूरे 5 मिनिट दीदी की चूचियों को हम दोनों दोस्तो ने चूसा, काटा, दबाया..

फिर मलखान दीदी की चूत मे अपनी थूक भरी उंगली डालने लगा..

दीदी ने उसके हाथ रोके और जा कर नीचे बिछे कपड़ो पे लेट गई और कहा – आज मेरी चूत मेरा भाई खाएगा..

ये सुन कर मलखान को गुस्सा आया..

मलखान – अरे ये क्या, वो तो तुम्हारा भाई है..

दीदी – इसी लिए तो.. बेचारा चोद नहीं पाएगा ना.. तो थोड़ा चाट के ही मन भर ले..

बस फिर क्या था मैंने देर नहीं की और जा के सीधे उन मोटी जाँघो के बीच के माँस पर मुंह लगा दिया..

दीदी सिसकारियाँ लेने लगी..

मैं उसकी चूत चूसता, फिर दोनों जाँघो की मुलायम चमडी को चूमता और काटता..

उधर मलखान पूरा नंगा होकर दीदी की चूचियों पर फिर चूम चाट रहा था..

लगभग 10 मिनट बाद दीदी ने मुझे धक्का देकर, उस को बुलाया..

मैं समझ गया अब असली खेल शुरू होने वाला है, तो मैं बाहर गया और झाड़ी के चारो तरफ फिर से देखा के कोई आ तो नहीं रहा..

जब वापस आया तो मलखान का लंड दीदी के चूत के मुहँ पर रख चुका था..

दीदी के बदन मे मानो करेंट दौड़ रहा हो, वो तर तर कांप रही थी.. .

दीदी – मलखान, ज़रा धीरे बाबू, मैं पहली बार चुद रही हूँ..

मैं अब थोड़ा डर गया के तभी मलखान बोला – मैंने कौन सा पहले चोदा है, चलो एकदुसरे की शुरूवात करते है..

कह कर उसने अपनी कमर को ढाप्प से पेला.. .

लंड का सूपड़ा घुस के अंदर जम गया..

दीदी – आ अहह… स्शस्शह… अरे.. .बहत .. . अनन्न .. . मोटा .. . है… जरा सा.. . निकलोगे .. . एम्म हह…

मलखान – काँटा दीवार मे सेट हो चुका है, अब तो बस ज़ोर मारना है..

उसने सच मे ज़ोर ज़ोर से पेलने लगा..

ठप्प.. .ठप्प .. . खपप.. .खपप… की साउंड्स आ रहे थे उन दोनों के कमर की टक्कर से.. ..

दीदी चिल्ला उठी – अया.. . नहीं… मेरी सील… अया .. . तूऊऊथ .. . गई.. .. ईीईई…

मुझे लगा इससे ख़तरा है मैं जा कर दीदी के मुंह मे अपनी मुंह लगा के चूमने लगा..

दीदी चुप पड़ गई, पर कुत्ता मलखान फ्री की चूत पा कर दीदी को ऐसे चोदे जा रहा था मानो ये उसकी आखरी चुदाई हो जिंदगी की..

चोदते हुए वो दीदी की निपल्स को मसल देता.. .

दीदी कुछ देर मे खुद ही शांत पड़ गई, मैं खड़ा होकर बस देखने लगा..

दीदी अपने पैर लेकर उसके पीठ और कमर पर कस दिए और हर चुदाई पर नीचे से उल्टा वार करने लगी..

मुझे पता था के दीदी अब जन्नत की सैर कर रही है, मैं भी अपनी लंड निकाल कर हिलाने लगा..

दीदी — हं… म्म्फ फ्फ़ .. . आ आह हा… उघ .. . उघह… स्ष…

कुछ देर मे दीदी कल की तरह झड़ गई, और फिर मेरी और देख कर हँसी..

मुझे शर्म आई के शायद वो मेरी छोटी लुल्ली पे हंस रही हो, पर उसने मुझे पास बुलाया और खुद सोए सोए मेरी मूठ मारने लगी..
कुछ देर हिलाया और फिर बोली की – रुक जाओ भाई मैंने तुम्हारे लिए एक चीज़ रखी है.. थोड़ी देर मे दूँगी.. हे हे.. .

फिर दीदी ने मलखान को नीचे लिटा दिया और उसके ऊपर बैठ गई..

तकलीफ़ तो दीदी को हो रही थी, पर दीदी का जोश को रोक ना पाया और वो मलखान का सारा लंड मगर मच्छ की तरह अपनी चूत मे निगल कर ऊपर नीचे होने लगी..

दीदी – उउ उह ह… स शह… अया या.. . अह हह… म्मह .. . आअँ.. . अया.. .

मलखान – स स्स्सह .. . आ.. . हाँ.. . और ज़ोर.. . और ज़ोर उच्छलो.. . मेरी .. . रंडी .. .

दीदी को तो मानो रंडी ही बनना था, वो ज़ोर ज़ोर से उच्छलने लगती..

फिर दीदी रुक गई और मुझे बुलाया, और कहा, चलो पैंट खोलके मेरे पीछे बैठो..

मैं दीदी के पीछे मलखान के पैरों पे बैठा..

फिर क्या दीदी अपने हाथ पीछे लेकर गई और मेरे लंड को अपने चुतताड के बीच के फाँक मे रख कर बैठ गई..

आ आहह.. . क्या नरम गाण्ड थे वो.. मुझे लगा मानो मेरा लंड उनकी चूत मे ही है..

दीदी – तू अपनी दीदी को चोद नहीं सकता तो क्या हआ.. मैं तेरा माल बिना चोदे भी निकाल सकती हूँ..

दीदी फिर आगे पीछे होने लगी.. अया.. .

मेरी सिसकारियाँ निकलने लगी और मैं ज़्यादा देर टिक नहीं पाया दीदी के गाण्ड घिसाई के आगे और मेरा स्पर्म निकल के मलखान के पैरों पे गिर गया.. .

तभी मलखान ने दीदी को पकड़ के अपनी और खीचा और उसकी चूचियों को मुंह मे ले लिया..

दीदी के बदन मे आग सी लगी थी..

वो मज़े से सिसकारियाँ लेते हए मलखान के कान मे कुछ कह रह थी..

फिर दीदी अपने घुटनो के बल आ गई, और .. .

दीदी – मलखान कुत्ते अपनी कुतिया को चोद साले.. .

फिर क्या वो मानो अपने आपको कुत्ता ही समझ बैठा, उठा और भौ भौ की आवाज़ निकाल कर दीदी के पीछे से चूत मे लंड घुसेड दिया..

इसके साथ ही दीदी अपनी गाण्ड पेलने लगी पीछे जैसे मानो चुद्ने को तड़प रही हो..

वो भी हरामी दीदी के कमर को पकड़ और दे दाना दान ठप्प .. . ठप्प .. . चुप्प .. . खुपप .. . कर चोदने लगा..

चुदाई धीरे धीरे से लेकर स्पीड में हो गई..

अब तो बस मलखान का लंड निकलता और फिर अपनी चमक दिखा कर फिर दीदी के अंदर समा जाता..

दीदी – आ अहह .. . आह ह .. . स .. . ष्ह…आअह ह एम्म्म…उउ फ़फ्फ़…फक .. .. मे .. ईईए … याह ह…यी… फुक्ख़्ह … . सस्शह .. .

मलखान – अया या…साली .. . अँग्रेज़ान .. . उउउहह .. . दीदी.. .म्म्फ फफ्फ़.. .मैं… झरने .. . अया या.. .

दीदी – आबे अकेला झडा तो मार दूँगी.. . आ आहह… हहा हह… और 10-12 धक्के लगा, मैं भी झरँगी फिर.. . सस्स्स ह .. .

मलखान ने बहत मेहनत करके 10 जोरदार धक्के लगाए और तब दीदी ने उसके लंड को खीचके बाहर निकाला तो मलखान ने सारा मूठ दीदी की चूतड़ पे दे मारा..

दोनों चुदाई से अध मरे हो गये थे और सो गये..

फिर मैंने मार मार के जगाया और घर चलने को कहा.. .

दोनों ने कपड़े पहने और मलखान ने कहा – यार, मैं तेरा ये एहसान कभी नहीं भूलूंगा, तूने दोस्ती की खातिर अपनी जवान दीदी को मुझे सोप दिया..

दीदी ये सुन कर हंस पड़ी..

समाप्त.. ..

Umeed Hai Sex Stories Hindi Me Shehar Ki Shanni Gaanv Ka Gandu Aapko Pasand Aayi Hogi…

Written by

मस्त कामिनी

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