एक था राजा, एक थी दासी 8

लेखिका – तेजस्विनी सम्पादिका – मस्त कामिनी उन्होंने उस खिड़की में से झाँका तो सामने खटिया पर, रूपाली सो रही थी। वो खुश हो गये की उन्हें रूपाली को ढूँढने...

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एक था राजा, एक थी दासी 7

लेखिका – तेजस्विनी सम्पादिका – मस्त कामिनी यह कहानी, हिमालय की वादियों में बसे एक राज्य कामपुर की है.. यह कहानी जब शुरू हुई, जब राजा लिंगवर्मा ने अपने पड़ोसी...

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एक था राजा, एक थी दासी 6

लेखिका – तेजस्विनी सम्पादिका – मस्त कामिनी सारी दासियाँ, वक्षकुमारी की दासी को गरम पानी से स्नान कराने लगीं और एक दासी उसकी चूत और जांघों पर जो खून जमा...

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एक था राजा, एक थी दासी 5

लेखिका – तेजस्विनी सम्पादिका – मस्त कामिनी दासी ने राजा की और देखा और बोली – मेरे साथ जो हुआ है, उसकी वजह वक्षकुमारी ही है… !! क्यूंकी, अगर वो...

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एक था राजा, एक थी दासी 4

लेखिका – तेजस्विनी सम्पादिका – मस्त कामिनी दासी की आँखों में डर था की इतना बड़ा लंड उसकी चूत का क्या हाल करेगा और राजा से प्यार की उम्मीद तो...

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एक था राजा, एक थी दासी 3

लेखिका – तेजस्विनी सम्पादिका – मस्त कामिनी दासी ने बताया की वो क्यूँ आई थी और उसने राजा को राजकुमारी का संदेश दे दिया.. राजा ने जब उसे पड़ा तो...

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एक था राजा, एक थी दासी 2

लेखिका – तेजस्विनी सम्पादिका – मस्त कामिनी दासी ने आते ही, राजा को नमस्कार किया और बोली – महाराज, मैं आपके लिए वक्षकुमारी का… !! … !! और आगे वो...

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एक था राजा, एक थी दासी 1

लेखिका – तेजस्विनी सम्पादिका – मस्त कामिनी यह कहानी है, हिमालय की वादियों में बसे एक राज्य की.. जिसका नाम था, कामपुर.. .. यह नाम, इस राज्य को इसलिए मिला...

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चुदाई का सफर: गुलाबी लण्ड 11

लेखिका – कशिश अनुवाद तथा संपादन – मस्त कामिनी उस का प्यारा सा, गुलाबी लण्ड अभी भी मेरी चूत में नाच नाच कर अपने प्रेम का रस पूरी ताक़त के...

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चुदाई का सफर: गुलाबी लण्ड 10

लेखिका – कशिश अनुवाद तथा संपादन – मस्त कामिनी मैंने उस को समझाया की कैसे आगे पीछे कर के धक्का मारना है.. उसने वैसा ही किया और अब उस का...

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