भाभी की यादगार चुदाई

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भाभी की मचलती जवानी को देख मुट्ठ मारा करता था पर, नसीब से मुझे भाभी के कोमल होंठों के द्वारा मुट्ठ मारने का मौका मिला और उनकी यादगार चुदाई का आनन्द मिला..

भाभी के दमकते जिस्म का नजारा

हैलो दोस्तों, मेरा नाम श्याम है और मैं मेरी सेक्स स्टोरी साइट का नियमित पाठक हूँ। मेरी कद 6 फीट है और मैंरे लण्ड का साइज़ 7″ है।

मैं मेरी एक सच्ची कहानी बताने जा रहा हूँ।

मैं राजकोट का रहने वाला हूँ। मेरी कॉलेज पूरी होने के बाद, मैं मेरी आगे की पढ़ाई के लिए अहमदाबाद आ गया।

वहाँ मैं एक फैमिली के यहाँ पेइंग गेस्ट बनकर रहने लगा। मैं ऊपर की मंजिल में रहता था और, मकान मंजिल नीचे की मंजिल पर।

भैया और भाभी को शादी हुए 9 महीने ही हुए थे। भाभी का नाम कविता था।

क्या माल लगती थी वो! उसकी साइज़ कुछ 34-30-32 होगा। पर, जो कोई उसको देखे दीवाना हो जाए।

मुझे एक कॉलेज में एडमिशन मिला था। उसका टाईम सुबह का था और भैया एक बिज़नस मैन थे तो वो अक्सर घर से बाहर रहते थे।

वो महीने में 15 दिन बाहर रहते थें। जब मैं कॉलेज जाता था तो भाभी अक्सर अपने कपड़े धो रही होती थीं।

कविता भाभी के नाम की मुट्ठ मारी

हमारे बीच कुछ हँसी मज़ाक हो जाता पर, जब वो अपने कपड़े धो रही होती तो अक्सर नाईटी में होती तो, उसके बोबे मुझे साफ दिखाई देते और सुबह सुबह ही मेरा लण्ड टन कर खड़ा हो जाता।

मैंने कई बार भाभी के नाम की मूठ भी मारी!

पर सोचता था की काश! यह मुझे एक बार मिल जाए।

एक दिन ऊपर वाले ने मेरी सुन ली। उस दिन भैया काम से बाहर जाने वाले थे। कुछ 15 दिनों के लिए!

भैया ने मुझसे बोला कि, तुम्हारी भाभी 15 दिन के लिए अकेली है तो उसको कोई चीज की जरुरत हो तो उसकी हेल्प कर देना।

मैंने उसे हाँ, बोल दिया और एक दिन शाम के वक्त थोड़ी ठण्ड थी।

उसने बोला- आज बाहर खाना खाने के लिए मत जाओ, मैं भी अकेली हूँ! तो साथ मिल कर खा लेते हैं।

मैंने हाँ! कह दिया और डिनर के टाईम में नीचे खाना खाने के लिए आ गया।

तब उसने ब्लैक रंग की नाईटी पहनी थी, क्या लग रही थी! जैसे अप्सरा ऊपर से उतार कर धरती पर अभी आई हो!

भाभी की चुदाई का हसीन मौका

मैं टीवी देखने बैठ गया, थोड़ी देर में वो आकर मेरे पास सोफे पर बैठ गई।

हम टीवी देखने लगे, तब टीवी पर एक किसिंग सीन आया तो वो बोली- क्या तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है?

मैंने बोला नहीं, तब उसने पूछा किसी को चाहते हो?

मैंने बोला- हाँ! पर उसे पता नहीं है।

वो बोली- वो तो किस्मत वाली लड़की ही होगी?

मैंने बोला- रहने दो, भाभी तुम गुस्सा करोगी?

उसने कहा- नहीं नहीं, बोल! मैं गुस्सा नहीं करुँगी!

मैंने बोल दिया कि, आप हो भाभी।

थोड़ा मुस्कुराई और बोली, नालायक! मैं तेरी भाभी हूँ और मेरी शादी हो गई है।

मैंने बोला- क्या शादी शुदा लोग प्यार नहीं करते?

वो शर्मा गई और बोली, क्या तुमने कभी सेक्स किया है?

मैंने बोला- कभी कभी! सेक्स मूवीज देखी पर, कभी किया नहीं?

मेरी बातों से भाभी चुदासी हुईं

भाभी आप मुझे सिखाओगी! वो बोली, तेरे भैया को पता चल गया तो, नहीं बाबा! इतना बोलते ही, मैंने नजदीक जा कर उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए।

वो छूटने की प्रयास कर रही थी पर उसके अन्दर से तो आहाहा! की आवाज निकाल रही थी और मैंने उसके नाईटी उतार फेंकी अब वो सिर्फ पैन्टी और ब्रा में थी।

मैं उसे लेकर उसके बेड पर गया, और उसे पूरी नंगी कर दी और उसके मस्त बोबे मैं देखता ही रह गया!

क्या मस्त! बोबे थे उसके, मैंने उसे चूसना शुरू किया और वो मादक आवाजें करने लगी।

वो अपने बेड से उठी और बोली- अब मेरी बारी! और उसने मेरे अंडरवियर को उतार कर मेरे लण्ड को अपने मुँह में चूसने लगी, मुझे लगा मैं जन्नत की सैर कर रहा हूँ!

भाभी ने मेरा वीर्यपान किया

वो एक प्यासी रंडी की तरह मेरा लण्ड चूसे जा रही थी और मेरे वीर्य को निकाल दिया और उसके मुँह में अपने वीर्य को निकाल दिया।

मैंने उसके मुँह में अपना वीर्य निकाला और वो उसे पूरा पी गई।

मैं निढाल हो कर बेड पे गिर पड़ा और वो मेरे ऊपर आकर मुझे किश करने लगी और थोड़ी देर में मेरा फिर से खड़ा हो गया और वो बोली, तेरे भैया का तो बहुत छोटा है! और मुझे पूरा नहीं पड़ता।

आज मेरी प्यास बुझा दे, मेरे राजा!

मैंने कहा- क्यों नहीं, मेरी रानी! और मैं खड़ा हो कर उसकी चूत चाटने लगा और वो आहह! ऊह्ह! करने लगी।

वो बोली- मेरे राजा! अब मैं झड़ने वाली हूँ तो, मैंने उसका सारा रस पी गया।

भाभी की धक्कापेल चुदाई

मैंने कहा- अब न तड़पा मेरी रानी! तेरे शेर की सवारी करने का मौका दे!

मैंने उसकी टांगें उठा कर अपना लण्ड उसकी चूत में धीरे-धीरे डालने लगा, और एक जोर का झटका मारा तो मेरा आधा लण्ड उसकी चूत में चला गया।

वो चीख पड़ी और बोली, धीरे! दर्द हो रहा है, पर मैं कहाँ मानने वाला था और वो चीखती रही! बाद में थोड़ी देर बाद उसे भी मजा आने लगा।

वो मेरा साथ देने लगी अपनी चूचुक उठा उठा के और वो बोली, अब तू लेट जा! मैं सवारी करना चाहती हूँ।

वो मेरे लण्ड पर बैठ कर सवारी करने लगी और, गालियाँ देने लगी ले मादरचोद! आआहा! ऊऊऊहह! फाड़ दे आज मेरी चूत को, आहाह! मेरे राजा फ़क मी! जोर से और जोर से आज तो मजा ही आ गया!

20 मिनट, चोदने के बाद मैं झड़ने वाला था तो मैं बोला, भाभी मैं झड़ने वाला हूँ!

वो बोली- अन्दर ही झड़ जा! आज तेरे रस की गर्मी देखनी है! उसका स्वाद तो अच्छा ही था, अब देखती हूँ कि गर्मी कितनी है? तभी मैं अन्दर ही झड़ गया।

उस दौरान, भाभी तीन बार चुकी थी और हम ऐसे नंगे ही बिस्तर पर पड़ रहे।

उस रात, मैंने भाभी को तीन बार चोदा और उसे भी बहुत मजा आया! बाद में मैंने उसकी गांड भी मारी पर वो अगली स्टोरी में आपको बताऊँगा!

आप सबको मेरी स्टोरी अच्छी लगी तो मुझे मेल कीजिए।

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Written by

guruji

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