किरायेदारनी सुनीता आंटी

(Kiraayedarni Sunita Aunty)

पड़ोस की आंटी को देखकर चोदने की लालसा करने वाली hindi sex stories आप दोस्तों ने कितनी कहानियाँ पढ़ी होंगी तो दोस्तों मेरी यह काल्पनिक कहानी को पढ़ें..

सभी दोस्तों को नमस्ते,
मेरा नाम दीपक है, मैं सीधे बात पर आता हूँ। हम जिस घर में किराए पर रहते हैं उसमें एक आंटी भी रहती है जो राजस्थान कि है वो ज्यादा सुन्दर तो नही है पर उसका शरीर बहुत मस्त है 30-28-30 मुझे तो बहुत मस्त लगती है उसका पति ड्राइवर है।

एक दिन वो बाजार गई थी तो बारिश आ गई और जब वापस आई तो बिलकुल भीगी हुई थी उनको देख कर मेरा लण्ड खडा हो गया।
वो बाथरूम में कपडे बदलने के लिए गई मैं एक छेद से उनको देख रहा था वो बहुत मस्त लग रही थी वो कपडे बदल कर अपने कमरे मे चली गई और पीछे पीछे मैं भी चला गया।

आंटी बोली ‘अरे दीपक आ जा बैठ जा..’ मैं बैठ कर उन्हें देखने लगा वो पेटीकोट और ब्लाउज में मस्त लग रही थी अचानक मैंने उठ कर उसको पिछे से पकड लिया।
आंटी बोली ये क्या कर रहा है छोड… छोड मुझे तेरी मम्मी से कह दूंगी। मैंने भी हिम्मत कर कर उन्हे पकडे रखा और पीछे कमर और गर्दन पर किस करने लगा वो छुडाने कि कोशिश कर रही थी पर वो मैं उन्हें छोड नही रहा था।

फिर उसकी चूचियों को दबाने लगा उसे बहुत दर्द हो रहा था फिर मैंने उसे झटके से धक्का दे कर नीचे पटक लिया और उसे उलटा कर कर पेटीकोट ऊपर कर कर पैंटी नीचे कर दी, मैंने जल्दी से अपना लण्ड निकाला और उसके चुतडो के बीच मे रख कर जोर से झटका दिया।

मेरा लण्ड उसकी चूत मे घुस गयी और वो फिर एकदम से गर्म हो गई और अपने आप को छूटने का प्रयास करती रही। 15-20 मिनट के बाद मैं झड गया मैंने फिर अपना लण्ड उसके चूतडों के बीच रखा और एक जोर से झटका दिया।

आंटी जोर से चिल्लाई लण्ड आधा अंदर घुस गया और लण्ड मे दर्द भी हो रहा था मैंने देखा तो लण्ड चुत मे नही गाँड मे घुसा हुआ था पर मुझे दर्द के साथ साथ मजा भी बहुत आया था। इसलिए मैंने जोश मे आकर एक और जोर से झटका मारा इस बार आंटी ने अपनी गांड भीच ली तो और ज्यादा रगड के साथ और ज्यादा मजा आया।

आंटी की गांड मारने में मजा आ रहा था और आंटी रो रही थी, मैं उसकी गांड मारता रहा आंटी और जोर से रोने लगी तो मैंने उसका मुँह भीच लिया और जल्दी जल्दी और जोर जोर से उसकी गांड मारने लगा। 20 मिनट के बाद मैं झड गया और आंटी को छोड दिया।

आंटी अपनी पैंटी ऊपर कर के बैठ गई और रोने लगी मैंने आंटी से माफी मांगी और कहा ‘आंटी प्लिज किसी से कहना मत इसमें हम दोनो कि बदनामी है।’

और मे इतना कह कर बाहर आ कर बैठ गया थोडी देर बाद आंटी ने मुझे बुलाया और कहा कि मे एक सूरत पर किसी से नही कहूँगी। मैंने कहा कौन सी सूरत आंटी ने कहा मेरी गांड आज तक किसी ने नही मारी पर तुमने मेरी गांड मारी तो मुझे दर्द के साथ साथ मजा भी आया तो तुम फिर से मेरी गांड मारो।

आंटी के इतना कहते ही मैं उसे पकड कर अंदर ले गया और आंटी ने मेरा लण्ड बाहर निकाला और अपना पेटीकोट ऊपर कर कर पैंटी नीचे कि और मेरी तरफ कमर कर के खडी हो गई। मैंने अपना लण्ड उसकी गांड के छेद पर लगा दिया और जोर से झटका मारा लण्ड आंटी कि गांड मे घुस गया अब आंटी खुद ही आगे पीछे होकर झटके मार रही थी और साथ ही मुँह से आवाज़ निकाल रही थी ‘आहहहहहह.. उहहह.. सिईईईई.. उईईई मुहहह..।’

‘आज फाड दे मेरी गांड तू भी जोर जोर से झटके मार मार ना यार..’ आंटी के इतना कहते ही मैंने जोर जोर से झटके मारने शुरू कर दिये, हम दोनो खडे ही थे और मैं पीछे उसकी चूची दबा रहा था। मैंने दोनो हाथो से दोनों चूची कस कर पकड ली और उनको दबाने मे पूरी जान लगा दी।

30 मिनट तक आंटी कि गांड मारने पर मैं झड गया और जब लण्ड बाहर निकाला तो मैंने देखा आंटी कि गांड का छेद खुला रह गया, मैंने आंटी को उल्टा लिटा कर उसकी गांड को थोडी ऊपर करवा कर सरसों के तेल कि बोतल का मुहँ उसकी गाँड पर लगा दिया।

लगभग आधा लिटर तेल उसकी गांड मे चला गया और मैंने फिर उसकी गांड में अपना लण्ड डाला इस बार आराम से चला गया और पच पच कि आवाज आ रही थी और आंटी ‘आहहह उहहह.. उमहहहह..’ कि आवाजें निकाल रही थी लगभग 30 मिनट बाद मैं झड गया और फिर मैं वापस अपने कमरे मे आ गया।

पढने के लिए धन्यवाद, ये कहानी काल्पनीक है।

दोस्तों मैं जब भी पड़ोस में रहने वाली आंटी की मदमस्त शरीर को देखता तो उसे चोदने की तमन्ना दिल में आने लगता और इस तमन्ना की उड़ान किस हद तक मुझे ले आई जिसे इस hindi sex stories के जरिये आपके लीये लाया.. कोई गलती हो गई हो तो कृपया अपने सुझाव कमेंट्स के साथ जरुर शेयर करें..

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