सोनी पंजाबन कुड़ी 5

(Soni Panjaban Kudi 5)

This story is part of a series:

Meri Sex Story Par Pesh Hai Soni Panjaban Kudi Ka 5th Part…

लेखक – पिंटू शर्मा

मेरा नाम पिंटू शर्मा है और मैं खूबसूरत वादियों के शहर शिमला से हूँ..

अब तक आपने पढ़ा की मैं पेपर देने के लिए दिल्ली गया.. वहाँ से लौटते हुए, कालका में आंटी की ननद बलविंदर को चोदा..

अब आगे की कहानी..

ये मेरी चुदाई की 5 स्टोरी है.. अब आगे की कहानी.. ..

मस्त कहानियाँ हैं, मेरी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर !!! !!

फिर, मैं बलविंदर के मस्त दूध को पकड़ कर चूसने लगा.. वो मेरे सिर पर हाथ फेरने लगी..

कुछ देर बाद, हमने कपड़े पहन लिए..

बलविंदर – मैं भाभी को भेजती हूँ… चाय लाती हूँ…

वो चली गई.. आंटी आ गई..

आंटी – कैसी रही चुदाई .?.

पिंटू – ये तो बलविंदर से ही पूछो.. मेरी रानी.. लंड की दीवानी.. आ आ ओ पास मेरे.. अपने कपड़े खोल के आ जा..

वो कपड़े खोल के बेड पर आ गई.. मैंने उसके दूध को पकड़ लिए.. वो मस्त हो गई..

आंटी – अभी चोदोगे क्या .?.

पिंटू – यार, अभी तो मेनू देख रहा हूँ.. चुदाई में एक घंटा लगेगा.. सारा माल तो मैंने उसकी चूत में डाल दिया..

बातें चलती रही.. बलविंदर अंदर आई तो आंटी को नंगा देख कर वापस मूड गई..

पिंटू – अंदर आ जाओ, बलविंदर.. अब कैसा शरमाना..

आंटी – आ जाओ अंदर..

मैं खड़ा हो कर, उसको अंदर ले आया.. उसने चाय दी..

फिर मैंने गरमा गरम द्रक वाली चाय पी..

पिंटू – चलो, मेरे पास आओ..

वो मेरे पास आ गई.. मैंने उसको पकड़ कर किस स्टार्ट कर दिया.. आंटी भी मेरे पास आ गई..

मैंने आंटी को पास बुला लिया.. ठंड जोरदार थी..

आंटी की लंबाई मेरे से थोड़ी कम थी.. वो गोरी और थोड़ी सी मोटी थी..

इस कारण, आंटी सेक्स बॉम्ब लग रही थी.. उसके बोलने का अंदाज़ मस्त था.. उसकी बातें सुन कर कोई भी उसका दीवाना हो जाए..

बलविंदर जाने लगी..

पिंटू – रूको यार.. तुम्हारी भाभी जी की चुदाई होने वाली है..

बलविंदर – आप दोनों करो.. मेरा यहाँ रहना ठीक नहीं है.. आप दोनों के बीच..

पिंटू – चलो 10 मिनिट रुक जाओ..

वो मान गई.. वो बेड पर आ गई.. मेरे बिल्कुल आगे आंटी थी.. मैंने उनको पीछे से पकड़ रखा था और गोद में बिठा कर दूध दबा रहा था.. साथ में उसके गालों को चूस रहा था..

पिंटू – बलविंदर तुम अपने कपड़े खोल कर मेरी पीठ के पीछे आ जाओ.. अपने दूध मेरे पीछे रखो.. चलो जल्दी करो..

बलविंदर कपड़े खोल कर मेरे पीछे आ गई.. उसने मेरी पीठ पर दूध रख दिए..

मज़ा आने लगा..

दो दूध मेरे हाथ में थे और दो दूध मेरी पीठ के पीछे बलविंदर रगड़ रही थी..

बलविंदर के दूध ठंड में अच्छे लगने लगे..

अब मैंने दोनों को लिटा लिया.. आंटी को उल्टा कर लिटा लिया..

बलविंदर को बिल्कुल उसके पास ही सीधा ही लेटा लिया..

बलविंदर को चोदे हुए करीब 1 घंटे से भी ज़्यादा टाइम हो गया था.. वो अब मस्त हो गई थी..

आंटी को उल्टा लेटा कर उसके चुत्तडों में लंड डालने वाला था..

अब मैने बलविंदर के हाथ में लंड पकड़ा दिया.. बलविंदर ने अपने मुलायम हाथ में लंड को पकड़ा तो लंड एकदम खड़ा हो गया..

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