दोस्त की माँ की जबरदस्त चुदाई- भाग 1

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दोस्त की माँ की चुदासी हरकत को देखकर उसके साथ चुदाई की लालसा होने वाली desi kahani आप दोस्तों को बहुत पसंद होगी तो मेरी यह संयोग से हुई चुदाई भरी कहानी पढ़ें..

मेरे प्यारे दोस्तों मैंने मेरी सेक्स स्टोरी पर कई कहानी पढ़ी सोचा क्यों ना मैं अपनी कहानी भी बताऊँ। मेरा नाम सौरभ है मै जवार नगर हिसार हरियाणा में रहता हूँ, मुझे आंटी भाभी में दिल्चस्पी है। मैं घर पर खाली समय ब्लू मूवी देखता हूँ इसलिए मुठ मारने से मजबूर हूँ।

अब लोगों का ज्यादा समय ना लेते हुए सीधे मुद्दे पर आता हूँ। ये बात 2 महीने पहले की है मेरे घर के पास में मेरे दोस्त का घर पड़ता है मेरे दोस्त का नाम रवि है।
उसके घर में उसकी माँ और उसके पापा और एक भाई था जो उससे बड़ा है और कहीं बहार काम करता है। 6 महीने में एक बार आता है उसकी माँ काफी चालाक है क्योंकि वो एक गैर मर्द से चुदती है।

वैसे मैं तो रवि को खेलेने के लिए दस बजे बुला लेता हूँ और रवि के पापा की सरकारी नौकरी है उसके पापा 9 बजे काम पर जाते हैं और शाम को 5 बजे वापीस आते हैं इसलिए रवि की माँ मौके का फायदा उठाती है।
रवि की माँ के काफी मोटे मोटे चुचे और चूतड़ है मुझे तो लगता है वो रोज़ गांड के छेद में लौड़ा डलवाती है क्योंकि उसके चूतड़ चलते वक़्त काफी हिलते हैं, हमारे गली के लड़के रवि की माँ के बारे में गंदी गंदी बाते करते हैं।

एक दिन मैं उसके घर के पास से जा रहा था तो देखा खिड़की पर पर्दा नही लगा था तो मैंने देखा की कोई बेड पर आदमी बीड़ी चूसे हुए लेटा था और रवि की माँ उसके सामने कपड़े नीकाल रही थी और रवि की माँ के मोटे मोटे चूचे के मुझे दर्शन हो गए।

मैं काफी डर भी गया था क्योंकि रवि की माँ ने मुझे देख लिया और उसने जल्दी से पर्दा लगा दिया, मैं वहाँ से चला गया अब मेरे मन में आंटी के सेक्सी ख्याल आने लगे। अब ब्लू मूवी देख कर रवि की माँ की नाम की मुट्ठ मारने लग गया।

एक दिन मैंने रवि को खेलेने के लीये बुलाया तो रवि की माँ घर के दरवाजे के सामने आई और मुझे काफी घूर घूर कर देख रही थी। रवि की माँ को मैंने भी घूर के देखा तो वो बोली रवि थोड़ी देर मै आयेगा अभी वो नाश्ता कर रहा है।

मैं ठीक बोल कर चला गया अब आंटी मुझे जहाँ भी मिलती है मैं उनके मोटे चूचो को देखता हूँ। अब रवि की माँ भी समझ गयी की इस लड़के की गंदी नीयत है मुझ पर अब आंटी को भी मज़ा आने लगा मेरे देखने पर।
एक दिन मैं रवि के घर के पास से गु्जर रहा था तो मुझे किसी की बुलाने की आवाज़ आई मैंने पीछे मुड कर देखा तो रवि के घर से रवि की माँ मुझे बुला रही थी। मैं रवि के घर गया और आंटी ने मुझे दुकान से कोई शैम्पू लाने के लीये बोली मैं दुकान पर गया और शैम्पू ले आया।

और मैं वहाँ से जा रहा था तभी रवि की माँ ने बोला की कहाँ जा रहे हो मैंने कहा अपने घर, रवि की माँ बोली मेरे घर पर कोई नही है, मैं अभी नहा कर आती हूँ तब तक तुम यहीं रूको। मैं वहीँ रूका रहा आंटी नहा कर मस्त सूट पहन कर आई, आंटी के माथे पर लाल बिंदी लगा रखी थी और मोटे मोटे चूचो को देखा तो उभार बाहर नीकल रहे थे।

उन चूचों पर पानी की छींटे लगी हुई थी जो मेरे लंड मे आग लगाने के लिए काफी था। आंटी प्यार से बोली मैं चाय बना कर आती हूँ, मैं सोफे पर बैठ गया और आंटी चाय ले आई, हम साथ में चाये पीने लगे।
मैंने आंटी से पूछा रवि कहाँ पर है आंटी ने जवाब दीया बेटा वो गाँव गया है 8 दिन बाद आयेगा। आंटी ने मुझसे पूछा की तुम क्या कर रहे हो, मैंने कहा आंटी मैं बारहवीं कर रहा हूँ।

आंटी ने फिर पूछा की तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है क्या मैंने कहा ‘नहीं आंटी..’ आंटी बोली तुम झूठ बोल रहे हो मैंने कहा सच में आंटी मेरी कोई गर्लफ्रेंड नही है तो आंटी बोली तुम इतने स्मार्ट और हैण्डसम हो कोई तो होगी।
मैंने कहा आंटी मुझे शर्म आती है लडकियों से बात करने में इसलिए मेरी कोई गर्लफ्रेंड नही है आंटी बोली की तुमने कभी सेक्स किया है ये बात सुन कर मेरी गांड फट गई, मै थोडा सा घबराते हुए बोला की आप ये क्या पूछ रही हैं।

आंटी बोली तुम्हें कोई घबराने की जरूरत नही है, मुझे पता है आज कल के लड़कों के दिमाग मे क्या चलता रहता है। मैं बोला आंटी मैं वैसा लड़का नही हूँ, आंटी बोली झूठ मत बोलो तुमने मुझे उस दिन किसी और अंकल के साथ मुझे कपडे उतारते हुए देखा रहा था इसलिए मैं अब उस आदमी को घर नही बुलाती क्योंकि तुम्हें शक हो गया था।

और मैं उसे बुलाकर अपनी बदनामी नही कराना चाहती, तुम मेरे चूतड़ को घूर घूर कर देखते हो मैं डर कर बोला आंटी मुझ आप अच्छी लगती हो इसलिए आपको घूर के देखता था।
अब नही देखूंगा आंटी थोडा सा हंसी और मुझे समझ नही आया की क्यों वो हंस रही है, आंटी बोली मेरे साथ सेक्स करोगे मैं बोला आंटी आपके बेटे को पता चल गया तो बवाल खड़ा हो जायेगा।

आंटी बोली मेरे बेटे को कुछ पता नही चलेगा ना ही पडोसियों को कुछ पता चलेगा, तुम हो अभी बच्चे सभी यही सोचेंगे। आंटी ने फ़ौरन अपना सूट निकाल लिया और मेरे सामने नंगी ही गयी मैं हैरान रह गया।
आंटी बोली की तुम बाहर का दरवाज़ा लगा दो मैं जल्दी से बाहर का दरवाज़ा बंद कर दिया। आंटी ने मेरे कपडे उ्तार दिए धीरे धीरे मुझे अच्छा लगा अब मेरा बचा था कच्छा जिसमें उभार निकल रहा था। आंटी ने एकदम से कच्छा निकाल दीया।

अब उनके सामने एकदम से लंड उछल कर आंटी की नाक पे लगा आंटी बोली ‘इतना मोटा और बड़ा लंड..’ आंटी को और मुझको काफी सेक्स चढ़ गया आंटी ने मेरे लंड को छुआ और उसे हिलाने लगी आराम आराम से मेरा लंड काफी तन गया था।
मैंने आंटी से कहा आज आंटी मै आपको अपने स्टाइल से चोदना चाहता हूँ। आंटी बोली कैसे मैं बोला आंटी अब वही करना जो मैं बोलूँगा आंटी मान गयी। आंटी को मैंने अपना लंड चूसने के लीये बोला आंटी बोली बेटा मै तो उसे चूसने वाली थी।

आंटी मेरा लंड को मुंह में ले लीया और उसे जोर जोर से चूसने लगी, आंटी ने मेरे लंड पर थूक दीया मैं बोला आंटी ये सब तो ब्लू मूवी मे करते है। आंटी बोली चींता मत कर तुझे जबरदस्त मज़े दूंगी आंटी ने मेरे लंड को चूसने लगी।
धीरे धीरे और कभी जोर जोर से चूसती और लंड को जोर जोर से मुट्ठ भी मार रही थी काफी मज़ा आ रहा था। दोस्तों 10 मिनट तक आंटी थोड़ी देर चूसती और लंड पर अपने मुँह से घेरती।

मेरा लंड आंटी के थूक से काफी चीकना हो गया था आंटी कभी कभी मेरे टट्टे पर जीभ लगाती और चूसती, अब मै पागल होता जा रहा था एकदम से आंटी खड़ी हुई और मेरे खडे लंड को पकड़ कर मुझे और मेरे लंड को खींचती हुई अपने बेडरूम में ले गई।

कहानी जारी रहेगीं..

दोस्तों मुझे जब अपने दोस्त रवि की माँ की असलियत मालूम हुई तो उसके प्रति मेरा विचार और बदल गया जिस बात तो उसकी माँ ने भी भांप ली थी और खुद ही वह मुझसे चुदने को तैयार हो गई अब इससे आगे का हाल इस desi kahani के अगले भाग में लाऊंगा.. आप को कहानी कैसी लग रही बिंदास कमेंट्स दें..

Written by

akash

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