दोस्त की माँ की जबरदस्त चुदाई- भाग 2

6 min read

रवि की माँ ने जब मेरे लंड को देखी तो वह बेकाबू हो गई थी अब desi kahani के इस भाग में उसने मेरे लंड को चूस कर कड़ा कर दी जिससे मैं काफी देर तक चुदाई किया..

अब तक आपने पढ़ा..

आंटी मेरा लंड को मुंह में ले लीया और उसे जोर जोर से चूसने लगी, आंटी ने मेरे लंड पर थूक दीया मैं बोला आंटी ये सब तो ब्लू मूवी मे करते है। आंटी बोली चींता मत कर तुझे जबरदस्त मज़े दूंगी आंटी ने मेरे लंड को चूसने लगी।
धीरे धीरे और कभी जोर जोर से चूसती और लंड को जोर जोर से मुट्ठ भी मार रही थी काफी मज़ा आ रहा था। दोस्तों 10 मिनट तक आंटी थोड़ी देर चूसती और लंड पर अपने मुँह से घेरती।

मेरा लंड आंटी के थूक से काफी चीकना हो गया था आंटी कभी कभी मेरे टट्टे पर जीभ लगाती और चूसती, अब मै पागल होता जा रहा था एकदम से आंटी खड़ी हुई और मेरे खडे लंड को पकड़ कर मुझे और मेरे लंड को खींचती हुई अपने बेडरूम में ले गई।

अब आगे..

आंटी मेरा लंड खींचते हुए बेडरूम में ले गई मुझे बेड पर पटक कर मेरा लंड चूसने लगी। 2 मिनट बाद मैंने आंटी को लंड चूसन के लीये मना कर दीया, आंटी बोली क्या हुआ मैंने आंटी को कहा की आप ने मेरा लंड चुसा है, मै आप की चूत चाटना चाहता हूँ।

आंटी बोली बस इतनी सी बात ऐसा करो मैं अपने मोटे प्यारे चूतड़ तुम्हारे मुँह के पास लाती हूँ और अपना मुँह तेरे लंड के पास लाती। मै समझ गया आंटी 69 की पपोजीशन मे आना चाहती है, हम जल्दी से 69 की पोजीशन में आ गये।

मैंने आंटी की चूत को चाटा फीर थोड़ी देर बाद मैंने आंटी को उठा कर उनके दोनों हाथों को दीवार पर रख कर उनकी गांड चाटने लगा, अब मै आंटी की गांड के छेद में अपनी जीभ डाल रहा था। आंटी को सेक्स काफी चढ़ गया था वो बोल रही थी की चाट मेरी गांड आज मेरी गांड और चूत मार के इनको सुजा दे।

अब आंटी को बेड पर लेटाया और दोनों टांगे चौड़ी करके अपना लंड उनकी चूत में डालने लगा और अपना लंड उनकी चूत पर टच करने लगा और थोडा रगड़ने लगा। आंटी मुझे बोली डाल हरामी मेरी चूत में अपना लंड बुझा दे प्यास इस चूत की मैंने लंड डाला और झटके मरने लगा।

आंटी बोली सेक्स करते वक़्त प्लीज सौरभ मुझे तुम्हें चोदना होगा रोज आंटी बोली तुम मुझे चोदोगे तो किसी को शक भी नही होगा। डाल मेरी चूत में मैं पुरे दिन तूझ से चुदुंगी, आंटी ने अपने हाँथ पर थूक लगा कर अपनी चूत मे लगा कर रगड़ने लगी।

मै आंटी की चूत मे काफी जबरदस्त झटके मारे जा रहा था आंटी और हम पुरे पसीने से भीग गए थे, अब मै बेड के पास चूत मे लंड को निकाले बगैर उन्हें उठा कर सीधे सोफे पर बैठ गया। अब मैं उनके होंठो को किस कर रहा था और उनकी चूत मे अपने लंड को आगे पीछे भी कर रहा था।

अब आंटी हाथ पीछे करके अपनी गांड के छेद मे ऊँगली डाल कर आगे पीछे कर रही थी और फीर उस ऊँगली को अपने मुँह में लेकर अपनी गांड का स्वाद चख रही थी क्योंकि आंटी और मुझको काफी सेक्स चढ़ गया था। अब मै आंटी के चूतड़ पर जोर जोर से थप्पड मार रहा था।

आंटी जोर जोर से बोल रही थी मार मेरी गांड को चूत मेरी चोद ‘ऊ हा ह़ा..’ की आवाज़ पूरे कमरे में गूंज रही थी और मेरा लंड और आंटी की चूत में जा रहा था तब ‘पच पाच..’ की आवाज़ आ रही थी। आंटी मुझको बोली जल्दी से मेरी चूत में से अपना लंड निकाल मैं अपनी चूत का लगा पानी तेरे लंड पर से चाट कर साफ़ करना चाहाती हूँ।

आंटी ने मेरा लंड साफ किया और फिर मैंने आंटी से बोला आंटी आप की गांड मारना चाहता हूँ। आंटी एक दम से बेड पर कुतिया पोज़ मे बन गयी, मैं आंटी के ऊपर आया और सख्त लंड को आंटी की गांड की छेद पर टिकाया और जोर लगाने लगा लेकिन मेरा लंड नही जा रहा था क्योंकि मै अनाड़ी था।

आंटी बोली ऐसे नही जायेगा मेरी गांड में तेरा लौड़ा, आंटी उठ कर रसोई में गयी वहाँ से सरसों का तेल ले कर आयी मेरे पास और मेरे लंड पर तेल लगाया खूब सारा और अपनी गांड के छेद मे भी तेल लगा कर अपनी गांड मे ऊँगली डालने लगी और अपने गांड के छेद को खोलने लगी।

अब मैंने आंटी को कुतिया पोज़ में दुबारा किया और उनकी गांड के छेद मे अपना लंड टिकाया और थोडा जोर लगाया अब मेरा लंड आंटी गांड के छेद में पूरा चला गया और आंटी जोर शोर से चिल्लाई बोली ‘कमीने फाड़ दी मेरी गांड अरे आराम से डालना था तूने तो एक दम घुसा दीया..।’

अब मैं आंटी की गांड मे आगे पीछे करने लगा और थोड़ी देर में आंटी को भी मज़ा आने लगा बोली फाड़ इस मोटी गांड को अब आंटी और मैं पसीने में नहा रहे थे। आंटी की नरम गांड बड़े प्यार से झटके दे रही थी।
पीछे से अब आंटी की गांड से ‘फच.. फच..’ की सुरीली आवाज़ आ रही थी अब मैं जोश में आ गया था और मेरा छूटने वाला था। अब मैंने आंटी के दोनों हाथों को पीछे करके पकड़ कर चूतड़ पर जोर जोर के झटके मार रहा था।

मेरा पानी निकलने वाला था तो मैंने आंटी से पूछा की अपना पानी कहाँ नीकालूँ तो आंटी बोली मेरी गांड के छेद में पानी निकाल दे, मैंने वैसे ही किया दो तीन चार जोर के झटके मारने के बाद सारा पानी आंटी की गांड में निकाल दिया और अंटी को पकड़ कर सो गया।

4 बजे हमारी नींद खुली तो समय देखा तो 4 बज रहे है, आंटी बोलो की सौरभ अब तुम यहाँ से जल्दी चले जाओं। मेरे पति आने वाले हैं मैं जल्दी से वहाँ से निकल गया।

तो दोस्तों कैसी लगी मेरी कहानी मुझे ईमेल करके बताना अगर हिसार से कोई आंटी या भाभी चुदना चाहाती है, तो मेरी ईमेल आई डी है [email protected]

दोस्तों मैं जितना रवि की माँ के बारे में सोचा था उससे कहीं ज्यादा वह चुदक्कड थी और उसने अपनी चूत के साथ गांड भी चुदवा ली जिसे इस desi kahani के जरिये आप दोस्तों के मनोरंजन के लिए लाया.. आप दोस्तों को कैसी लगी मेरी यह जबरदस्त चुदाई आप अपने खुले कमेंट्स देना न भूलें..

Written by

akash

Leave a Reply