पायल की चूत हुई कायल 1

(Paayal Ki Chut Hui Kaayal 1)

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Hindi Sex Stories Me Pesh Hai Paayal Ki Chut Hui Kaayal Ka 1st Part…

लेखिका – पायल मिश्रा

मेरा नाम पायल मिश्रा है और मैं एक मिड्ल क्लास घर की बहू हूँ.

मेरी शादी, 3 महीने पहले विनय से हुई थी.

विनय एक व्यापारी है और उनका छोटा कारोबार है.

घर में सास के अलावा, मेरी ननद रूचि रहती है जो अब कॉलेज ख़तम करके एक छोटी सी फर्म में नौकरी कर रही है..

मेरी सासू मां बहुत ही धार्मिक किस्म की औरत है जो ज़्यादातर वक़्त पूजा-पाठ में गुज़ार देती है.

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सासू मां, सिर्फ़ 37 साल की है क्यूंकी उनकी शादी 15 वर्ष की आयु में हुई थी और जब विनय पैदा हुआ तब वो सिर्फ़ 18 साल की थी.

विनय 21 साल के है और मैं 19 की. उनकी छोटी बहन रूचि भी मेरे उम्र की ही है.

विनय की शादी के बाद, अब रूचि की शादी के चर्चे जोरों पर है.

क्यूंकी मां जी बहुत धार्मिक है, उनके मुंह से हमेशा उनके गुरु जी के बारे में सुना करती थी.

गुरु जी का नाम निरंकारी महाराज है जो इन दिनों उतर भारत की यात्रा पर गये हुए थे.

जब मैं नयी दुल्हन बन कर इस घर में आई थी तब से मां जी और रूचि को गुरु जी के आश्रम जाते हुए देखा करती थी.

मां जी ने मुझे सिर्फ़ इतना कहा था की गुरु जी की वजह से उनके परिवार में सुख-शांति बनी हुई है.

मैं मां जी की तरह घंटों पूजा घर में बैठ कर पूजा नहीं करती थी लेकिन फिर भी मैं धार्मिक थी. हमेशा से मेरे मां-बाबूजी ने मुझे धर्म के प्रति आस्था बनाए रखने की सलाह दी थी.

मैं भी रोज़ मां जी के साथ पूजा घर में बैठ कर उनके लिए पूजा की सामग्री तैयार करके देती.

परिवार में सब कुछ एकदम ठीक चल रहा था. मैंने अपने परिवार में हमेशा झगड़ा और नफ़रत देखी थी.

मेरे बाबूजी के रिश्तेदार, हमेशा जायदाद के नाम पर एक दूसरे पर कीचड़ उछालते रहते थे पर यहाँ आकर मैं जैसे सब परेशानियों से मानो दूर आ गई थी. मेरे मा-बाबूजी शादी के बाद मेरी खुशी देख कर बहुत खुश थे.

विनय मुझसे बहुत प्यार करते है. व्यापारी होने के कारण, वो हफ्ते में 2-3 बार देर से घर लौटते थे लेकिन फिर भी मैं उनका इंतेज़ार करती थी और हम दोनों साथ बैठकर खाना खाते.

आज रात को भी मैं विनय का इंतेज़ार कर रही थी और विनय को घर आते आते, रात का 1 बज गया.

थके हारे घर पर लौटने के बाद, फ्रेश होकर वो खाना खाने बैठे.

मैं भी उनके सामने बैठ गई.

पहला नीवाला खाने के बाद, दूसरा नीवाला मेरे मुंह के पास लाकर बोले – चलो खा लो जानेमन !?!

मैंने अपना मुंह खोला और उनकी उंगलियों को मुंह में लेकर नीवाला मुंह में लिया और जैसे ही उन्होंने अपनी उंगलियाँ पीछे खींची, मैंने उनकी कलाई पकड़ ली और उनकी उंगलियों को हल्के से चूस लिया.

नीवाला खाते हुए, मैं हल्के से हंस पड़ी.

आँखों-आँखों में मानो, वो मुझसे कुछ कहने की कोशिश कर रहे थे.

उनकी नज़रें, मेरे पूरे जिस्म का जायज़ा ले रही थी.

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