पायल की चूत हुई कायल 2

(Paayal Ki Chut Hui Kaayal 2)

This story is part of a series:

Hindi Sex Stories Par Pesh Hai Paayal Ki Chut Hui Kaayal Ka 2nd Part…

लेखिका – पायल मिश्रा

अंदर डालूं ना जानेमन… – विनय ने पूछा..

मैंने मुस्कुराते हुए, उनकी कमर पर हाथ रखते हुए कहा – एकदम गहराई तक डालो, जानू… मेरी ये सिर्फ़ तुम्हारी है… सिर्फ़ तुम्हारी…और विनय ने मेरे पैर फैलाते हुए, अपना वो एक झटके के साथ मेरी बुर के अंदर डाल दिया.

उूउ उइ ई ई माआ आ आअ उू उउफ फ फ फ फफ फफ्फ़ स स्स्स्स्स् स्स्स्स्स् स्स्स्स्स स्स ओह…

विनय, मेरे ऊपर झुक गये और अपनी कमर ऊपर नीचे हिलाते हुए मेरी बुर मारने लगे.

उनका वो मेरी बुर के अंदर बाहर होने लगा और में सिसकारियाँ लेती रही – स स्स्स्स्स् स्स स्स ओह आ आह ह विनय सस्स्स्स्स् स्स्स्स्स् स्स्स्स्स् स स्स म्म्म्म म म म मम…

2-3 मिनिट बाद, विनय ने अपना वो मेरी बुर से निकाला और अपना सारा मुठ मेरे पेट पर उंड़ेल दिया.

मैं बाथरूम गई और अपने आपको सॉफ करके उनके बगल में आ कर बैठ गई.

मस्त कहानियाँ हैं, मेरी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर !!! !!

विनय, मेरे तरफ देख कर बोले – मां जी ने बताया होगा ना की गुरु जी वापस आ गये है !?!

मैंने हाँ में सिर हिलाया.

देखो शायद, गुरु जी कल दोपहर को घर आ रहे है…

इससे पहले की व अपनी बात ख़तम करते मैंने उनके मुंह पर हाथ रखते हुए कहा – जी, मैं जानती हूँ की गुरु जी कल घर आ रहे है और उनकी खूब सेवा करनी है… मां जी ने सब बताया था, शाम को… आप बिल्कुल चिंता मत कीजिए… आपकी जोरू आपको शिकायत का मौका नहीं देगी… मां जी ने आज मुझे गुरु जी के बारे सब कुछ बताया… ये भी की कैसे 10 साल पहले आपकी जान ख़तरे में थी तब गुरु जी ने ही आपकी रक्षा की थी… यहाँ आने के बाद मैंने गुरु जी के बारे में जितना सुना है, उससे मेरी उत्सुकता और बढ़ गई है… इतनी महान हस्ती से मिलने का मौका रोज़ रोज़ थोड़ी मिलता है !! – बात करते करते, मैंने विनय के सीने पर सिर रखा..

मां जी ने तो ये भी बताया की कैसे आपने ये कारोबार गुरु जी के कहने पर सिर्फ़ 5,000 की लागत से शुरू किया और आज इससे इस मुकाम तक पहुँचाया है की आपने ये घर भी खुद के दम पर खरीदा…

अपनी बीवी की ऐसे समझदार बातें सुन कर, विनय को अच्छा लगा..

अगले दिन दोपहर को बताए अनुसार गुरु जी घर आए. उनके आते ही, घर में मानो रौनक सी आ गई.

सारे घर पर चहल-पहल थी.

आस पड़ोस की औरतें भी उनके दर्शन करने आई थी.

गुरु जी ने जल-पान करके सबको एक एक करके आशीर्वाद दिया और जब सारे लोग लौट गये तो मां जी, दीदी, रूचि और मैंने गुरु जी के चरण स्पर्श किए.

मैं गुरु जी को पहली बार देख रही थी. उनके चेहरे पर मानो एक अलग सा तेज था.

मां जी ने मुझे एक बार बताया था की गुरु जी की उम्र लगभग 46-48 की है लेकिन उन्हें देख कर लग रहा था मानो वो मुश्किल से 25-30 वर्ष के है.

मां जी ने पहले सारी आस-पड़ोस की औरतों को गुरु जी के दर्शन करने दिए और तब तक, मैं सोलह शृंगार करती रही.

Comments

Scroll To Top