पायल की चूत हुई कायल 5

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Hindi Sex Stories Par Pesh Hai Paayal Ki Chut Hui Kaayal Ka 5th Part…

लेखिका – पायल मिश्रा

उन्होंने मेरी क्लीवेज को अपनी जीभ से चाटना शुरू किया..

आ आह ह ऑश मा आ आ अ स स्स्स्स्स् स्स्स स्स श गुरु जिइ इ ई ई ई ई ई ई ई ई स स्स्स्स्स् स्स्स स्स…

फिर उन्होंने मेरी चोली के बटन्स खोले और पीछे हाथ डाल कर मेरी ब्रा उतारी.

उन्होंने मुझे बिस्तर पर बिठा दिया और मेरे स्तनों को हाथ में लेकर कस कर दबाने लगे.

आ आह ह कितने मजबूत हाथ है आपके स स्स्स्स्स् स्स्स्स स्स ज़ोर से… और ज़ोर से दबाइए ना, मेरे दूध… उम्म्म गुरु जी आ अह ह मेरी चूत गीली हो रही है म्म्म्म म गुरु जिइ इ ई…

अब उन्होंने मेरे दोनों दूध को अपनी मुट्ठी में जकड़ा और उन्हें कस कर मसलने लगे.

मैं उनकी इस हरकत से कराह उठी.. आ आ आ आ आ आ आ अहह…

मेरी चूत ने अपनी पहली धार छोड़ी.

फिर उन्होंने मेरे लेफ्ट चुचि मुंह में ली और मेरी चुचि को चूसने लगे..

ओह मा आ आअ स स्स्स्स्स् स स्स गुरु जी मेरी पैंटी पूरी गीली हो गई है… में झड़ चुकी हूँ, एम्म्म…

मस्त कहानियाँ हैं, मेरी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर !!! !!

गुरु जी ने मेरी चुचि को अपने होंठों के बीच कस कर भींचा और उनकी इस हरकत से मैं थोड़ा पीछे झुकी.

उनके बालों को सहलाने लगी, अपनी उंगलियों से और गुरु जी मेरी चुचि को चूसते रहे..

पायल, मेरी रंडियों की चूत में कभी सूखा नहीं पड़ता… उनकी चूत हमेशा गीली रहती है, मेरी कृपा से…

ऑश गुरु जी… आ आ अहह चूसीए अपनी रंडी बहू की चुचियाँ गुरु जी… ओह स स्स्स्स्स् स्स्स्स्स् स्स्स स्स उफ फ फ फ फ फ फ फ फ फ फ फ फ फ फ फ फ फ फ फ फ फ फ फ फ फ फ फ फ फ फ फ फ फ फफ्फ़…

मेरी गंदी गंदी बातों से उत्तेजित हो कर, गुरु जी ने मेरी चुचियों को अपनी लार से गीला करना शुरू किया.

वो अपनी जीभ को मेरी चुचियों के चारों तरफ रगड़ने लगे, सर्कल्स में..

ओह, मा आ आ आ स स्स्स्स्स् स्स्स्स्स् स्स स्स कितना मज़ा आ रहा है गुरु जी स स्स्स्स्स् स स्स चाटिये मेरी चुचियों को आ आ अहह स स्स्स्स्स् स्स्स्स्स् स्स स्स और चाटिये… और चाटिये ना स स्स्स्स्स् स्स्स स्स…

गुरु जी अब मेरी चुचियों को दांतों तले दबाने लगे.

मेरी चुचियों को काटने लगे..

आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आह ह गुरु जी… में मर गाइि ई ई ई ई ई ई ई ई ई ई ई ई ई ई ई ई ई ई ई ई ई…

मेरी चूत फिर से गीली होने लगी..

उनकी जीभ मेरी चुचियों को लगातार सहला रही थी और उनके होन्ट मेरी चुचियों को कस कर दबा रहे थे.

मैं उनकी गर्दन को जकड़ कर अपनी तरफ खींचती रही और फिर जैसे मेरी चूत से ज्वाला-मुखी उफन पड़ा और मैं सिहर उठी.

मेरी चूत ने दूसरी बार अपना पानी छोड़ा था.

उफनती नदी की तरफ मेरी चूत के रस ने मेरी पैंटी को पूरी तरह भिगो दिया..

गुरु जी ने मेरी साड़ी पूरी तरह निकाल दी.

मैं उनके सामने सिर्फ़ अपने पेटिकोट और पैंटी में थी.

पैंटी का गीलापन पेटिकोट पर लगा हुआ था.

गुरु जी ने अपना कुर्ता निकाला और फिर अपनी धोती उतारी..

अब वो केवल एक लंगोट में, मेरे सामने बिस्तर पर बैठ गये.

मैंने उन्हें वासना भरी निगाह से देखते हुए पूछा – गुरु जी आपने अपनी रंडियों का जीकर किया था कुछ देर पहले… कितनी रंडियाँ है आपकी और क्या वो मुझसे अच्छी है, बिस्तर में !?!

मेरे इस सवाल पर गुरु जी ने हल्की मुस्कुराहट भरे अंदाज़ में कहा – तेरे इस खानदान में ही मेरी कई रंडियाँ है, बहू. तेरी सासू मां पिछले 10 साल से मेरे साथ सो रही है और तेरी ननद रूचि भी मेरे साथ सोने लगी है… उसकी नथ मैंने ही उतारी थी और मैंने मां जी से सॉफ सॉफ कह दिया है की उसकी शादी इसी शहर में कराना ताकि वो मुझे अक्सर मिलने आ सके और तो और तेरी मां जी और रूचि दोनों को पता है की इन 2 दिनों में, मैं तुझे दिन-रात चोदूंगा… तेरी सासू मां की बहनें सीमा, उसकी दोनों भाभी, पिंकी और निशा और फिर तेरे पति के चाचा की बीवी और उनकी तीनो बहुए, ये सारी की सारी औरतें मेरे साथ कई बार सो चुकी है…

गुरु जी की बातें सुनकर मुझे मां जी, रूचि और उनकी बाकी रंडियों पर जलन तो हुई लेकिन ये भी ख़याल आया की मुझे भी मौका मिला है, गुरु जी के साथ वक़्त बिताने का..

गुरु जी, मैं आपकी सबसे बड़ी रंडी बनना चाहती हूँ… मां जी, रूचि और विनय के आने तक मैं पूरा दिन और पूरी रात घर में नंगी रहूंगी, आपकी सेवा में…

गुरु जी अब बिस्तर पर खड़े हो गये और उन्होंने बिना कुछ कहे, मुझे अपनी तरफ खींचा..

मेरे बाल पकड़ कर उन्होंने मेरा चेहरा अपने लंगोट पर दबाया..

सूंघ ले, अपने गुरु जी का लंड रंडी…

गुरु जी के आदेश अनुसार में उनके लंगोट पर से उनके लंड की मादक खुशबू सूंघने लगी उम्म्म्मम..

उनके लंगोट से पसीने की मादक खुशबू आ रही थी.. मुझसे रहा नहीं गया और मैंने उनके लंगोट को चाटना शुरू किया..

फिर, मैंने उनकी तरफ देखा और उनका लंगोट खोल कर मैंने उनके लंड के दर्शन किए..

उनका लंड, विनय के लंड से काफ़ी मोटा और काला था..

मैं झट से उनके लंड से लिपट गई और अपनी जीभ से उनके अंडकोष को चूमने और चाटने लगी.

उनके लंड की मादक खुश्बू मुझे पागल करे जा रही थी.

गुरु जी ने अपने लंड को पकड़ कर उनका टोपा मेरे होंठों पर रगड़ा.

उम्म्म्मम गुरु जी… स स्स्स स्स कितनी मस्त खुश्बू आ रही है… स स्स स्स…

मैंने उनके लंड के टोपे को कवर करती चमड़ी को पीछे किया और उनका चिप-चिप स्लिपरी टोपा एक्सपोज़ करते हुए, उसे चाटने लगी.

गुरु जी मज़े में मोन करने लगे..

ओह प्रिय्आ अ म्म्म्म म पायल बेटी आ आह ह स स्स्स्स्स् स्स्स्स्स् स्स्स्स्स् सस्स… साली, चाट अपने गुरु जी के टोपे को… मुंह में लेकर चूस ले कस कर तेरी मां की चूत…

मैं उनकी गालियों से और मस्त हो रही थी.

फिर मैंने उनके टोपे पर लगी पेशाब वाली क्रॅक पर जीभ घुमाना शुरू किया..

उम्म्म गुरु जी मुझे आपका मुठ पीना है… – और ये कह कर मैंने उनका लंड मुंह में लिया..

उनके लंड को चूसने लगी ज़ोर ज़ोर से..

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फिर गुरु जी ने मेरे गालों को पकड़ा और अपने लंड को मेरे मुंह में मारने लगे.

मेरे मुंह को चोदने लगे ज़ोर ज़ोर से..

उनका लंड मेरे मुंह में थपेड़े मारने लगा – स्वूप स्वूऊप स्वू ऊ ओप स्वू ऊ ओप स्ओू ऊ ऊ ऊप स्ओू ऊ ऊ ऊप स्वूऊप स्वू ऊ ओप स्वू ऊ ओप स्ओू ऊ ऊ ऊप स्ओू ऊ ऊ ऊप स्वूऊप स्वू ऊ ओप स्वू ऊ ओप स्ओू ऊ ऊ ऊप स्ओू ऊ ऊ ऊप स्वूऊप स्वू ऊ ओप स्वू ऊ ओप स्ओू ऊ ऊ ऊप स्ओू ऊ ऊ ऊप स्वूऊप स्वू ऊ ओप स्वू ऊ ओप स्ओू ऊ ऊ ऊप स्ओू ऊ ऊ ऊप स्वूऊप स्वू ऊ ओप स्वू ऊ ओप स्ओू ऊ ऊ ऊप स्ओू ऊ ऊ ऊप स्वूऊप स्वू ऊ ओप स्वू ऊ ओप स्ओू ऊ ऊ ऊप स्ओू ऊ ऊ ऊप स्वूऊप स्वू ऊ ओप स्वू ऊ ओप स्ओू ऊ ऊ ऊप स्ओू ऊ ऊ ऊप स्वूऊप स्वू ऊ ओप स्वू ऊ ओप स्ओू ऊ ऊ ऊप स्ओू ऊ ऊ ऊप स्वूऊप स्वू ऊ ओप स्वू ऊ ओप स्ओू ऊ ऊ ऊप स्ओू ऊ ऊ ऊप स्वूऊप स्वू ऊ ओप स्वू ऊ ओप स्ओू ऊ ऊ ऊप स्ओू ऊ ऊ ऊप…

फिर उन्होंने अपना लंड बाहर निकाला और अपने हाथ में थूक कर उस थूक को अपने लंड पर रगड़ा.

उनका लंड, उनकी थूक की परत में चमक रहा था.

मैंने फिर से उनका थूक से सना लंड मुंह में लिया और उससे और ज़ोर ज़ोर से चूसने लगी.

गुरु जी भी मेरे बालों को पकड़ कर अपना लंड मेरे मुंह में मारने लगे, फिर से..

ले ले रंडी… ले मेरा लंड… आ आह ह स स्स्स्स्स स्स आ आ अह ह ह आह ह अह ह…

तोप तोप तोप तोप तोप तोप तोप तोप…

खूब चूसा के बाद, गुरु जी ने मुझे पकड़ा और फिर अपने लंड का टोपा मेरे होंठों पर टीका कर मुस्कुराते हुए कहा – ले मेरा मुठ, कुतिया…

और बस कुछ ही पलों में, उन्होंने अपनी पहली धार मेरे मुंह में छोड़ दी.

उनका गाड़ा रस, मेरे मुंह में उफन पड़ा..

उू उ उम्म्म्म स स्स्स्स्स् स्स्स्स्स् स्स्स्स्स् सस्स प्रआ आ आ आ आ आ आ आ आ आअ…

गुरु जी का गर्म गर्म मुठ मेरे मुंह में था.

मैंने उससे अपने मुंह में ही रख कर उन्हें दिखाते हुए, मुठ को अपनी जीभ से मुंह में चारों तरफ घुमाया और फिर में उसे पी गई..

कहानी जारी रहेगी…

Hindi Sex Stories – Paayal Ki Chut Hui Kaayal 5

Written by

मस्त कामिनी

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