पायल की चूत हुई कायल 7

(Paayal Ki Chut Hui Kaayal 7)

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Hindi Sex Stories Par Pesh Hai Paayal Ki Chut Hui Kaayal Ka 7th Part…

लेखिका – पायल मिश्रा

गुरु जी ने मेरी चूत को अपने दांतों से काटना शुरू किया और इससे में एकदम बेबस होकर बिस्तर में जल बिन मछली की तरह मचलने लगी.

फिर उन्होंने मेरी चूत के द्वार खोले और अपनी जीभ को चूत में डाल कर मेरी चूत को चाटने लगे.

उनकी जीभ जब मेरी चूत के दाने पर रगड़ खाने लगी तो में बेकाबू हो गई और मैंने अपने पैरों से गुरु जी के पीठ को दबाया और मेरी उंगलियों से उन्हें बाल नोचे.

मैं पहली बार इतनी ज़ोर ज़ोर से सिसकारियाँ ले रही थी.

ऐसा आनंद पहले कभी नहीं मिला था.

ओह गुरुजिइइई ई ई ई ई ई ई ई ई ई ई ई ई खा जाओ मेरी चूत को स स्स्स्स्स् स्स स्स… हरम ज़ाड़े …. साले मा दर चोद… गुरु जी… उम्म्म आह ह उउई इ इ म्म्म्मा आ आ आ आअ में मर रर्र्र्र र र गाइिई ई ई ई ई ई… तेरी छिनाल हूँ आज से, मेरे लौडू राजा.

फिर गुरु जी ने अपने लंड मेरे हाथ में थमाया. उनका लंड अब नर्म पढ़ चुका था लेकिन उनकी भूख शांत नहीं हुई थी और मेरी भी भूख मिटी नहीं थी.

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उनके लंड को हाथ में लेकर, मैंने उन्हें स्माइल देते हुए उनके लंड को सहलाना शुरू किया.

फिर मैंने लंड पर अपने थूक गिराया और अपने थूक से ज़ोर ज़ोर से सहलाने लगी, लंड को..

गुरु जी ने मेरे बालों में उंगलियाँ फेरते हुए, मुझसे कहा – मेरे मुठ को अपनी कोख में नहीं लेगी बहू !?! मेरी हर छिनाल मुझसे औलाद चाहती है और ना जाने कितनी, मेरी कितनी भक्त की दानी मैंने अपने मुठ से भरी है.

मैं उनकी बातें सुन कर लंड को और ज़ोर ज़ोर से सहलाने लगी और उनके टोपे को चाटने लगी..

उम्म्म्म गुरु जी मुझे जितना चाहिए चोदये और जितना मुठ मेरी चूत में उड़ेलना चाहते है, उड़ेल दीजिए… मुझे मेरी सासू मां और ननद के सामने भी चोदगें तो खुशी होगी, मेरे राजा…

मेरे सहलाने और चटाई से गुरु जी के लंड में फिर से जान आ गई. उनका लंड फिर से टन गया.

उन्होंने मुझे लिटा दिया और अपने लंड के टोपे को मेरी चूत पर रगड़ना शुरू किया. उनका बड़ा मोटा टोपा, मेरी चूत के लिप्स को रगड़ रहा था.

मैंने बेडशीट को मुट्ठी में भींचा… श गुरु जी मेरी चूत को अपने लंड के तीर से भेद दीजिए… फाड़ डालिए, मेरी चूत को अपने मोटे सुपाड़े से…

गुरु जी ने नीचे झुक कर अपने बदन का वजन मेरे ऊपर डाला और फिर मेरी चूत में अपने लंड का सुपाड़ा घुसाने लगे.

उनके मोटे सुपाड़े से, मेरी चूत पहली बार हाथ से ज़्यादा फैली हुई थी.

उनके मोटे सुपाड़े ने मानो मेरी चूत अपनी हद तक खोल दिया था.

उनका मोटा मोटा सुपाड़ा मेरी चूत के अंदर की दीवारों पर रगड़ खाता हुआ अंदर धसने लगा था.

सुपाड़े की रगड़ से, मैं पागल सी हो रही थी.

गुरु जी ने अपनी कमर को आगे-पीछे हिलाना शुरू किया जिससे उनका लंड मेरी चूत में अंदर-बाहर होने लगा और गर्दन के कारण मेरी चूत और गर्म होने लगी…

आ अह ह स स्स्स्स्स् सस्स म्म्म्म म म म म म ऑश गुरुजिइइई ई ई ई ई ई स सस्स और पेलिए ने मेरी चूत को !?! अह ह ऊ ऊ ओह ऐसे ही मारते रहिए, अपने लंड को मेरी चूत में है…

मैंने गुरु जी की पीठ पर दोनों हाथ रखे और मेरी उंगलियों के सिरों को उनकी पीठ में दबाते हुए, उन्हें अपनी तरफ खींचा.

गुरु जी ने अपनी रफ़्तार बधाई और मेरी चूत में अपना लंड ज़ोर ज़ोर से पेलते रहे.

उनकी इस कसी हुई चुदाई से, मेरी चूत से एक बार फिर अपना पानी छोड़ा उनके लंड पर.

गुरु जी ने लंड पर पानी का स्पर्श महसूस करते ही मुझे देखा और कहा – तो आख़िर तेरी चूत ने मेरे लंड का अभिषेक कर ही दिया, पुत्री…

मैंने भी हाँ में सिर हिलाया और कहा – गुरु जी में अबसे आपके रोज़ आपके लंड का अभिषेक करना चाहती हूँ…

मेरी बातों से गुरु जी ने हल्की सी मुस्कान देते हुए मुझे उठाया और पलट कर मुझे घोड़ी बनाया.

गुरु जी ने, पीछे अपना लंड मेरी चूत में घुसेड दिया.

पहली बार, किसी मर्द ने मुझे इस पोज़िशन में लंड दिया था चूत में.

उनके लंड के प्रवेश से, मैं फिर से पागल हो उठी.

मैंने अपनी गाण्ड पीछे करते हुए लंड को गहराई में लेने की कोशिश की.

गुरु जी ने मेरी कमर पकड़ ली और फिर उन्होंने मुझे डॉगी स्टाइल में चोदना शुरू किया. मेरी चूत एकदम गीली हो चुकी थी इतनी बार झड़ने से.

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