लंड फोड़, बिस्तर तोड़ छमिया 1

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लेखक – प्रणव
सम्पादिका – मस्त कामिनी

मेरे प्यारे दोस्तो, आप सभी को मेरा प्यार भरा नमस्कार।।

कामिनी जी को मेरा प्रणाम और अपनी साइट पर मेरी कहानी प्रकाशित करने का धन्यवाद।।

तो दोस्तो, मेरा नाम प्रणव है और आज मैं आप सबको, एक “सच्ची कहानी” बताने जा रहा हूँ।।

कहानी वैसे तो आज से कुछ साल पहले की है पर यक़ीनन, आपको मज़ा आएगा।।

कम से कम मेरी सेक्स स्टोरी पर, इस विषय पर कोई कहानी प्रकाशित नहीं हुई।।

खैर.. !

कहानी पढ़ने के बाद, कामिनी जी को [email protected] पर मेल ज़रूर कीजिएगा क्यूंकी मैं जानना चाहता हूँ की क्या मैं अकेला ऐसा हूँ, जिसके साथ ऐसा हुआ या दुनिया में और भी लोग हैं।।

मस्त कहानियाँ हैं, मेरी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर !!! !!

कहानी शुरू करने से पहले, मैं आप सबको अपने परिवार के बारे में बता दूँ।।

मेरे परिवार में 4 लोग हैं – मैं, मेरे पापा, मेरी मम्मी और मेरी बड़ी बहन यानी मेरी दीदी।।

मेरी बहन, दूसरे शहर में रह कर पढ़ाई कर रही है।।

मेरे पापा, एक मल्टी नेशनल सॉफ्टवेयर कंपनी में “प्रोजेक्ट मैनेजर” हैं और ज़्यादातर बाहर ही रहते हैं।।

उनकी कंपनी के सभी क्लाइंट्स, अनुमन “विदेशी” ही रहते हैं इसलिए बमुश्किल वो साल में एक बार या कभी कभी 2 बार ही घर पर लंबे समय के लिए आ पाते हैं।।

घर पर ज़्यादातर, मैं और मेरी मम्मी अकेले ही रहते हैं।।

अब बात मेरी मम्मी की।।

उनका नाम – महक है।।

सच कहूँ दोस्तो तो वाकई मेरी मम्मी देखने में बहुत सुन्दर है।।

उनका रंग बिल्कुल गोरा है और मेरी मम्मी का फिगर बहुत अच्छा है।।

उनकी गाण्ड थोड़ी बड़ी है पर चुचे बिल्कुल आकार लिए हुए हैं।।

पेट सपाट और बाल लंबे हैं।।

दोस्तो, यूँ तो उनकी उम्र भी ज़्यादा नहीं है।।

असल में, मेरे मम्मी और पापा ने साथ में एक ही कॉलेज से इंजीनियरिंग की थी।।

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दोनों उस दौरान ही प्यार में पड़ गये थे और कॉलेज ख़तम होते होते, मेरी बड़ी बहन मम्मी के गर्भ में थी।।

पापा की नौकरी लगने से पहले ही, दोनों की शादी हो चुकी थी।।

खैर.. !

कम उम्र में माँ बनने का सदमा हो या शुरू में ज़्यादातर पापा के साथ विदेश में रहने का, पर ये बात तो है की वो अपने फिगर को और अपने आपको काफ़ी फिट रखती हैं।।

अब आते हैं, कहानी पर.. ! .. !

उस वक़्त, जब मैं जब काफ़ी छोटा था तब बराबर अपनी मम्मी के साथ बाहर जाता था।।

मैंने कई बार देखा है, अंकल लोगों को मेरी मम्मी के बदन को घूर घूर के देखते हुए।।

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वैसे सच कहूँ तो अब समझ आता है, वो लोग ऐसा क्यों करते थे क्यूंकि ज़्यादातर जवानी विदेश में बिताने के कारण, मेरी मम्मी ऐसे कपड़े पहनती थीं की कोई भी मर्द पागल हो जाए।।

उनका स्कर्ट ऐसा होता था की अगर किसी वजह से नीचे झुकना पड़े तो उनकी पैंटी दिखने लगती थी।।

उनकी गोरी जांघें तो हमेशा, उनकी स्कर्ट से साफ दिखती रहती थीं।।

यूँ तो मेरी मम्मी साड़ी बहुत ही कम पहनती हैं पर मेरी मम्मी के जो ब्लाउज हैं, बहुत ही कसे हुए रहते हैं जिनसे उनके “चुचे की घाटी” साफ दिखती रहती है।।

कम उम्र में ही शादी होने और माँ बनने से, उनको अपने आप को जवान और कमसिन दिखाने का कुछ ज़्यादा ही शौक है।।

हाँ तो अब मैं आप सबको अपनी कहानी पर ले आता हूँ।। ।।

मेरा एक बचपन का एक दोस्त है – श्लोक।।

श्लोक मेरे ही मोहल्ले में रहता है और उसके पापा, एक बिल्डर हैं।।

बल्कि मैं जिस अपार्टमेंट में रहता हूँ, वो भी उन्हीं का बनाया हुआ है।।

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श्लोक के पापा, बहुत “लंबे चौड़े” हैं।।

देखने में, बहुत ही स्मार्ट और अच्छे हैं।।

लगभग 6 फीट लंबाई है और उन्होंने बॉडी बनाई हुई है।। (मतलब कसरती जिस्म है)।।

अंकल, अपने कॉलेज में बॉक्सिंग किया करते थे सो बिल्कुल फिट आदमी हैं।।

अंकल, मेरी मम्मी और पापा को बहुत अच्छे से जानते हैं क्यूंकि फ्लैट लेने के समय बराबर उनसे मुलाकात होती थी।।

पापा के काम की वजह से, खास तौर से मम्मी से क्यूंकि मम्मी हफ्ते में एक दो बार ज़रूर देखने आती थीं की फ्लैट का काम कितना आगे बढ़ा है।।

पापा कभी कभी, यानी एक दो बार मम्मी के साथ आते थे।।

इधर, मैं और श्लोक एक ही स्कूल में थे सो हमारा बराबर घर आना जाना था।।

कभी वो मेरे घर, कभी मैं उसके घर।।

कई बार ऐसा होता था की बस स्टॉप पर अंकल, श्लोक को छोड़ने आते थे और मम्मी मुझे।।

वहाँ भी, दोनों की बातें होती थीं।।

चूँकि उस वक़्त, हम काफ़ी छोटे थे और मैं और श्लोक आपस में ही बिज़ी रहते थे सो ज़यादा नहीं बता सकता की क्या बातें होती थीं और वैसे भी दोस्तो, उस उम्र में बड़ों की बातें कहाँ समझ आती हैं।।

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हाँ पर जैसे जैसे बड़ा हुआ, इतना समझ आता गया की अंकल मेरी मम्मी की गाण्ड और चुचे को देखते रहते हैं।।

मम्मी के टॉप या उनके ब्लाउज में, उनकी “घाटी” दिखती रहती थीं और अंकल कई बार उनकी घाटी को देखते थे।।

मैंने कई बार मम्मी को अपने चुचे ढकते हुए देखा है, अंकल के सामने।।

अब मैं आप सबको, एक “वार्तालाप” बताने जा रहा हूँ।।

ये वार्तालाप अंकल का है, जो वो उनके दोस्तो के साथ कर रहे थे।।

उर्मी आंटी (श्लोक की मम्मी) अपने मायके गई थीं क्यूंकी श्लोक की नानी की तबीयत खराब थी।।

मैं श्लोक के यहाँ गया हुआ था।।

मैं और श्लोक, अपने होम वर्क पर काम कर रहे थे और अंकल आ चुके थे।।

दोस्तों, मेरी कहानी के इस भाग को इतने संयम से पढ़ने का धन्यवाद..

यदि आप को कहानी पसंद आई तो अगला भाग जरूर पढियेगा..

वैसे, मुझे पूरी पूरी उम्मीद है कहानी आप को पसंद आ रही होगी..

धन्यवाद, मेरी सेक्स स्टोरी..

धन्यवाद, कामिनी जी..

यदि आप भी चाहते हैं की आपकी कहानी इसी तरह मेरी सेक्स स्टोरी पर प्रकाशित हो तो बस नोटपैड पर हिन्दी या हिंगलिश में अपनी कहानी लिखिए और भेज दीजिये – [email protected] पर..

और, यदि आपके पास मेरी सेक्स स्टोरी को बेहतर बनाने के लिए सुझाव हैं, तो भी आप हमें मेल कर सकते हैं – [email protected] पर..

Written by

मस्त कामिनी

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