मुस्कान और संजना ने सिखाई चूत की असली चुदाई

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लेखक – विशु कपूर
सम्पादिका – मस्त कामिनी

मैं आगरा के इरादात नगर से एक २१ साल का नौजवान लड़का हूँ और ईश्वर ने मुझे अच्छे शरीर और लंबे मोटे लण्ड का मालिक बनाया है।

बताते हैं कि जब मैं करीब ५ साल का था तब मेरे लण्ड की लंबाई करीब ६ इंच की थी और गर्मी की छुट्टियों में पड़ोस की सभी जवान लड़कियाँ दोपहर में खेलने के लिए मेरी मम्मी से पूछकर मुझे अपने घर ले जाया करती थीं।

उसके बाद वो सभी इकट्ठा होकर मुझे एक कमरे में लेकर दूल्हा-दुल्हन का खेल खेलती थीं, मैं छोटा होने के कारण कुछ भी समझ नहीं पाता था।

सभी लड़कियाँ बारी-बारी से मेरा लण्ड मुँह में लेकर चूसती थीं और जैतून के तेल से मालिश भी करती थीं। समय काफ़ी तेज़ी के साथ गुज़रता रहा और मैं एक १४ साल का जवान लड़का बन गया।

पिताजी ने मेरा आगरा के एक स्कूल में कक्षा १० में दाखिला करवा दिया और हॉस्टल में रहने के लिए कमरा भी दिलवा दिया।

उम्र के साथ-साथ मेरा लण्ड भी ९ इंच का हो गया, जो खड़ा होने पर एक विकराल रूप धारण कर लेता था।

करीब दो साल बाद एक रवि चौहान नाम का लड़का जो शिकोहाबाद का रहने वाला था, मेरी ही कक्षा में प्रवेश लेने के लिए आया।

प्रिन्सिपल साहब ने उसे मेरा रूम पार्ट्नर बना कर भेजा। एक-दो दिन उसके साथ रहने पर पता चला कि वो नंबर एक का बिगड़ा हुआ बड़े बाप की औलाद है और उसके शौक बड़े लड़कों की तरह थे जैसे सिगरेट पीना, रंडी बाज़ी करना आदि, जिसके लिए वो रंडी बाज़ार के चक्कर भी लगाया करता था।

कहाँ मैं गाँव का सीधा-सादा लड़का था और कहाँ वो शहर का चालू और बिगड़ा हुआ लड़का था। मगर मैं करता भी क्या? रूम पार्ट्नर जो था…

मुझे उससे दोस्ती करनी पड़ी, लेकिन मैंने उसके किसी भी शौक को अपने गले नहीं लगाया। मेरी उससे दोस्ती सिर्फ़ रूम शेयर करने की थी।

कुछ दिन बाद एक हफ्ते की छुट्टियाँ होने की वजह से ज़्यादातर लड़के और लड़कियाँ अपने-अपने घर चले गये थे, उसी दोपहर करीब दिन के ३ बजे वो ट्यूशन से लौटकर आया तो उसने मुझसे कहा कि बाज़ार में दो पटाखा लड़कियाँ आई हैं, देखते ही तेरी लार टपक जाएगी।

मैंने उसको मना तो कर दिया, लेकिन मेरा लण्ड सुन कर खड़ा हो गया। उसने मेरे लण्ड की और देखा और मुस्कुरा कर चला गया।

करीब आधा घंटे बाद वो लौटकर आया और मुझसे बोला कि शाम के करीब ९ बजे दो रंडियाँ आएँगी, जिन्हें सिर्फ़ तेरे लिए मैंने तीन हज़ार देकर बुक किया है… मैं तो उन दोनों की चुदाई कर चुका हूँ इसलिए ये मत सोचना कि मैं भी तेरे साथ इन रंडियों को शेयर करूँगा, ये दोनों सिर्फ़ तेरे लिए हैं…

मैंने उसे बताया कि मैंने कभी किसी भी लड़की की चुदाई नहीं की है, तो वो बोला कि चिंता करने की कोई ज़रूरत नहीं है, वो दोनों तुझे सब सिखा देंगी। ये कहकर वो चला गया और मैं चादर तानकर सो गया।

शाम को करीब ७ बजे मेरी आँख खुली तो मैं फ्रेश होकर डिनर करने मेस में चला गया और खाना खाकर बाज़ार घूमने चला गया।

करीब ८:४५ बजे मैं कमरे पर लौटकर आया ही था कि कुछ देर बाद ही दरवाजे पर दस्तक हुई।

मैंने उठकर दरबाज़ा खोला तो देखा कि दो करीब १८-१९ साल की बला की खूबसूरत लड़कियाँ खड़ी हुई थीं।

मैंने उन दोनों से पूछा कि कहिए, तो उन्होंने कहा कि हमें रवि ने बुलाया था और हमें विशु कपूर से मिलना है।

मैंने उन्हें अंदर आने के लिए कहा और उन दोनों ने अपना परिचय संजना और मुस्कान कहकर दिया।

कुछ देर इधर-उधर की बातें की, उसके बाद उन दोनों ने मेरे सामने अपने सारे कपड़े उतार दिए, मुझे किस करने लगीं और मुस्कान ने मेरे भी सारे कपड़े उतार कर पूरा नंगा कर दिया।

जैसे ही मुस्कान ने मेरा अंडरवियर उतारा तो संजना ने कहा कि हाए दैया, इसका लण्ड तो बहुत बड़ा है… इससे चुदने में तो बहुत मज़ा आएगा… ये कहकर संजना ने लपक कर मेरा लण्ड अपने मुँह में ले लिया।

कुछ देर चूसने पर ही मेरा वीर्य उसके मुँह में ही छूट गया, वो मेरे वीर्य को पीने के बाद बोली कि इस अमृत को रोक कर रख… जितनी देर इसको रोककर रखेगा, उतनी देर हमें और तुझे बहुत मज़ा आएगा…

उसके बाद मुस्कान ने कहा कि तू अब मेरी चूत चाट। मैं एक बच्चे की तरह उनकी चूत को चाटने लगा।

करीब ५ मिनट बाद ही मुस्कान सिसकारी भरने लगी पर मैं लगातार मुस्कान की चूत चाटता ही रहा।

करीब २० मिनट बाद संजना ने कहा – जब तक लड़की तड़प-तड़प कर कहने ना लगे कि मुझसे अब बर्दाशत नहीं हो रहा है, चोदो मुझे… तब तक लड़की की चूत में लण्ड नहीं डालना नहीं चाहिए… इसके अलावा जब भी लण्ड चूत में डालो, लड़की पर ज़रा सा भी रहम मत करना और पूरा जड़ तक लण्ड चूत में डालकर ही दम लेना… फिर धीरे-धीरे धक्के लगाकर स्पीड तेज कर देनी चाहिए… जब लगे कि तेरा वीर्य निकलने वाला है, तो स्पीड कम कर देनी चाहिए… यह विशेष तौर पर ध्यान रखना है, जब तक लड़की की चूत पानी नहीं छोड़े तब तक अपना वीर्य नहीं निकलने नहीं देना है…

जैसे-जैसे मुझे संजना ने बताया मैंने वैसे ही मुस्कान की चुदाई की। करीब ४० मिनट की चुदाई के बाद मुस्कान ने मेरा लण्ड चूसा और उसी तरह से मैंने संजना को करीब १ घंटे चोदा।

उसके बाद मैंने उन दोनों के साथ गुदा-मैथुन भी किया। जब हम रात को चुदाई से फ्री हुए तो घड़ी में साढ़े तीन बाज रहे थे।

उसके बाद हम तीनों ही नंगे सो गये।

सुबह जब वो दोनों जाने को हुई तो उन्होंने मुझे तीन हज़ार रुपये वापस करते हुए कहा कि तूने हम दोनों को खुश कर दिया है, ज़िंदगी में पहली बार हम इतने बड़े और दमदार लण्ड से चुदी हैं… हम तेरे से कैसे पैसे ले सकती हैं? तेरे लण्ड में बहुत ताक़त है… कहकर वो दोनों चली गयीं।

दोस्तो बताओ, मेरी ये पहली कहानी कैसी लगी?

अपनी विचारधारा मुझे जरूर भेजें…

Written by

मस्त कामिनी

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