मामी बन गई मेरी रखैल

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देसी सेक्स कहानी तब की है जब मैं मामा के घर गया था और मामी के भीगे बदन को देख उनकी चुदाई के सपने देखने लगा और एक घडी आया कि मैंने उनकी जी भर के चुदाई की।

नमस्ते दोस्तो,

मेरा नाम राज है और मैं मुंबई का रहने वाला हूँ, आशा है कि आप सब ठीक होंगे! मैंने मेरी सेक्स स्टोरी की बहुत सी कहानियाँ पढ़ी हैं, तो मुझे भी लगा कि मेरी जिंदगी की पहली चुदाई आपके साथ शेयर करूँ!

यह कहानी मैंने अब तक किसी को नहीं बताया। मुझे यह साईट बहुत पसंद है और मैं रोज इस साईट की कहानी पढता हूँ।

मैं अब अपनी कहानी पर आता हूँ और आशा करता हूँ कि यह कहानी आप लोगों को अच्छी लगे!

यह कहानी उन दिनों की है, जब मैं 12th की एग्जाम देने के बाद मैं अपने गाँव गया। गाँव में मेरे मामा, मामी और उनका बेटा, जो कि उस समय 6 क्लास में पढता था।

जैसे कि, मैंने कहा कि मैं मामा के घर रहता था तो वहाँ पर मेरी ज़िन्दगी की पहली चुदाई हुई। मेरी पहली चुदाई मेरे मामी के साथ हुई।

क्या फिगर था उनका! उनके फिगर का साइज़ 36-28-34 था। मामी बहुत सेक्सी दिखती थीं। उनका नाम सरिता था। उनकी उम्र लगभग 30 साल रही होगी!

मैं उनको कई बार नहाते हुए देखा था, उनका भीगा बदन देखने मात्र से, मेरा लण्ड तो जैसे पैंट से बाहर आने की कोशिश करता था! जब भी हम खाना खाने बैठते थे तो सब लोग साथ साथ में बैठते थे।

मेरा पूरा ध्यान उनकी चूचियों पर ही रहता था, कितने बड़े बड़े! गोल गोल! और हर समय मैं यही सोचता था कि किसी भी तरह मैं उनके चूचियों को छू लूँ।

एक दिन मेरे मामा काम के सिलसिले में बाहर शहर गए थे तो घर में अब मैं, मामी और उनका बेटा थे। मामा को बहुत दिन लगने वाले थे वापस आने के लिए।

मैं मामा को स्टेशन पर छोड़कर घर वापस आया और हम लोग खाना खा के सोने की तैयारी करने लगे। मैं ऊपर वाले कमरे में सोता था, तो मैंने मामी को गुड नाईट किया और ऊपर सोने के लिए चला गया।

मैं रात भर बस यही सोचने लगा कि मामी को किसी तरह से चोदना है! तभी जाकर मेरे लण्ड को राहत मिलेगी।

मैंने इससे पहले कभी चुदाई नहीं किया था, पर मैं मोबाइल में सेक्सी वीडियोस देखता था और मुठ मारता था।

इस छुट्टी में मेरी तकदीर बदलने वाली थी क्योंकि मैं जो सोच रहा था वो सच में होने वाला था और सोचते सोचते सो गया।

सुबह सुबह मामी कपड़े सुखाने के लिए ऊपर आई थी और, उनका बेटा खेलने के लिए बाहर गया था। मामी ऊपर आई तो मेरी नींद खुली हुई थी पर मैं सोने का नाटक कर रहा था।

मामी सिर्फ गाउन पहनी थी और उसके अन्दर ब्रा भी नहीं पहनी थी, तो उनके बूब्स पूरे दिख रहे थे।

जो कपड़े सुखाने की रस्सी थी वो मेरे ऊपर ही थी, तो मामी मेरे बाजू में आकर खड़ी रह कर कपड़े सूखने डाल रही थी, जब जब वो हाथ ऊपर करती उनके बूब्स पूरे के पूरे चेहरे के सामने आते थे।

यह सब देख कर मेरा लण्ड पूरा खड़ा हो गया, उस समय गर्मी थी इसलिए मैंने चादर नहीं ओढ़ा था तो मेरा खड़ा लण्ड पूरा साफ दिख रहा था।

अचानक! मामी की नजर मेरे खड़े लौड़े पर गई पर वो उन्होंने ऐसी हरकत की कि उन्होंने कुछ नहीं देखा।

उन्होंने कपड़े डालते हुए जानबूझ कर एक कपड़ा छोड़ दिया और कपड़ा मेरे लण्ड पर आकर गिर गया! तो मामी ने कपड़ा उठाते उठाते मेरे लण्ड को अपने हाथों से छू लिया और मैं भी जानबूझ नींद में हिलने का नाटक करने लगा।

अचानक! मामी ने मेरे लण्ड को पकड़ लिया और सहलाने लगी, पर मैं अब तक सोने का नाटक कर रहा था!

मैं कब तक अपने पर काबू रख पाता! मैंने भी जोश में आकर मामी को कसकर पकड़ लिया और, फिर क्या था! मैं ज़िन्दगी की पहली चुदाई का सफर करने चल पड़ा।

मामी मेरे लण्ड को पूरे प्यार से सहला रही थी और मैं उनके बूब्स को पूरे जोश में दबाता रहा! क्या बूब्स थे! बिल्कुल गोल और सुडौल! मामी ने मुझे उठाया और अपने होंठ मेरे होंठों पर रख किश करने लगी।

मैंने भी उनको पकड़ कर मेरी तरफ खींचा और उनके होंठों को चूसने लगा, जैसे कि कोई मीठी रसीली आम हो!

यह सब 5-10 मिनट्स तक चलता रहा क्योंकि, ना तो वो पीछे हट रही थी और ना ही मैं छोड़ने वाला था!

मामी ने मेरे कपड़े उतारने शुरू कर दिए, पहले उन्होंने मेरा शर्ट उतारा और फिर मेरी पैंट! मैं सिर्फ चड्डी में उनके सामने रह गया और वो मेरे नंगे बदन को चूमने लगी!

मैंने भी उनका गाउन खोलने के लिए उनको खड़ा कर दिया, मैंने गाउन को नीचे से पकड़ा और ऊपर की तरफ खींचने लगा और जैसे ही उनका गाउन बूब्स के पास आया तो उन्होंने हाथ ऊपर कर लिए और मैंने गाउन को पूरा निकालकर उनके बदन से अलग कर दिया।

जैसा मैंने कहा था कि उन्होंने ब्रा नहीं पहना था तो गाउन हटते ही उनकी पैन्टी दिखी और उनके बूब्स मेरे सामने थे! बूब्स को देखते ही मैं पागल हो गया।

मैं उनके बूब्स को एकदम से पकड़ कर जोर जोर से दबाने लगा और मुँह में भर कर चूसने लगा! मामी भी मेरा पूरा साथ दे रही थी और मस्ती में आह! उह! की आवाजें निकाल रही थी।

उन्होंने मुझे बेड पर पटक दिया और मेरी चड्डी को झट से निकाल फेंकी और मेरे लण्ड को अपने मुँह में भर कर एकाएक चूसना शुरू कर दी और मैं भी पूरी मस्ती में उनका सर पकड़ कर अपनी ओर धकेले जा रहा था।

मेरा लण्ड मामी के पूरे मुँह में समा गया था और उनको साँस लेने में दिक्कत हो रही थी। मैं उस पल का पूरा मजा ले रहा था! क्योंकि जो मैं कभी सेक्सी वीडियोस में देखा करता था आज वो असल में हो रहा था।

मेरे मामी को चोदने की खवाहिश पूरी हो रही थी! मामी मेरे लण्ड को पूरे मजे के साथ चूस रही थी, जैसे कोई बच्चा लोलीपॉप चूस रहा हो! अब मुझसे रहा नहीं गया और मेरे बदन में एक कंपकपी सी होने लगी।

अब मैं झड़ने वाला था! मैंने उनको सर को तेजी से आगे पीछे करना शुरू कर दिया और तेजी से मैंने अपना लावा उनके मुँह में छोड़ दिया और मामी ने मेरा सारा माल पूरे प्यार से पी गई और फिर से मेरे लण्ड को चूसने लगी!

मैंने भी मामी को उठाया और बेड पर लिटा दिया और उनकी पैन्टी को उतार दिया, जैसे ही मैंने पैन्टी को उनके शरीर से अलग किया तो उनकी चूत मेरे सामने आई। चूत पर थोड़े थोड़े बाल थे।

उन्होंने हाल में ही चूत के बाल को साफ किया था! मैंने उनके टाँगों को फैलाया और उनके चूत में अपना मुँह घुसा दिया और पूरी तरह से चूसने लगा और उंगली डाल कर अन्दर बाहर करने लगा।

मामी मस्ती में आवाजें निकालने लगी आह! हान्न्न! एस्से! हीई! राज्जा! चाट मेरे चूत कक्को!

अन्दर घुस जा और मेरे चूत में जाकर बैठ जा! अहहा! उईय्यी! ओ मेरे जान चाचाट जाआअ! पूरा पानी पीईई जाआअ! आह! चूओस! और चूस! पूरा पाआनी चुस्स जा!

ऐसा कहते कहते उन्होंने पूरा पानी मेरे मुँह में छोड़ दिया! वाह! क्या स्वाद था! अभी भी वह स्वाद मुझे याद है!

अब मैं उठ गया और लण्ड पर थोड़ा थूक लगाया और उनकी चूत पर रगड़ने लगा और वो कहने लगी- डाल दे अन्दर तेरा लौड़ा! फाड़ दे आज तेरी मामी की चूत! डाल ना डाल!

मैंने लण्ड को उनके चूत पर रखा और एकदम जोर से धक्का दिया और एक ही झटके में मेरा पूरा लण्ड उनकी चूत में अन्दर समा गया। मामी जोर से चीखी- उय्य्यीइ! मरर गई! अरे मेरे राजा थोड़ा धीरे डाल! तेरी मामी को मारने इरादा है क्या।।। ???

मैं अब धीरे धीरे लण्ड को आगे पीछे करने लगा तो मामी को अच्छा लगने लगा और वो पूरी तरह से पसीने से भीग चुकी थी, और जोर जोर से कमर को उछालने लगी और कहने लगी- ओ मेरे सैयां! फाड़ दे मेरी चूत को! बना ले मुझे अपनी बीवी!

यह सुनकर मैं पूरे जोश में आ गया और स्पीड से उनकी चुदाई करने लगा और कुछ देर चोदने के बाद मैंने अपना लण्ड निकाला और उनको घोड़ी बना दिया और मैंने अपने लण्ड पर थूक लगाया और पीछे से एक जोर का धक्का मारा और जोर जोर से अन्दर बाहर करने लगा।

मैं अपने एक हाथ से उनके बूब्स को दबा रहा था और दुसरे हाथ से उनकी गांड को कुरेद रहा था और वो बुरी तरह चीख रही थी- आहाह! मेरेरे रअआजा! औऊर जोर्रर्र से चोद्दद! उयीई माँ! हाँ! ऐस्स्से ही हीही! ओह्ह्ह!

अब मैं झड़ने वाला था, मैंने मामी से पूछा- मामी मैं झड़ने वाला हूँ! बोलो तो मैं अपना माल आपके चूत में छोड़ दूँ!

उन्होंने कहा- ओ मेरे राजा! मुझे तेरा पूरा पानी पीना है! डाल दे अपना लौड़ा मेरे मुँह में और छोड़ दे अपना सारा माल!

मैंने अपना लण्ड बाहर निकाला, और उनके मुँह के पास ले जाकर अपना सारा माल उनके मुँह में छोड़ दिया, और मामी मेरा पूरा माल पी गई और लण्ड को चाट चाट कर पूरा साफ कर दिया।

मैं और मामी पूरी तरह से थक चुके थे और, मैं मामी के ऊपर ही गिर गया और उनके ऊपर ही सो गया! फिर थोड़ी देर बाद हमें होश आया और मामी ने मुझसे पूछा, क्यों मेरे राजा! कैसा लगा?

मैंने कहा- ओ मामी जी! आज तक मैं सिर्फ सेक्स वीडियोस ही देख कर काम चलाता था! पर आज तो आपने मुझे जन्नत की सैर करा दी! आई लव यू मामी!

मामी बोली- ओ मेरे राजा! आई लव यू टू! पहले कभी किसी को चोदा नहीं था क्या?

मैं बोला- नहीं! मामी जी मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है, आज पहली बार मैंने किसी को चोदा है! ओ! थैंक्स मामी जी!

मामी बोली- अब जब भी तुझे चोदने का मन करे तो मेरे पास आ जाना! मैं तेरी प्यास बुझा दूँगी और मेरी भी प्यास बूझ जाएगी!

थोड़ी देर बाद मैं और मामी दोनों नीचे गए, और मिलकर नहाएँ।

रोज मैं अकेला नहाता था! आज मैं मामी के साथ नहा रहा था! आज मुझे मामी ने नहलाया और बोली- आज के बाद जब तक तू यहाँ पर रहने वाला है तब तक तुझे मैं नहलाऊँगी!

यह सुनकर मैंने मामी को जोर से पकड़ लिया और एक प्यारी सी किश ली!

इसके बाद तो, मैं जब तक गाँव में रहा तब तक रोज मामी के साथ चुदाई करता रहा और इसी तरह मैंने मामी को अपनी रखैल बना लिया! अब मैं जब भी गाँव जाता हूँ तो मामी को बिना चोदे वापस नहीं लौटता!

आशा करता हूँ कि आपको मेरी यह सच्ची कहानी बहुत पसंद आई होगी और मुझे पूरा विश्वास है कि आप लोग रिप्लाई करेंगे और अब मैं आप लोगों से इजाजत चाहता हूँ।

आप मुझे इस मेल पर अपना जवाब दे सकते हैं!
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मामी जब छत पर कपड़े सुखाने आई तब मेरे खड़े लण्ड को देख पागल हो गई और मेरे लण्ड के साथ खेलने लगी और मारे खुशी के मैंने भी मामी को अपनी बाहों में भरकर उनकी चूत का रसपान किया और आखिर में मैंने अपनी पहली चुदाई उनको चोद कर किया। देसी सेक्स कहानी की कहानी आपको कैसी लगी अपने कमेंट्स हमें भेजें!

Written by

guruji

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