ननद को अपने पति से चुदवाया- 2

(Nanad Ko Apne Pati Se Chudwaya- 2)

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हम दोनों पति पत्नी ने जो प्लान बनाया उससे मेरी ननद पर असर होने लगा था अब desi sex kahani के इस भाग में उस असर को थोडा और आगे बढ़ाने वाली चुदासी हरकत करने लगे..

अब तक आपने पढ़ा..

मैंने कहा लेकिन सागर आपका तो बहुत बडा हैं कोई औरत ऐसा लंड एक बार ले ले तो ज़िन्दगी भर नही भूल पायेगी तुमको। सागर बोला चल आज तुझे जन्नत की सैर कराता हूँ और ज़ोर ज़ोर से झटके मारने लगा और मैं और ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने लगी ‘ऊओई मैं मर गयी मै तो..।’

अब आगे..

नाश्ता करने बैठे मीना बार बार उसके भाई की और देख रही थी। मैंने ध्यान से देखा तब सागर भी अपनी बहन की ओर ही देख रहा था। मीना ने नाइटी पहनी थी और उसमेंं से उसकी काले कलर की ब्रा साफ साफ दिखाई दे रही थी और सागर का ध्यान उसकी ब्रा पर बार बार जा रहा था।

मैं मन ही मन में हँसने लगी फिर सागर ऑफीस चला गया मैं और मीना मार्केट गये कुछ समान लेने और आते वक़्त बच्चो को स्कूल से लेकर आये। शाम को सागर वापस आया सब ने एक साथ खाना खाया और कल की तरह सोने चले गये आज मुझे एक स्टेप और आगे बढ़ाना था।

बेडरूम में जाते हुये मैंने जानबूझ कर बेडरूम लॉक नही किया, कल जैसे हम नंगे हो गये और ज़ोर ज़ोर से बाते करने लगे ‘सागर प्लीज आज मुझे धीरे से करोगे ना?’ सागर बोला ‘आज तो मैं तेरी चूत फाड डालूँगा मैं।’
मैं बोली रूको मैं बेडरूम का दरवाजा बंद करना भूल गई हूँ, बंद करके आती हूँ सागर बोला कोई ज़रूरत नहीं हैं बंद करने की कोई नही आयेगा अन्दर मैं फिर बोली 2 मिनट मुझे छोडो ना मैं अभी बेडरूम का दरवाजा बंद करके आती हूँ।

सागर बोला ‘एक मिनट भी तुझे अब दूर जाने नही दूंगा, आज बहुत मूड में हूँ मैं और हम चूमने लगे एक दुसरे को। बेडरूम की ट्यूबलाइट हमने चला ही रखी थी किस्सिंग करते हुये मैंने धीरे से बेडरूम के दरवाजे की ओर देखा। मैंने देखा मीना ने थोडा सा दरवाजा खोला है और अन्दर देख रही है हमको।

फिर मैंने वहाँ ध्यान नही दिया और सागर को बेड पर खडा किया और नीचे बैठ कर सागर का लंड चूसने लगी सागर का लंड इतना बडा था की मेंरे मुँह में पूरा जाता भी नही था। 10 मिनट तक लंड चूसने के बाद सागर ने मुझे बेड पर सुला के मेंरी चूत चाटने लगा।

मैं सिस्स्करिया लेने लगी एक आँख से चुपके से दरवाजे की ओर देखा तो मीना छोटे से छेद में से देख रही थी। हमको चूत चाटने के बाद सागर मेंरे उपर आया और मेंरी चूत पर लंड रख के ज़ोर का धक्का मारा। मैं चिल्ला उठी धीरे ‘नाआअ, मार डालाआअ ऊऊओ.. गॉड।’

सागर फिर नॉनस्टॉप झटके मारने लगा मुझे, मै और ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने लगी ‘मर गई माँ कितना हार्ड सेक्स करते हो तुम्हारे साथ तो कोई रंडी भी नही सोयेगी।’ सागर बोला तू भी तो मेंरी रंडी ही हैं ना इसलिए तुझे मैं रंडी की तरह चोद रहा हूँ।
मैं बोली लेकिन आप ज़रा धीरे करो ना बाहर तुम्हारी बहन सोई हैं उसने सुन लिया तो सागर बोला सुन लिया तो सुनने दो उसने कभी लंड देखा नही हैं क्या उसके पति से रोज चुदती होगी।

वो साली भी इसलिए इतनी बडी गांड हो गई उसकी और इतने बडे बूब्स। मैं बोली अच्छा तो तुम्हारा ध्यान तुम्हारी बहन की गांड पर भी हैं क्या, सागर बोला क्या करूँ डियर कितनी खूबसूरत गांड हैं मेंरी बहन की जी करता हैं की मौका मिले तो उसकी भी गांड मार दूं।

फिर मैं ज़ोर ज़ोर से हँसने लगी। अब बाहर मीना की हालत और खराब हो गई थी यह बातें सुन कर हमारा सेक्स हो गया और मैं कल की तरह देखने गई बाहर मीना आज भी बाथरूम में गई थी उँगली डालने। अगले दिन भी सुबह चाय मीना को देने को कहा इस बार सागर को बोला था की उठना नही है मीना सागर के बेड के पास खडे होकर सागर को आवाज़ दे रही थी।

लेकिन सागर उठने का नाम नही ले रहा था मैं बाहर से सब चुपके से देख रही थी। फिर मीना ने हिम्मत करके चाय टेबल पर रखी और सागर के पास बेड पर बैठ गई और डरते डरते उसने सागर के लंड को हाथ लगाया 2 मिनट तक सहलाया वैसे ही सागर का लंड खडा होने लगा तब मीना तुरन्त वहाँ से उठी, मैं भी जल्दी से किचन में आ गई।

मेरे पीछे मीना आई और मुझे बोली भाभी मैं नहाने जा रही हूँ। सब फ्रेश होने के बाद नाश्ता करते वक़्त सागर ने मीना को बोला दीदी रात को नींद आई ना ठीक से, मीना शर्मा के नीचे देखने लगी फिर मैं बोली कैसे नींद आयेगी बेचारी को बिना पति के अकेले में तुम मेंरे बिना सो सकते हो क्या?

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