बुआ के लड़के को चूचियाँ पिलाई

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मैं चुदासी थी! अपनी चूत की आग को शांत करने वाले को तलाश रही थी! पर Hindi Sex Stories की इस घटना मुझे नहीं पता था, कि मेरी चूत की आग खुद निशांत भैया बुझाएंगे

नमस्कार दोस्तो,

मेरा नाम लवली है और मेरी उम्र 23 साल है। मेरे नाम के साथ मैं भी पूरी लवली हूँ! मुझमें बड़ी चुदास है।

मैं मेरी सेक्स स्टोरी की कहानियों को बहुत मन से पढ़ती हूँ! जिसमें मुझे चुदासी भाभी, चुदासी बहन शीर्षक वाली कहानियाँ बहुत पसंद है!

आज मेरे मन में भी, मेरे साथ हुई घटना आपलोगों से साझा करने का विचार आया है! अब कहानी पर आती हूँ।

बारिश के मौसन में मेरी चुदास बढ़ी

जुलाई का महिना था! और उस दिन बारिश हो रही थी। मेरी बहुत इच्छा हो रही थी! कि अपनी चूत को थोड़ी रगड़ दूँ।! पर ना जाने! कहाँ छुप कर बैठा था? मेरी चूत का राजा।

मैं अन्दर कमरे में, सारे कपड़े उतार कर बिस्तर पर, ब्रा और पैन्टी में सो रही थी! धीरे धीरे! खुद ही अपनी चूचियों को दबा रही थी और दोनों पैर फैला कर पड़ी हुई थी।

मेरा दूसरा हाथ! मेरी चड्डी के ऊपर से ही मेरी भीगी हुई चूत के छेद को सहला रहा था! कि तभी किसी ने मेरा दरवाज़ा ठोका!

मैं अपनी वासना भरी कल्पनाओ से भर कर बिस्तर पर ही बैठ गई। मैं आवाज़ देकर, पूछने ही वाली थी कि कौन है!

इतने में वो अंदर आ गया! वह मेरी बुआ के बड़े बेटे निशांत भैया थे।

मेरी चूची की झलक मिली भैया को

मैंने झट से! चुन्नी लेकर अपने नंगे बदन को धक लिया! पर ना जाने कैसे? चुन्नी मेरे 36″ के दायें वाले रसीले चूचे से गिरकर नीचे आ गई।

भैया मेरे चूचे को ही घूर रहे थे! उनकी आँखों में मेरी चूची चूसने की एक तड़प थी!

मैंने चुन्नी ठीक करी, और जैसे तेसे अपनी नजरें हटाई। जो कि उनके खड़े लण्ड को! अपने बड़े चूचियों के बीच घिसना चाहती थी!

मैंने कहा- भैया आप? दरवाज़ा ठीक से नहीं लगा होगा शायद! आप बताइए- कैसे आना हुआ?

भैया मेरे चूचे को ही घूरते हुए बोले- लव्ली मेरे दोस्त रमेश ने नया फ्लैट लिया है! उसकी उद्घाटन है! तुम चलना चाहोगी ?

मेरे और भैया के बीच हुई चुदासी बातें

मैंने भी उनकी नज़रों को थोड़ा सुकून देने के लिए, मेरी चुन्नी चूचियों पर से पूरी तरह हटा दी! और कहा, हाँ! भैया मैं चलूंगी!

उसके बाद तो! मुझे भी मज़ा आने लग गया! उन्होंने खुद का लण्ड पकड़ लिया! मैं मन ही मन सोचकर खुश हो रही थी, कि भैया भी आख़िर मेरी चूत चोदना ही चाहते है!

इस नज़रों से ही चोदने के खेल को! मम्मी की आवाज़ ने रोक दिया- चलो बच्चों! निशांत,लवली जल्दी निकलो! तुम दोनों राजगढ़ के लिए! नही तो वहाँ से आने में देरी हो जाएगी!

भैया अपनी नजरें झुका कर वहाँ से चले गए, फिर हम कार में निकले। आगे ड्राइवर गाड़ी चला रहा था और भैया पीछे की सीट पर मेरे बगल में बैठे थे।

4 घंटे का रास्ता था! मैंने एक कसी हुई टॉप पहना रखी थी! जिसके बड़े गले से मेरी छातियों का आकार काफ़ी हद तक दिख रहा था! और दोनों चूचियाँ मिलकर एक अच्छा आकर बना रहे थे!

भैया के मजबूत सीने देख हुई चुदासी

भैया के शर्ट की पहले ही 3 बटन खुले होने के कारण! मेरी नजरें तो उनकी मस्त सीने पर ही थी! हम दोनों चुप थे!

थोड़ी दूर चलने पर भैया बोले- लवली! क्या देख रही हो? ओफ हो! भैया ने मुझे उनके लण्ड को देख कर लार टपकाते देख लिया!

मैंने कहा- कुछ भी नहीं भैया! बस यूं ही!

भैया ने अपना हाथ मेरी कंधे पर रख लिया! और नज़दीक आकर कान में कहा- तेरे बड़े चूचे चूसने के लिए मरे जा रा हूँ! मुझे तो पता ही नहीं था मेरी बहन एसी मस्त माल है!

मैंने भी कहा- मुझे भी कहाँ पता था! कि आप मुझे बस ब्रा में ही देख कर इतने खुश होंगे!

भैया को मेरी नंगी चूचियाँ देखना था

अचानक! उन्होंने मुझे अपनी बाँहों में जकड़ लिया और कहने लगे- बस नमूना से ही मेरा पेट नहीं भरेगा! सारी जन्नत दिखाओ मुझे!

मैं नाटक करते हुए कहने लगी- यह क्या कह रहे हो भैया आप! तो उन्होंने टॉप के ऊपर से मेरी चूचियों को ज़ोर से दबा दिया!

मेरी तो चीख ही निकल गई- आह! उय्यीई माँ! तब उन्होंने कहा- लवली तू मेरी सबसे अच्छी बहन है! बोल! आज अपने इस भाई को खुश करेगी?

मैंने भी कह दिया- भैया! आप भी मुझे बहुत अच्छे लगते हो! जब जब! आपके मोटे से लण्ड पर नज़र जाती है! मेरी तो चूत गीली हो जाती है!

यह सुनते ही! भैया ने कार रुकवाई और ड्राइवर को पैसे देकर कहीं भेज दिया, और अब वो मेरे और भी नज़दीक आ गए।

हम दोनों ने एक दुसरे को चूमा

उन्होंने मुझे अपनी गोद में बिठा लिया! और मुझे सीने से लगा लिया। मैंने कुछ नहीं कहा और उनके चेहरे के पास अपना चेहरा ले आई।

वक़्त ना लगा कर! वो मेरे होंठों को चूसने लगे! धीरे धीरे! चूसना और भी बढ़ गया, और मे भी उनके होंठों को चूस रही थी!

हम दोनों ही एक दूसरे के होंठों का रसपान कर रहे थे! उस चुम्बन को! मैं आज भी याद करती हूँ, तो चूत चौड़ी हो जाती है!

क्या रसीले होंठ थे उनके! उफ्फ्फ! मेरी तो चूचियाँ ही खड़ी हो गई थी। उफ्फ्फ! उसके बाद तो भैया ने, मेरे टॉप के ऊपर से ही मेरी चूचियों को, ज़ोर ज़ोर से दबाना शुरू कर दिया!

भैया के हरकतों ने मुझे गर्म किया

अब मैं कराहने लगी, और वो दबाए जा रहे थे! और मैं गर्म हो रही थी! मेरी चूत के नीचे उनके लण्ड ने मुझे गर्म कर दिया था!

वो मुझे गले पर चूम रहे थे! चूस रहे थे! और मैं आवाज़े कर रही थी! आहा! कितना मज़ा आ रहा था! उनसे खुद को चुसवाने में! आह! हुहह!

मेरी पैन्टी में पानी भरे जा रहे थे! और मेरी चूत पूरी गीली हो रही थी!

वो और उत्तेजित हो गए और कहा- लवली तेरी छातियों का दूध पीला मुझे! पूरा भर के रखा है अन्दर! जब तू चूत में से अपना बच्चा निकालेगी! तो उसे बहुत दूध पिलाना!

भैया ने जोश में मेरी ब्रा फाड़ी

मेरे लण्ड को पहले शांत कर! जल्दी से तेरी ब्रा निकाल और तेरी चूचियाँ मेरे मुँह में डाल दे! मेरा लण्ड मचल रहा है तेरे चूचे चूसने को! देना रानी! कितना तड़पाएगी?

यह सुनकर मैं शर्म से लाल हो गई! और मैंने टॉप उतार दिया! अब बस ब्रा बची थी जो उन्होने जोश में फाड़ दी!

हाँ! दोस्तो, मेरे भैया ने मेरी ब्रा को फाड़ दी थी! बहुत ही जोशीले हैं वोह! अब मेरी चूचियाँ उस कसी हुई ब्रा से बाहर खुले में साँस ले रहे थे!

मेरे बड़े बड़े चूचे देखते ही उन्होंने चूचियाँ दबा दी! आह! मसल दिया मुझे! उफ्फ़! अहह! ओह्ह! क्या दर्द था वो!

चूचियाँ चूसवाने से जन्नत का मजा

उन्होंने चूचियों को मसलते हुए! एक चूचे को चूसना शुरू कर दिया! आह! कितना मज़ा आता है! यार चूचे चुसवाने में!

मेरा तो जी कर रहा था उनसे दिन रात अपनी चूचियाँ ही चुसवाती रहूँ! उनके मुँह में फिर मैंने अपना दूसरा मम्मा दिया!

उफ्फ्फ! जब जब वो अपने जीभ मेरी चूचियों पर फेरते थे! मेरी तो आहें निकलती थी!

इतनी राहत महसूस होती थी! जिसका बयां मैं सिर्फ़ करके ही दिखा सकती हूँ! लिख कर नही बता सकती!

बाकी कहानी आप अगले अंक में पढ़ेंगे।
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बारिश के दिन मैं और चुदासी हो जाती थी! निशांत भैया ने मुझे अधनंगी देख लिया था और Hindi Sex Stories की इस कड़ी में उन्हें मुझे पूरी देखने की चाहत थी! वो ड्राईवर को पैसे देकर कहीं भेज दिए। अब वो मुझे चूमने लगे! और मेरी चूचियाँ दबाते हुए मेरी ब्रा को फाड़ दी! और मेरी चूचियों को चूसकर पीने लगे। जिससे मैं पूरी तृप्त हो चुकी थी..

Written by

akash

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