मेरी निशा के साथ यादगार पल- 1

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किसी महफ़िल में अचानक से किसी को देखकर मन के तार डोल जाए वैसी desi sex kahani आप दोस्तों के बीच जरुर हुई होगी और मेरे साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ जिससे मैं डोल गया..

मेरी सेक्स स्टोरी के सभी पाठकों को मेरा नमस्कार।

मेरा नाम लव राज शर्मा है, मैं रायपुर छत्तीसगढ़ का रहने वाला हूँ। मेरा कद 5’ 8” है और मेरा लिंग का नाप 7″ है। मेरी उम्र 29 वर्ष है, मेरी शादी हुए लगभग 4 वर्ष हो गया है।

मैंने मेरी सेक्स स्टोरी की सभी कहानियाँ पढ़ी हैं। आज मैं आप सभी के लिए अपनी पहली और सच्ची कहानी लेकर आया हूँ, आशा करता हूँ कि आप सभी को मेरी कहानी पसंद आएगी।

बात करीब 1 साल पुरानी है। उस समय मैं एक गजल के प्रोग्राम में गजल सुनने गया था। चूँकि मैं गजल का शौक रखता हूँ, तो कुछ कलाकारों से मेरी अच्छी जान पहचान है।
मैं अपने कलाकार मित्र के साथ सामने की सीट में बैठकर बात कर रहा था तभी वहाँ एक 25 साल की लड़की ने प्रवेश किया और मेरे कलाकार मित्र के साथ बातें करने लगी।

तभी मेरे कलाकार मित्र ने उस लड़की के साथ मेरा भी परिचय कराया। उस लड़की ने मेरा अभिवादन कर अपना भी परिचय दिया।
‘हैलो….मेरा नाम निशा जैन है..।’ मैंने भी ‘हैलो..’ बोलकर कहा जी मेरा नाम लव राज शर्मा है। फिर हम दोनों बातें करने लगे।

वो दिखने में एकदम खूबसूरत अप्सरा सी थी, सारे लोग नज़रें चुराकर उसे ही देख रहा है, जब वो मटक-मटक कर चलती थी तो हर कोई उस पर फ़िदा हो जा रहा था।
उसका फिगर 34-30-36 रहा होगा। मैं भी उसे देखता तो मैं उसे देखता ही रह जाता था और मैं मन ही मन भी उसे पसन्द और प्यार करने लगा था।

पर उस समय उससे सिर्फ दोस्ती को पक्की बनाने में समझदारी समझी अपने दिल की बात दिल में ही कुछ दिनों के लिए दबा ली।
शायद भगवान को कुछ और मंजूर था उस दिन गज़ल प्रोग्राम ख़त्म होने के बाद मैं घर जाने को निकला तभी निशा मेरे पास आकर बातें करते करते हम दोनों ने मोबाइल नंबर एक्सचेंग किया।

और बातों बातों में उसने अपने घर का एड्रेस भी दे दिया। दूसरे दिन मोबाइल की घंटी से मेरी नींद खुली मैंने देखा की निशा का फोन था और वो मुझे अपने घर आने का निमंत्रण दे रही थी और छोटे बच्चों की तरह घर आने के लिए जिद्द करने लगी मैंने भी हां में हामी भर दी।

उसके बताये समय में मैं उसके घर पहुँच गया। निशा ने बड़े ख़ुशी से मेरा स्वागत किया मुझे बैठने के बाद मेरे लिये चाय बना के ले आयी। चाय पीते पीते उसने मुझसे बताया की उसने आज मेरे आने की ख़ुशी में मेरे लिए नया टी कप लेकर आयी है उस टी कप में I Love You लिखा था।

मैं थोडा सा घबरा गया लेकिन फिर भी उससे नार्मल बात करता रहा। बातों बातों में निशा ने बताया की उसके और उसके पति के बीच सम्बन्ध अच्छे नहीं है, कई समय से उनके बीच कोई सम्बन्ध भी नहीं है।

क्योकि ये शादी निशा के घर वालो ने उसके मर्ज़ी के बगैर किसी ज्यादा उम्र वाले आदमी से कर दी थी और उसका 1 छोटा लड़का भी था जो निशा के पहले पति से था।
निशा के पहले पति की मौत एक सड़क दुर्घटना में हो चुकी थी और दूसरे पति में उसे कोई रूचि नहीं थी। वे दोनों केवल नाम के पति पत्नी बनकर जिंदगी गुजार रहे थे।

मैंने भी समय देखकर सांत्वना देते हुए उसके पक्ष में कुछ बात कह दी तो वो तपाक से मेरे गले लग के रोने लगी। जैसे तैसे मैंने निशा को शांत कराया फिर विदाई लेकर अपने घर चला आया।

उसके बाद से निशा से फोन पे अक्सर बात होती थी और अब हम दोनों शाम को अधिकतर गार्डन में मिलने लगे, एक दूसरे के साथ समय बिताने लगे।
अब हम एक दूसरे के साथ खुल के मिलने लगे। इस तरह से 2-3 महीने गुजर गए। गर्मियों की छुट्टी लग चुकी थी तो मेरी पत्नी बच्चों को लेकर अपने मायके चली गयी ये बात मैंने बातो बातो में निशा को बता दिया।

उसने कहा की क्या मैं तुमसे मिलने तुम्हारे घर आ सकती हूँ। मैंने ‘हाँ..’ कह दी………!!!
ठीक है मैं तुमको दोपहर को फोन करुँगी, मुस्कुराते हुए निशा ने कहा।

मैं दोपहर में खाना खाने के बाद बेडरूम में ए.सी चालू कर के बेड पे लेटा हुआ था क्योकि इतनी तेज़ गर्मी में कही जाने का मूड नहीं हुआ, ठीक 2 बजे निशा ने मुझे फोन किया और घर आने के लिए पूछा तो मैंने भी हां आ जाओ कह दिया और अपना एड्रेस दे दिया।

ठीक 15 मिनट के बाद निशा ने मुझे फिर फोन किया। मैंने कहा ‘हैलो हाँ निशा बोलो क्या हुआ’ तो उसने कहा मैं तुम्हारे घर के दरवाजे में खड़ी हूँ। दरवाजा तो खोलो मैंने ‘हाँ’ कह कर मेन गेट खोलने नीचे आ गया।

जैसे ही मैंने घर का मेन गेट खोला उसे देखते ही मेरी आँखे फ़टी की फटी रह गई। उस दिन क्या लग रही थी, उसने हल्का नीले रंग का सलवार सूट पहना हुआ था। मैं तो उसे देखता रह गया, आज वो किसी अप्सरा से कम नहीं लग रही थी।

फिर मैंने गेट के बाहर झाँक कर देखा की कोई निशा को आते तो नहीं देख रहा है। लेकिन मेरी किस्मत अच्छी थी की बाहर कोई नहीं था। अक्सर गर्मियों के दिनों में दोपहर को सारे रास्ते सुनसान हो जाते हैं।

मैंने उसे अंदर आने का ईशारा किया और उसने बेडरूम में आते हीं मुझे गले से लगा लिया और चूमने लगी। मैं भी उसका साथ दे रहा था। मुझे कुछ कुछ डर भी लग रहा था। हमारा ये चुम्बन 10 मिनट चला होगा, उसके होंठ पूरी तरह से लाल हो चुके थे।

हम अब भी एक-दूसरे से चिपके हुए थे और हमारी साँस से साँस मिल रही थी। फिर हम दोनों बेड पे लेट कर बाते करने लगे। बात करते करते मैंने निशा को गले लगाकर किस करने लगा और मेरी उतेजना बढ़ने लगी।

तब मैंने उससे कहा- मैं तुम्हें चोदना चाहता हूँ। वो कुछ नहीं बोली और उसने अपनी आँखें बंद कर लीं मुझे ये उसकी मौन स्वीकृति लगी, अब मैंने उसे सहलाना शुरू किया और उसका सलवार निकाल दिया उसने कुछ नहीं कहा और मैं उसके उभारों को ब्रा के ऊपर से चूसने लगा।

उसके मुँह से सिर्फ सिसकारियाँ ही निकल रही थीं ‘आहह.. आह्ह..’..!!!

मैंने उसकी ब्रा खोल दी और उसके चूचों को चूसने लगा। उसने मुझे गले लगा लिया और मेरी पैन्ट में हाथ डाल कर मेरा लंड पकड़ लिया। कुछ देर में हम दोनों पूरी तरह नंगे हो चुके थे, वो मेरे लंड से खेल रही थी और मैं उसकी बूब्स को चूस रहा था।

सच में क्या मस्त चूचे थे उसके बहुत ही नरम उसे भी इसमें मजा आ रहा था। मैं उसके मम्मों को ज़ोर से दबाने लगा, उसके मुँह से आवाजें आने लगीं।
अब मैं उसकी चूत को सहलाने लगा, फिर उंगली चूत में डाल दी और अन्दर-बाहर करने लगा।

अब मानो वो पागल सी हो रही थी और उसके मुँह से ‘आआहह उउह्ह्ह्ह..’ की आवाज आने लगी थी। वो पूरी गर्म हो गई थी, वो बेतहाशा मुझे किस करने लगी।

मैं अपने दूसरे हाथ से फिर से उसके मम्मों को दबाने लगा। निशा मेरा लंड हिलाने लगी और ज़ोर-ज़ोर से दबाने लगी। फिर मैंने उससे लंड को चूसने को कहा तो वो ‘ना’ कहने लगी पर मेरे समझाने के बाद वो मान ग़ई।

उसने लंड को अपने मुँह में डाल लिया और पागलों की तरह चूसने लगी। मुझे भी इसमें बहुत मज़ा आ रहा था। मैं उसके बाल पकड़ कर उसके मुँह में लंड डालने लगा और उसका मुँह चोदने लगा।

मुझसे रहा नहीं गया तो मैं उसको उठा कर अपने मुँह के पास बैठने को कहा और इसी तरह हम दोनो 69 के पोजीशन में आ गए। अब उसकी चूत मेरे मुँह के पास और मेरा लँड उसके मुह के पास अब मैं उसकी चूत चाटने लगा और वो भी मजे से मेरा लँड चूस रही थी, अब वो पागल होने लगी थी और लंड डालने के लिए बोलने लगी।

मैंने भी सोचा अब देर नहीं करनी चाहिए, मैं अपना लंड उसकी चूत पर रगड़ने लगा, कुछ मिनट बाद मैं अपना लन्ड उसकी चूत में पेलने लगा लेकिन मेरा लन्ड अन्दर नहीं जा रहा था।
मैंने थोड़ा ज़ोर लगाया और उसकी चूत में लौड़ा घुसता चला गया। वो चिल्लाने लगी मैंने अपने होंठ उसके होंठ पर रख दिए और थोड़ा ज़ोर लगाने के बाद मेरा पूरा लंड उसकी चूत में चला गया उसके आँसू निकल आए।

वो चिल्लाने लगी- ओह्ह.. मुझे बहुत दर्द हो रहा है.. मत करो..।
मैं उसे समझाने लगा- दर्द तो होगा ही मेरी जान इतने दिनों से जो तुम चुदी नहीं हो… लेकिन उसके बाद मजा भी बहुत आएगा और यह दर्द का मजा तुमको ज़िंदगी भर याद रहेगा की असली चुदाई क्या होती है…..।

‘आज तुम्हारे चुत को चुदाई का मतलब पता चल जायेगा मेरी रानी..’ कुछ देर बाद वो शांत हुई। तो मैं अपना लन्ड धीरे-धीरे अन्दर-बाहर करने लगा अब उसका दर्द कम हो गया था।
कुछ देर बाद उसे भी मजा आने लगा था, वो अब मेरा साथ देने लगी। अब उसके मुँह से आवाजें आने लगीं- आह.. आह… आह.. लव राज डार्लिग प्लीज़ ज़ोर से.. मैं इस दिन का इंतजार कब से कर रही थी।

मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी, मैंने उसे करीब 20 मिनट तक दम से चोदा। अब उसका शरीर कड़ा होने लगा, मैं समझ गया कि अब इसका काम होने लगा है।
उसने मुझे कस कर पकड़ लिया और उसका पानी निकल गया। मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी और तेज-तेज चुदाई करने लगा। कुछ देर के बाद उसका बदन ढीला पड़ गया और वो सुस्त हो गई शायद वो झड़ चुकी थी पर मेरा अभी नहीं हुआ था।

मैं अब भी तेज-तेज धक्के मार रहा था। वो फिर गरम हो गई और इस तरह वो अब तक 3 बार झड़ चुकी थी। अब मैं भी चरम सीमा पर था।
कुछ देर बाद मेरी बारी भी आ गई थी और मैंने उससे कहा की मेरा भी निकलने वाला है क्या करुँ तो, उसने कहा की बहुत समय से वीर्य का स्वाद नहीं चखा है तो मेरे मुह में छोड़ दो, मैंने भी देर न करते हुए चूत से लंड निकालकर जल्दी से उसके मुह में दे दिया और उसने भी मेरे लण्ड का सारा रस पी लिया।

फिर मेरे लंड को चाट चाट के साफ़ भी कर दिया। मैंने बाद में ध्यान दिया तो उसकी चूत में चुदाई के कारण थोड़ी लाल और सूज गयी थी। थोड़ी देर बाद उसने फिर से मेरे लंड को खड़ा किया और हमारा दूसरा राउंड शुरू हो गया।

करीब 30 मिनट के बाद हम फिर से मजा लेकर सुस्ताने लगे थे। फिर भी उस दिन 2 से 3 बार हम दोनों ने चुदाई का खेल जारी रखा।
शाम को उसे ठीक से नहीं चल पाने के कारण मैं उसको उसके घर पर छोड़ आया। फिर उसके घर पर भी हमने कई बार चुदाई की।

मैंने आज तक उसे अनगिनत बार चोदा है और ये सिलसिला आज भी निरंतर जारी है।जब भी हमे मौका मिलता है घर में या बाहर होटल में चुदाई करने चल पड़ते हैं।

यह मेरी पहली कहानी थी मुझे लगता है आप सबको अच्छी लगी होगी। प्लीज़ मुझे अपनी राय बताइयेगा अगर लिखने में या अपनी बात कहने में कोई गलती हो गयी होगी तो कृपया कर मुझे माफ़ कर दीजियेगा।

इस के बाद अभी मेरी लाइफ में एक और लड़की आई है जिसका नाम जान्हवी है इसके साथ भी मैंने चुदाई का खेल खेला है। जिसके बारे में मैं आप को बहुत जल्द ही बताऊंगा, आप लोगों के प्यार भरे मैसेज के इंतज़ार में

आप का ……लव राज शर्मा
[email protected]

दोस्तों मेरी उस लड़की से परिचय कुछ पल का था पर यह पल मेरे और उसके बीच लगातार आने लगे और हुम दोनों इतने करीब आ गए और वो मुझसे चुद गई अब इससे आगे का हाल इस desi sex kahani के अगले भाग में आपका मनोरंजन करूँगा.. अब तक मेरी पेशकश कैसी लगी अपने खुले कमेंट्स दे कर बताएं..

Written by

guruji

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