मेरी निशा के साथ यादगार पल- 2

(Meri Nisha Ke Saath Yaadgar Pal- 2)

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मेरे प्यार मनुहार से निशा पिघल कर अपने आपको मुझे सौंप दी अब desi sex kahani के इस भाग में जब निशा का समर्पण पाया तो मैं अपने आपको रोक नहीं पाया..

अब तक आपने पढ़ा..

फिर मेरे लंड को चाट चाट के साफ़ भी कर दिया। मैंने बाद में ध्यान दिया तो उसकी चूत में चुदाई के कारण थोड़ी लाल और सूज गयी थी। थोड़ी देर बाद उसने फिर से मेरे लंड को खड़ा किया और हमारा दूसरा राउंड शुरू हो गया।

करीब 30 मिनट के बाद हम फिर से मजा लेकर सुस्ताने लगे थे। फिर भी उस दिन 2 से 3 बार हम दोनों ने चुदाई का खेल जारी रखा।
शाम को उसे ठीक से नहीं चल पाने के कारण मैं उसको उसके घर पर छोड़ आया। फिर उसके घर पर भी हमने कई बार चुदाई की।

अब आगे..

तब मैंने उससे कहा- मैं तुम्हें चोदना चाहता हूँ..। वो कुछ नहीं बोली और उसने अपनी आँखें बंद कर लीं मुझे ये उसकी मौन स्वीकृति लगी, अब मैंने उसे सहलाना शुरू किया और उसका सलवार निकाल दिया उसने कुछ नहीं कहा और मैं उसके उभारों को ब्रा के ऊपर से चूसने लगा।

उसके मुँह से सिर्फ सिसकारियाँ ही निकल रही थीं ‘आहह.. आह्ह…’ मैंने उसकी ब्रा खोल दी और उसके चूचों को चूसने लगा। उसने मुझे गले लगा लिया और मेरी पैन्ट में हाथ डाल कर मेरा लंड पकड़ लिया।

कुछ देर में हम दोनों पूरी तरह नंगे हो चुके थे, वो मेरे लंड से खेल रही थी और मैं उसकी बूब्स को चूस रहा था। सच में.. क्या मस्त चूचे थे उसके.. बहुत ही नरम.. उसे भी इसमें मजा आ रहा था।

मैं उसके मम्मों को ज़ोर से दबाने लगा, उसके मुँह से आवाजें आने लगीं। अब मैं उसकी चूत को सहलाने लगा, फिर उंगली चूत में डाल दी और अन्दर-बाहर करने लगा।

अब मानो वो पागल सी हो रही थी और उसके मुँह से ‘आआहह उउह्ह्ह्ह..’ की आवाज आने लगी थी। वो पूरी गर्म हो गई थी, वो बेतहाशा मुझे किस करने लगी।

मैं अपने दूसरे हाथ से फिर से उसके मम्मों को दबाने लगा। निशा मेरा लंड हिलाने लगी और ज़ोर-ज़ोर से दबाने लगी। फिर मैंने उससे लंड को चूसने को कहा तो वो ‘ना’ कहने लगी.. पर मेरे समझाने के बाद वो मान ग़ई।

उसने लंड को अपने मुँह में डाल लिया और पागलों की तरह चूसने लगी। मुझे भी इसमें बहुत मज़ा आ रहा था, मैं उसके बाल पकड़ कर उसके मुँह में लंड डालने लगा और उसका मुँह चोदने लगा।

मुझसे रहा नहीं गया तो मैं उसको उठा कर अपने मुँह के पास बैठने को कहा और इसी तरह हम दोनो 69 के पोजीशन में आ गए। अब उसकी चूत मेरे मुँह के पास और मेरा लँड उसके मुँह के पास, अब मैं उसकी चूत चाटने लगा और वो भी मजे से मेरा लँड चूस रही थी।

अब वो पागल होने लगी थी और लंड डालने के लिए बोलने लगी, मैंने भी सोचा अब देर नहीं करनी चाहिए, मैं अपना लन्ड उसकी चूत पर रगड़ने लगा, कुछ मिनट बाद मैं अपना लन्ड उसकी चूत में पेलने लगा लेकिन मेरा लन्ड अन्दर नहीं जा रहा था।

मैंने थोड़ा ज़ोर लगाया और उसकी चूत में लौड़ा घुसता चला गया। वो चिल्लाने लगी, मैंने अपने होंठ उसके होंठ पर रख दिए और थोड़ा ज़ोर लगाने के बाद मेरा पूरा लन्ड उसकी चूत में चला गया उसके आँसू निकल आए।

वो चिल्लाने लगी- ओह्ह.. मुझे बहुत दर्द हो रहा है.. मत करो। मैं उसे समझाने लगा- दर्द तो होगा ही मेरी जान इतने दिनों से जो तुम चुदी नहीं हो लेकिन उसके बाद मजा भी बहुत आएगा और यह दर्द का मजा तुमको ज़िंदगी भर याद रहेगा की असली चुदाई क्या होती है।

‘आज तुम्हारे चूत को चुदाई का मतलब पता चल जायेगा मेरी रानी..’ कुछ देर बाद वो शांत हुई। तो मैं अपना लन्ड धीरे-धीरे अन्दर-बाहर करने लगा अब उसका दर्द कम हो गया था।

कुछ देर बाद उसे भी मजा आने लगा था, वो अब मेरा साथ देने लगी। अब उसके मुँह से आवाजें आने लगीं- आह.. आह… आह.. लव राज डार्लिग प्लीज़ ज़ोर से.. मैं इस दिन का इंतजार कब से कर रही थी।

मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी, मैंने उसे करीब 20 मिनट तक दम से चोदा। अब उसका शरीर कड़ा होने लगा मैं समझ गया कि अब इसका काम होने लगा है।

उसने मुझे कस कर पकड़ लिया और उसका पानी निकल गया। मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी और तेज-तेज चुदाई करने लगा। कुछ देर के बाद उसका बदन ढीला पड़ गया और वो सुस्त हो गई शायद वो झड़ चुकी थी पर मेरा अभी नहीं हुआ था।

मैं अब भी तेज-तेज धक्के मार रहा था। वो फिर गरम हो गई और इस तरह वो अब तक 3 बार झड़ चुकी थी।अब मैं भी चरम सीमा पर था।
कुछ देर बाद मेरी बारी भी आ गई थी और मैंने उस से कहा की मेरा भी निकलने वाला है क्या करुँ तो उसने कहा की ‘बहुत समय से वीर्य का स्वाद नहीं चखा है तो मेरे मुह में छोड़ दो..।’

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