चुदासी भाभी को चोद प्यास बुझाई

6 min read

उस अजनबी को मुझपर यकीन नहीं हो रहा था, तब मैंने Hindi Sex Stories की इस घटना में उसके भरोसे को हासिल कर,उसकी चूत की जमकर चुदाई करके उसकी प्यास को बुझाया..

दोस्तो, नमस्कार!

मेरा नाम समीर है, और मैं यूपी का रहने वाला हूँ! मैं मेरी सेक्स कहानी बहुत पसंद करता हूँ और सभी कहानियों को पढता हूँ। आज मैं भी एक कहानी आपलोगों बताना चाहता हूँ।

मैं अब सीधे कहानी पर आता हूँ, क्योंकि मैं जानता हूँ, आप सभी लोग सीधे मस्ती के दीवाने हो।

बात जनवरी 18 की है, मैं अपना ईमेल चेक कर रहा था, तभी मुझे एक मेल मिला। उसमें सिर्फ़ इतना लिखा था, कि कोई मुझसे मिलना चाहती है! ज्यादातर! यह मेल्स लोग अपनी खुद की ईमेल से नहीं करते है।

मैंने जवाब में अपना नंबर दिया, और लिख दिया भरोसे के साथ फोन करे, मैं जरुर मिलूँगा, ताकि! जो भी है! अच्छे से बात कर सके।

2 दिन बाद! मेरे फोन पर मैसेज आया। उसमे लिखा था कि, मैंने आपकी स्टोरी पढ़ी है इस पर, और मैं आपसे मिलना चाहती हूँ।

मैंने कहा! तो दिक्कत कहाँ है? जवाब काफ़ी देर से आ रहे थे!

Hindi Sex Stories में चुदासी भाभी को दिलाया भरोसा

उन्होंने कहा- मैं बहुत ही संरक्षित परिवार से हूँ। बिना जाने भरोसा नहीं कर सकती।

वो एक भाभी थी, 35 साल, विदिशा, (भोपाल) एमपी। संरक्षित परिवार की दिक्कत मैं समझता था!

मैंने उनसे कहा- आप एक काम करो! मेरे नंबर पर व्हाट्सअप मैसेज कीजिए और आराम से अपना टाइम लीजिए। जो पूछना चाहती है! पूछ सकती है, ताकि आपको मिलने में दिक्कत ना हो।

वो मान गई, अगले दिन से पहला मैसेज आया। तबसे उन्होंने अपनी पूरी शर्त समझाई मुझे। उनके पति इंडियन एरफोर्स में है, 6 महीने हो गए। उन्हें पिछला टाइम आए हुए।

वहाँ पर घर में वो काम के अलावा अकेली ही रहती है, काफ़ी उदास सा महसूस कर रही थी। 15-20 दिन बाद! जब हम आपस में काफ़ी खुले तो हमने मिलने का प्लान बनाया।

मिलने के लिए भी मैंने काफ़ी सुरक्षा हीं दी उन्हें। अपनी कार से उनकी बताई हुई, जगह पर पहुचा, वो सेफ्टी बेल्ट बाँध कर मेरी कार में बैठ गई।

मैं विदिशा को कार से बाहर ले गया, वहाँ हम करीब 15 मिनट ही रुके होंगे।

भाभी के पूरे भावनाएँ अचानक! बाहर आने लगे। मैंने उन्हें गले लगाया, फिर हौले हौले उनके माथे पर किस किया! ताकि उन्हें अच्छा महसूस हो।

अभी तक मेरा कोई सोच था ही नहीं! कुछ करने का। उन्होंने ही पहले किस करना शुरू किया।

हम बहुत देर तक किस करते रहे। 10 मिनट बाद! उन्होंने पूछा- क्या तुम यहाँ कर सकते हो? मुझे वो ठीक नहीं लगा!

मैंने उनसे मना कर दिया। मैंने पूछा- हम आज ही मिले है! आप एक काम करो, कल कैसे भी आराम से 3-4 घंटे का समय निकाल लो, मैं पूरी इंतज़ाम करता हूँ।

वो थोड़ी उदास हुई! लेकिन मान गई। अगले दिन! मेरे घर पर! मैंने पूरी सुरक्षा वाली योजना बनाई, घर पर मेरा भाई ही रहता है, दिन में तो उसे कॉलेज भेज दिया।

भाभी ने फिर जो जगह बताई! उन्हें वहाँ से पिक किया, और मेरे घर से कुछ दूर उन्हें उतार दिया। पहले वो घर में अन्दर आई, फिर मैं आया। मेने गेट खोला और उन्हें अन्दर करके गेट बन्द कर दिया।

चूत की प्यासी भाभी ने चूमना शुरू किया

मैंने उन्हें पानी दिया और बस! पता ही नहीं चला? कब वो मुझे किस करना शुरू कर दी। हम दोनों सोफे पर ही शुरू हो गए थे। मैंने उन्हें 15-20 मिनट तक चूमा, सहलाया और पुचकारा। वो अच्छा महसूस कर रही थी।

भाभी थोड़ी स्लिम थी! मदहोशी में अपने हाथों में उठाया और अन्दर बेड पर ले गया। वहाँ मैंने धीरे धीरे! उनके कपड़े निकाले, पैन्टी भी खोल दी, फिर उन्होंने मेरी टी-शर्ट उतार दी।

जीन्स टाइट थी! तो मैंने ही निकाली, हम फिर से चूसना शुरू कर दिए। मैंने उनकी पूरी बॉडी के किसी हिस्से को नहीं छोड़ा। सब जगह किस किया।

अब वो पूरी चुदासी हो गई, तब मैंने उन्हें पूरी तरह लिटाया। बगल में बॉक्स में से कन्डोम निकाला, और बस चड्डी नीचे की, और धीरे से डाल दिया। भाभी की चूत ज़्यादा टाइट तो नहीं थी लेकिन, मेरा लण्ड मोटे होने की वजह से उन्हें बहुत मज़ा आ रहा था!

पहले मैंने! उन्हें नीचे लेटा कर धक्के दिया, चुदाई करते टाइम भाभी के बाल जब खुले थे, वो इतनी ज़्यादा सुन्दर लग रही थी! कि मैं बीच में रुक रुक कर! उन्हें बहुत ही प्यार से किस कर रहा था।

सच तो यह है! कि मैं कभी ऐसी सुन्दर भाभी, या किसी भी औरत को, किसी भी तरह से तड़पता नहीं देख सकता। उनके चेहरे पर संतुष्टि इतनी साफ दिख रही थी! मुझे पूरी शांति उसी में मिल जाती है।

मैंने उन्हें फिर अपने ऊपर किया, वो मेरे लण्ड पर बैठ कर उछलती हुई चुद रही थी, और मैंने उन्हें उल्टा करके उनके नीचे तकिए लगाए, और चोदा। कुछ पोज़ भाभी ने भी चेंज की, मैं तो बस उन्हें हर तरह से खुश कर रहा था।

30 मिनट के पहले बार के बाद! हमने 10 मिनट आराम किया। थोड़ा और चुदासी एहसास के लिए! मैंने भाभी को 10 मिनट तक! ऐसे ही बिना कपड़ो के पूरा घर घुमाया।

चूत चाट भाभी की दमदार चुदाई

पहले पीछे की बालकनी में! हमने साथ में फोटो लिए सिर्फ़ देखने के लिए, तुरन्त डिलीट भी किए, फिर मिरर के सामने एक दूसरे को किस किया। वो बहुत ही अच्छी किस थी और किचन में प्लॅटफॉर्म पर बिठाकर उनकी चूत चाटी।

हम फिर से तैयार थे, और अगले 3 घंटो मे 3 बार और चोदा। अंतिम बार दोनों की हालत खराब हो गई थी। भाभी तैयार हो गई! काफ़ी खुश थी। जाते टाइम उन्होंने कहा- वो खुद घर चली जाएँगी।

मैंने उनसे कहा- अब आप जब भी अकेला महसूस करे, याद कर लिया करो!

एक बार तो! यह हुआ कि, भाभी के घर से सारे लोग भोपाल गए हुए थे, तो रात में वो अकेली थी! अपनी छोटी बेटी की साथ, तो मैं अपने घर से बहाना बना कर उनके घर रुका।

वो रात उनके लिए जन्नत की रात थी! रात 11 बजे से सुबह 6 बजे तक! 4 बार चुदाई की और पूरी रात हमने एक दूसरे के साथ बहुत मज़े किए, हमने 4-5 बार और चुदाई किया होगा।

ग़ज़ब की बात! तो तब थी, जब भाभी ने मेरे लिए, उनकी एक दोस्त को लेकर आई। एक दिन, और उनकी वो दोस्त, मेरे स्कूल की मेरी चुदासी टीचर थी।

उन मेडम पर पूरा स्कूल जान देता था। उनके बारे में अगली कहानी में! कैसी लगी मेरी कहानी मुझे बताएँ! तब तक के लिए कृप्या मेल करते रहे।
[email protected]

मैंने उसको अपने घर बुलाया और पहले ही उतार दिया, ताकि किसी को शक ना हो. उसके बाद उसको अन्दर कर गेट लगाया और मैंने जैसे ही पानी दिया, वो मुझपर टूट पड़ी और चूमने लगी. मैंने भी कोई कसर नहीं छोड़ी और उसके पूरे बदन को चूमते हुए, Hindi Sex Stories की घटना में, उसकी चूत को चोद उसकी प्यास बुझाई..

Written by

akash

Leave a Reply