दोस्त की बहन ने चूत चुदवा ली

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This is my Indian Sex Stories in hindi.
मेरा नाम सतीश है, हरियाणा का रहने वाला हूँ। मैं वैसे तो अभी एक कंपनी में मशीन ऑपरेटर के तौर पर काम करता हूँ.. पर इससे पहले जब मैं आईटीआई कर रहा था.. ये बात तब की है।

हम लोग हरियाणा मैं आज से 12 साल पहले आए थे.. तब मैंने पहली बार शहर देखा था। वहाँ पहली बार कोई मेरा दोस्त बना.. उसका नाम सूरज (बदला हुआ नाम) था.. वो वीडियो गेम की एक दुकान चलाता था और मैं रोज उसके पास गेम खेलने चला जाया करता था।
उसके घर मैं उसके मम्मी-पापा एक बड़ा भाई.. और एक छोटी बहन थी। उसकी बहन का नाम सुमन (बदला हुआ नाम) था। वो देखने में बड़ी खूबसूरत थी पर उस वक़्त वो कमसिन थी। मैं मन ही मन उसे पसंद करता था.. पर मुझे उससे कहने की हिम्मत नहीं थी।

एक दिन सब कुछ बदल गया। उस दिन उसके भाई ने मुझे अपने घर बुलाया.. पर मुझे कोई काम होने की वजह से मैं थोड़ा देरी से उसके घर पर गया।
उस वक्त मेरा दोस्त घर पर नहीं था, बस उसकी बहन सुमन घर पर थी।

मैंने उससे पूछा- सूरज कहाँ है?
तो वो बोली- वो अभी बाहर गया है।
मैंने उसे फ़ोन किया तो वो बोला- मैं अभी किसी काम से बाहर गया हूँ.. अभी 2 घंटे में आ जाऊँगा.. तब तक तुम मेरे घर पर मेरा इंतजार करो।
मैंने कहा- ठीक है।

अब मैं अन्दर आ गया.. उसकी बहन ने मुझे बैठने के लिए कहा। उस टाइम वो अपने स्कूल का काम कर रही थी। जब वो झुक कर अपना होमवर्क कर रही थी तो उसके सूट में से उसके चूचे काफी बाहर झाँक रहे थे, मेरी नज़र उन पर बार-बार जा रही थी, मेरा मन ख़राब हो रहा था।

मैं उठ कर जाने लगा.. तो वो बोली- कहाँ जा रहे हो?
तो मैंने कहा- जब सूरज आ जाएगा तब फ़ोन कर लेगा.. तब आ जाऊँगा।
वो बोली- ठीक है.. थोड़ी देर बैठो मैं चाय बना देती हूँ.. पीकर जाना।

वो चाय बनाकर ले आई।
अब वो मुझसे बोली- तुम अभी क्या देख रहे थे?
मैं थोड़ा डर गया था।

वो बोली- क्या तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है?
मैं बोला- हाँ है तो सही.. पर मैंने उसे अभी बताया नहीं है।
वो बोली- कौन है?
वो तो मैंने सोचा कि यही टाइम है बता दूँ.. मान गई तो ठीक है वरना कह दूँगा कि मजाक कर रहा था।
तब मैंने बोला- वो तुम हो।

वो मेरी तरफ एकटक देखने लगी फिर वो रोने लगी और बोली- मैं भी तुमसे बहुत प्यार करती हूँ.. पर डर की वजह से बोल नहीं पाई।

वो मुझसे लिपट गई। पहली बार लड़की के स्पर्श से मैं पागल हो गया। मैंने उसे चूमना शुरू कर दिया। वो पागल होने लगी। मैंने उसके होंठों को देर तक चूसा.. फिर मैंने उसके मम्मों को दबाना शुरू कर दिया।

वो बोली- कोई आ जाएगा।
मैंने बोला- सूरज अभी 2 घंटे बाद आएगा।

मैंने उसका सूट ऊपर कर दिया और देखा कि उसने नीचे ब्रा पहन रखी थी। उसमें उसके चूचे कमाल लग रहे थे। मैंने ब्रा ऊपर की तो उसके चूचे उछल कर बाहर आ गए।

मैंने उसके एक चूचे को चूसना शुरू कर दिया.. वो पागल हो गई।

मैंने उसे सलवार उतारने के लिए कहा तो उसने अपने सलवार नीचे कर दी। उसने नीचे पैन्टी नहीं पहनी थी। उसकी चूत बिल्कुल लाल थी.. और उसकी जाघों पर पानी बह रहा था। मैंने उसे हाथ लगाया तो उसकी चूत एकदम तप रही थी। मैंने चूत में उंगली डाल दी तो वो एकदम सिहर गई। तब वो मेरे लंड को ऊपर से ही सहलाने लगी और मेरे होंठ चूमने लगी।

तब मैंने अपनी पैन्ट की ज़िप खोल दी और लंड को बाहर निकाल लिया। वो उसे देख कर डर गई। तब मैंने उसे चूसने के लिए कहा.. तो उसने मना कर दिया। मैंने उसे बिस्तर पर लिटा दिया और अपने लंड को उसकी चूत पर लगा दिया।

वो मना करने लगी.. पर मैं नहीं माना। मैंने थोड़ा सा थूक अपने लंड पर लगाया बाकी उसकी चूत तो गीली थी ही। मैंने जोर लगा कर एकदम से झटका लगाया। थोड़ा सा लंड उसकी कसी हुई चूत में अन्दर चला गया। वो चिल्ला पड़ी.. मैंने उसके होंठ अपने होंठों के ढक्कन से बंद कर दिए और एक और झटका मार दिया। मेरा पूरा लंड चूत के अन्दर चला गया। उसे बेहद दर्द हो रहा था पर चूत में से खून नहीं निकला था।

अब मैंने उसके मम्मे चूसने शुरू कर दिए। अब उसका दर्द थोड़ा कम हुआ और वो अपनी गांड हिलाने लगी। अब मैंने अपना लंड अन्दर-बाहर करना शुरू कर दिया। अब भी लंड थोड़ा कसा हुआ था.. पर अन्दर-बाहर हो रहा था। वो मजे लेने लगी और जोर से चुदाई करने के लिए बोलने लगी।

उसके मुँह से उसकी कामुक आवाजें आ रही थीं। मैंने भी जोर-जोर से झटके देने शुरू कर दिए। वो पता नहीं वासना में क्या-क्या बोल रही थी। मैं भी पागल हुआ जा रहा था और जोर-जोर से अपनी कमर चला रहा था। थोड़ी देर बाद मेरा निकलने वाला था.. तो मैंने अपना लंड बाहर निकाल लिया और उसके पेट पर झड़ गया। कुछ देर हम दोनों यूँ ही पड़े रहे.. फिर मैंने उससे कपड़े पहनने के लिए कहा और अपने भी कपड़े पहन लिए।

वो कपड़े पहन कर मुझसे लिपट गई और मुझे चूमने लगी। तब मैं बोला- तेरी चूत में से खून क्यों नहीं आया?
वो बोली- उसका एक ब्वॉयफ्रेंड था.. उसने मेरी सील तोड़ दी थी.. पर अब मैं सिर्फ तुम्हारी हूँ।

मेरा दिल टूट गया.. पर मैंने सोचा कि चलो कोई चोदने के लिए तो मिल रही है। फिर हमने एक बार और सेक्स किया। हम दोनों चुदाई का खेल खत्म करके बैठ गए और बात करने लगे। दस मिनट बाद उसका भाई भी आ गया। तब मैं उसके साथ चला गया।

इसके बाद मैंने दोस्त की बहन सुमन की कई बार चूत चोदी।

ये थी मेरी सच्ची कहानी.. मैंने इसमें अपनी तरफ से कुछ नहीं जोड़ा है। बाद मैंने उसकी गांड भी मारी और उसके बाद एक ऐसी घटना घटी कि मैं एक कॉलब्वॉय बन गया। वो अगली बार लिखूंगा। आशा है कि आपको कहानी पसंद आई होगी.. कोई गलती लगी हो तो माफ़ करना.. पहली बार लिखी है।

मुझे अपनी राय जरूर लिखें। मैं आगे भी आपको अपनी Indian Sex Stories सुनाता रहूँगा।
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Written by

सतीश यादव

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