रेल में मिली औरत की चुदाई

(Rail Mein Milee Aurat Ki Chudai )

रेल की धक्का मुक्की सफ़र के दौरान उस धक्का मुक्की माहौल का फायदा किसी सेक्सी औरत से उठायी जाने वाली indian sex stories आपने पढ़ा होगा तो मेरी इस कहानी को पढ़ें..

दोस्तों आप सभी को मेरा नमस्कार आपकी सेवा में एक बार फिर सच्ची घटना ले के मैं हर्ष पण्डित हाजिर हूँ।
दोस्तों जैसा आप जानते हैं मैं रेल पुलिस में हूँ और ज्यादातर जॉब रेल में रहती हे, ये घटना भाई दूज की है जब मैं गाजियाबाद स्टेशन में खड़ा था मुझे अलीगढ तक आना था।

स्टेशन पर बहुत तगड़ी भीड़ थी तभी एक एक्सप्रेस ट्रेन आई और लोग धक्का मुक्की करके ट्रेन में चढ़ गये। भीड़ बहुत ज्यादा थी मैं ऐ सी बोगी में घुस गया किसी तरह, भीड़ की वजह से बुरा हाल था गेट से अंदर नहीं जाया जा रहा था।

रेल वहां से चलने लगी गर्मी बहुत थी तभी रेल ने ब्रेक ली और झटका सा लगा तभी मेरा हाथ किसी ने पकड़ा बहुत गर्म महसूस हुआ मेरा ध्यान उधर गया तो मुझे बहुत तगड़ा झटका लगा।
में देखता रह गया कितनी सूंदर औरत खड़ी थी वो ‘सॉरी..’ बोलने लगी, मैं बोला ‘कोई बात नहीं’ और ट्रेन चल दी।

दोस्तों वो 5 फ़ीट लम्बी थी चूचे नुकीले की जो भी देखे पकड़ने को मचल उठे, गांड पीछे को निकली हुई थी मन कर रहा था की बस मसल दूँ मैंने कंट्रोल किया और ऐसे खड़ा हो गया की मेरी बाजू उसके चूचों से छूने लगी।

मुझे मजा आ रहा था और मेरा 6.5 इंच लम्बा लण्ड तन के खड़ा हो गया, मैं धीरे धीरे कुहनी से दबाने लगा उसने मेरी तरफ देखा मैंने कुहनी हटा दी, वो मुस्करा दी मेरी हिम्मत बढ़ गई और मैं उसके नजदीक खड़ा हो गया और एक जगह थोडा सा ब्रेक लगा तो मैं मोका देखकर उसके चूचे दबा दिया।

वो ‘स्सीईईइ..’ कर उठी और बोली ‘पुलिस वालों को तसल्ली नहीं होती..’ और मैं हँस दिया वो मेरे से और सट के खड़ी हो गई मेरा लण्ड उससे छू रहा था, हम बात करने लगे वो अपने मायके हाथरस जा रही थी।

दूज ख्वाने उसने अपना नाम लालिमा बताया दोस्तों हम गर्म होते जा रहे थे, मैंने अपने हाथ से उसकी चूत को छू दिया तो वो उछल गई और गर्दन हिला के मना करने लगी और मेरा लण्ड हाथ से पकड़ कर दबा दिया।

मुझे बहुत अच्छा फील हुआ में उसे बोला अंदर चलो और अपने साथ कोच के अंदर ले आया। और खड़े हो गए भीड़ बहुत थी हम बातें करने लगे मैंने नम्बर माँगा तो मना कर दिया फिर थोड़ी देर बाद बोली की तुम अपना नम्बर मुझे दे दो और मैंने दे दिया।

वो बताने लगी की उसकी शादी को 9 साल हो गई पर बच्चा नही हुआ तभी ट्रेन रुकी खुर्जा आ गया था 2 लोग ट्रेन से उतरे और हम दोनों बैठ गए, हमने बैग और एक पॉलिथीन घुटनों पर रख ली तभी मैंने अपनी जीप खोलकर लण्ड निकल लिया और उसका हाथ पकड़ के रख दिया।

वो मुझसे गुस्से में बोली ‘तुम तो मरोगे मुझे भी मरवाओगे..’ और लण्ड को अंदर कर दिया मैंने जीप बंद कर ली और अपनी बगल से हाथ निकाल कभी चूची दबा देता कभी चूत सहला देता।

दोस्तों उसकी चूची का साइज़ 36 था और बड़े टाइट थे ऐसे ही मस्ती में अलीगढ आ गया और मुझे उस से विदा ले के उतरना पडा, कई दिन गुजर गए कोई फ़ोन नहीं आया फिर एक दिन सुबह फ़ोन आया की ‘कंहा हो..’ मैं बोला ‘कौन..’ बोली ‘बहुत जल्दी भूल गए गोमती में जो मिले थे..’

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