मेरा पहला सेक्स अनुभव

(Mera Pahla Sex Anubhav)

किसी के लीये ज्यादा आकर्षण होना प्यार या चुदास होता है और ऐसा कुछ मेरे साथ भी हुआ जहाँ मुझे पहले प्यार हुआ और उसके साथ meri chudai भी तय हो गई..

नमस्ते कामिनी जी मैं आपका सह दील से आभार प्रकट करता हूँ। जो आपने मुझे मेरी कहानी लिखने में मेरी मदद की।
अब मैं आपको अपनी कहानी के बारे में बताता हूँ। मेरा नाम विशाल है (बदला हुआ नाम) मैं हरियाणा में रहता हूँ। मेरी उम्र 21की हे। मेरे लंड का साइज 8 फुट लम्बा और 2 इंच मोटा है।

मैं दिखने में हैंडसम हूँ लेकिन मेरा रंग थोडा सांवला जरुर है लेकिन देखने में ठीक हूँ। यह मेरी पहली कहानी है जो मैं मेरी सेक्स स्टोरी पर लिख रहा हूँ जो एकदम सच्ची घटना है जो मैं अपने प्यारे दर्शको को बताना चाहता हूँ जो मेरे साथ हुआ।

मैं आपका ज्यादा टाइम न लेते हुए अपनी कहानी पर आता हूँ। यह कहानी मेरी गर्ल फ़्रेन्ड की है। मेरी गर्ल फ्रेंड का नाम सपना है जो एकदम मस्त माल लगती थी।
उसका फिगर 32″ का था जब वो चलती थी तो अच्छे अच्छो के लंड खडे हो जाते थे। सब लडके उसके पीछे लट्टू होकर घूमते थे यहाँ तक कइ हमारे पडोस में एक लड़का था जिसकी अभी अभी शादी हुई है वो भी उसके पीछे लगा हुआ था।

दोस्तों वो चीज़ ही ऐसी थी उसके गोरे गोरे गाल गुलाब की पंखुड़ी जैसे होंठ गोल गोल दो आँखे हिरण की जैसी और गोल गोल दो उसके चूचे जो हर वक्त उसकी ब्रा में से निकलने को बेताब रहते थे उसकी उम्र सिर्फ 18 साल की है।

मानो उसने जवानी में कदम ही रखा हो। जब वो चलती थी उसके कूल्हे उपर नीचे होते थे। उसकी गांड एकदम उभरी हुई थी। उसका घर हमारे पडोस में था तो मेरा आना जाना लगा रहता था। जब मैं कॉलेज के लिऐ निकलता था तो वह पानी भरती हुई मिलती थी मैं उसे रोज देखता था।

शायद वो मुझे नोटिस करती थी की मैं उसको देखता हूँ। अब उसको भी अच्छा लगने लगा था। पर एक दिन उसके पापा का एक्सीडेंट हो गया और मैंने उनको अस्पताल में एडमिट करवाना पड़ा।

जब मैं घर आया तो वह और उसकी माँ हमारे घर पे बैठे थे। वो मेरे आते ही रोने लगे मैंने उनको बताया की उनके पापा अब ठीक हैं। तो सपना और उसकी माँ ने मुझे ‘थैंक यू..’ बोला। उसकी माँ ने मुझे उसके पापा का खाना हर रोज देने आने को कहा मैंने कहा ठीक है आंटी।

एक दिन जब मैं घर आया तब मैं सपना के घर गया वो उस दिन बिल्कुल अकेली थी वो मेरे करीब आई और उसके पापा और मुझे कहने लगी तुम मेरी तरफ ऐसे क्यों देखते हो तो मैंने कहा ऐसी कोई बात नही है।

उसने फिर से पूछा तो मैंने उसे ‘आई लव य़ू..’ कहा तो उसने भी मुझे ‘आई लव य़ू टू..’ कहा मैंने उसे अपनी बाहों में भर लिया और किस करने लगा। जब मैंने उसके नर्म नर्म होंठों को अपने होंठों से लगाया तो ऐसा लगा की मैंने उसकी योनि पे किस किया हो।

कब हमने एक दुसरे के कपड़े उतार दिए पता ही नही चला। फिर मैंने उसे अपनी गोद में उठाया और बेड पर ले गया और उसे चूमने लगा। मुझे तो यकीन ही नही हो रहा था की मैं उस सेक्सी सपना को किस कर रहा हूँ, मैंने धीरे धीरे उसको किस कर रहा था।

सपना बहुत उत्तेजित हो रही थी वह सेक्सी आवाजें निकल रही थी ‘आह आह ऊ ऊ उ हम्म हम्म..’ फिर मैंने उसकी योनि पे किस किया उसने एकदम से उसकी टांगो में भींच दिया, उसका सारा योनि में से निकला रस मेरे मुँह पे लग गया कुछ नमकीन सा स्वाद लगा।

मुझे बहुत अच्छा लगा फिर मैंने उसको अपना लंड चूसने को कहा लेकिन उसने मना कर दिया तो मैंने उसे ज्यादा फ़ोर्स नही किया, तो उसने कहा प्लीज़ अब और मत तडपाओ मेरी योनि में अपना लंड डाल दो तो मैंने उसकी गांड के निचे तकिया लगाया।

और उसकी टांग को उसके सिर की तरफ़ मोड़ दिया और अपने लंड पर थोडा थूक लगाया और सपना की योनि पे रखा और हल्का सा धक्का दिया और उसकी योनि मे मेरा लंड हल्का सा अंदर गया सपना की चीख़ निकल गई।

वो तो मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए उसकी चीख़ मेरे होंठों में दब गई सपना की आँखों में आंसू आ गये थे सपना मुझे बार बार बोल रही थी की प्लीज मुझे बहूत दर्द हो रहा है। प्लीज निकाल लो अपने लंड को मैं थोड़ी देर के लिए रुक गया और दूसरा धक्का मारा।

इस बार थोडा तेज धक्का मारा जिससे मेरा लंड उसकी बच्चेदानी से जा टकराया, सपना मेरे से छूटने की कोशिश करने लगी लेकिन नाकाम रही फिर तो वो अपनी गांड उछाल उछाल के अपनी योनी में मेरा लंड लेती रही और मैं भी उसकी योनी में अपना लंड डालता रहा।

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