राजस्थानी छोरी की सील पैक चूत का मजा

(Rajsthani Chhori Ki Seal Pack Chut Ka Maja)

Meri Sex Story के पाठकों को मेरा नमस्कार, मेरा नाम जीवन है.. मैं हरियाणा के तेजा गाँव का रहने वाला हूँ.. मेरी उम्र 24 साल है।

यह मेरी पहली कहानी है, उम्मीद करता हूँ आप सबको पसंद आएगी। यह मेरी पहली लव-स्टोरी है, यह बात करीब एक महीने पहले की है जब मैं अपने दोस्त की शादी में गया था।

मेरा दोस्त राहुल राजस्थान के डबरा गाँव में रहता है, करीब आठ नौ घंटे का लम्बा सफ़र तय करके अपने दोस्त के पास पहुँचा।

वहाँ मुझे चाय देने एक बहुत ही सुडौल शरीर की लड़की आई। मेरी नजर उस पर से हटने का नाम ही नहीं ले रही थी। उसका नाम सुनीता था। वो 18 साल की एक बहुत खूबसूरत हसीना थी।

कुछ देर बाद मैंने अपने दोस्त से कहा- यार मैं थक गया हूँ.. मुझे आराम के लिए कोई कमरा दे दो।
वो मुझे अपने पास वाले घर के चौबारे में छोड़ आया।

वह घर सुनीता का था, सुनीता के घर में उसकी माँ और वो ही थी। उसके पापा फ़ौज में थे.. तो वो ज्यादातर घर से बाहर ही रहते थे।

मैंने देखा कि सुनीता घर में अकेली है, उसे देखा तो सोचा कैसे इसे ऊपर बुलाया जाए। मैंने पानी का बहाना करके सुनीता से कहा- क्या मुझे एक गिलास पानी मिलेगा?
वो बोली- एक क्यों.. दो गिलास मिलेगा।

वो मुझे पानी देने आ गई।
मैंने सोचा सुनीता से दोस्ती करने का मौका अच्छा है, मैंने सुनीता को वहीं बैठा लिया और बातें करने लगा।

मैंने बातों ही बातों में सुनीता से पूछा- आपका कोई बॉयफ्रेंड है क्या?
वो बोली- कोई अच्छा लड़का मिला नहीं।
यह सुनते ही मैंने झट से सुनीता का हाथ पकड़ कर कहा- ये अच्छा लड़का तुम्हारा बॉयफ्रेंड बन सकता है।
वो बोली- पता नहीं।
तभी मैंने उसको अपनी बांहों में भर लिया और कहा- मुझे पता है।

उसके गोल वक्ष मेरी छाती से टकरा रहे थे। मैं उसके कोमल शरीर को अपनी बांहों में समाए हुए था। मुझे बहुत मजा आ रहा था।

तभी सुनीता बोली- कोई आ जाएगा मुझे छोड़ो।
मैंने कमरे का दरवाजा बंद कर लिया और कहा- अब कोई नहीं आएगा।

सुनीता मुझे खामोशी से देखती रही। मैंने बिना समय खराब किए उसके गुलाबी होंठों पर चुम्बन करना शुरू कर दिया। मेरा एक हाथ उसके कूल्हे को सहला रहा था और दूसरा हाथ सुनीता के वक्ष को सहला रहा था।

कुछ ही पलों में सुनीता सेक्स की मदहोशी में खोए जा रही थी। जैसे ही सुनीता की सलवार नाड़ा खोला.. तो वो झट से बोली- मुझे डर लग रहा है.. कहीं कुछ होगा तो नहीं.. मैंने आज तक कभी सेक्स नहीं किया है।

मैंने कहा- कुछ नहीं होगा.. सिर्फ मजा आएगा.. कुछ मत सोचो.. सिर्फ मजे लो।

फिर मैंने उसकी सलवार और कमीज दोनों को उतार दिया। अब मेरे सामने एक बहुत ही खूबसूरत अप्सरा सी बैठी थी.. जो सिर्फ पैन्टी और समीज में थी।

मैंने उसके छोटे-छोटे संतरों को समीज के ऊपर से ही काटने में लगा रहा था। उसको दर्द कम हो रहा था और मजा ज्यादा आ रहा था।
फिर मैंने धीरे-धीरे पैन्टी और समीज से उसके कोमल शरीर को आजाद कर दिया।

अब सुनीता पूरी नंगी मेरी बांहों में थी, जिसको दिल खोल के प्यार करने का मौका मिला था, जिसका मैं भी पूरा फ़ायदा उठा रहा था।
मैं भी पूरा नंगा हो गया था। अब हम दोनों पूरे मजे ले रहे थे।

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