नौकरानी बनी हमारी रानी

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Meri Sex Story Par Lokpriya Lekhak Ravi Raj Ji Ki Ek Aur Nayab Peshkesh – Naukrani Bani Hamari Rani… Padhiye Aur Msst Rahiye…

लेखक – रविराज

सुबह बाथटब, हमें नौकरानी के साथ सेक्स किया था..

ये तो आपको इससे पहली वाली कहानी में पता चल ही गया..

मस्त कहानियाँ हैं, मेरी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर !!! !!

अब रात को जब अमित के साथ सेक्स करना था, मैं चाहता था के तब भी नौकरानी साथ हो..

हम जब पढाई कर रहे थे तब वो हम दोनों के लिये, दुध लेकर आयी.

सुबह बहुत पढाई कर चुके हो, अब रात भर जाग कर और पढाई करने की जरुरत नहीं, वो मुझे ताना मार रही थी..

आप भी आओ ना हमारे साथ पढाई करने… – मैंने मजाक में, उसे ताना मारा.

हाँ, आप भी आ जाओ ना पढाई के लिये… वैसे भी आप अकेली बैठी रहती हो… – अमित ने कहा..

तुम जरा, मेरी मदद करोगे… किचन में आकर .?. – उसने अमित की बात सुन कर कहा..

मैं उठा और उसके साथ, किचन में चला गया..

क्या हुआ… – मैंने पूछा..

तुमने अमित को बता दिया क्या .?.

नहीं तो… ऐसा क्यों लगा, आपको .?.

तुम्हारे साथ, वो भी रुकने को बोल रहा था इसलिये…

वो तो बेचारा, अपने तानों को सचमुच की बातचीत समझ रहा था… वैसे मैं चाहता हूँ आप सच में वहा आए…

क्यों… अमित है ना…

आप आओगी तो मजा दुगना बढ जायेगा… – कहते हुये, मैंने उन्हे बाहो में भर लिया और चुमने लगा..

मेरी बाहों से खुद को छुडा कर, वो दुर हो गई..

कोई आ जायेगा तो .?. – वो नाराज होकर बोली..

अच्छा चलो… कमरे में, चलते है…

मैं वहा आ के क्या करुंगी .?.

चलो, मैं उसका हाथ पकड कर उसे कमरे में ले आया..

अमित ने एक “सेक्स सायन्स” की किताब दी थी, जिसमें नंगी तस्वीरें भी थी.. मैंने वो किताब निकाल कर, अमित के हाथ में दी..

आज इस किताब की पढाई करते है… मेरे और अमित के बीच नौकरानी को बिठा कर… – मैंने कहा..

अमित समझ गया की मेरा कुछ गेम चल रहा है..

वो किताब नौकरानी के हाथ में देते हुये बोला – आप इसे पकड कर बैठीये… मैं पढुंगा… जल्दी मतलब समझ आएगा…

मैंने तीनो के उपर कंबल ओढ लिया और घुटने मोड लिये.. मेरे साथ – साथ उन दोनों ने भी घुटने मोड लिए, जिससे हमारी कमर के पास एक स्पेस बन गया..

अमित किताब की एक – एक लाईन पढता गया और मैं उसे नौकरानी को समझाता गया.. साथ ही साथ, अपने एक हाथ को उनकी जांघ पर फेरता गया..

छी !! ये क्या हैं .?.

एक नंगी तस्वीर को देख कर, नौकरानी ने कहा..

यह ह्युमन बाडी की जानकारी है… इसमें “छी” करने वाली क्या बात है .?. – मैंने कहा..

ये भी सिखाते हैं .?.

हाँ, नहीं तो पता कैसे चलेगा… शरीर के बारे में .?. कह कर मैंने उनकी साडी उपर कर दी, जांघो तक..

बाजू में, अमित था.. जिसकी वजह से, वो कुछ बोल नहीं पायी पर अपनी जांघों से ही मेरे हाथ को धक्का देकर उसे हटाने की कोशिश करने लगी..

जिसका नतिजा ये हुआ के अमित के जांघो को, एक दो बार उनकी नंगी जांघे टच हो गई..

अमित को टच हो रही, उन नंगी जांघो की वजह से अमित की भी इच्छा हुई की वो नौकरानी पर हाथ साफ करे… उसने भी धीरे – धीरे उसकी तरफ से उनकी जांघे सहलाना शुरू कर दिया..

अब मेरी बात तो ठिक थी पर अमित की हरकत से वो छटपटाने लगी पर दोनों को ही नहीं पता था की हम दोनो ओर से बीच में बैठी नौकरानी को दबोच रहे है..

थोडी देर बाद, शायद उसे भी अच्छा लगने लगा हो..

वो छटपटाना छोड, चुप चाप जांघे मसलवाने लगी.. एक वक्त, ऐसा आया जब हम दोनों के हाथ उनकी चुत पर जाकर एक दुसरे से टकराए..

जैसे ही, हमारे हाथ आपस में टकराये नौकरानी ने कंबल हटा दिया, हम दोनों के हाथ उनकी पेंटी में छुपी चुत पर थे..

बेशर्मो… एक औरत जो दोनों के बीच में फसी हुयी हो उसके साथ ये करोगे .?. – कहते हुये, उन्होंने हमारे कान पकड लिए..

सारी गलती हो गई… – कहते हुये, अमित गिडगिडाने लगा..

तुम्हारे दोस्त को भी बोलो, माफी माँगे…

मैंने भी माफी मांगी, जानबूझकर..

अमित कुछ ज्यादा ही अपसेट हो गया, उसका चेहरा पुरी तरह से उतर गया..

वो दुध के गिलास वापस किचन में रखने चली गई..

मैं भी उनके पीछे – पीछे किचन में चला गया..

तुम क्यों आये हो .?.

अमित बहुत घबरा गया है… प्लीज, उसके साथ थोडे प्यार से पेश आओ ना…

मैंने कहा था, उसे गंदी हरकते करने को .?.

अरे !! आप खुबसुरत हो… दिल आया होगा आप पर, उसका…

तुम ना सच में बेशर्म हो… कुछ भी बोलते रहते हो…

कुछ भी क्या .?. क्या आप खुबसुरत नहीं हो .?. – अमित को देखो, बेचारा दुध जैसा सफेद लडका काला पड गया है… आपकी डाँट की, वजह से…

गलती जो की है .?.

वो कितना खुबसुरत है .?. अगर उसकी खुबसुरती की वजह से आप उस पर फिदा हो जाती हो तो आप कोई गलती थोडी करती हो .?.

वो कुछ बोली नहीं..

चलो जल्दी, सोना हैं हमे…

हाँ तो जाओ ना…. मुझे कहा, चलने के लिये कह रहे हो .?.

आप भी चलोगी… – कहते हुये, मैं फिर उन्हे कमरे में ले आया..

अमित अबी भी नर्वस था.. मैंने नौकरानी को इशारा किया..

अमित, जो हुआ उसे भुल जाओ… – कहते हुये, उन्होंने अमित के सर पर हाथ रखा..

अमित को रिलॅक्स करने के लिये मैंने जानबुझकर डिविडी पर नौकरानी के सामने अॅडल्ट कामेडी फिल्म डाली.. कामेडी पर हँसते हुये वो दोनों फिर घुलमिल गये.. पर कामेडी चूँकि अॅडल्ट थी, हम तीनों की “वासना” जाग उठी..

फिल्म खत्म होते ही, नौकरानी निकलने लगी.. मैंने उन्हे रोकते हुये कहा – आज यही सो जाओ…

यहाँ तुम दोनों के साथ .?. ये कैसे संभव है .?.

संभव करो ना हमारे लिये… – कहते हुये, मैंने उन्हें जबरदस्ती हम दोनों के बीच लिटा दिया..

लाईट आफ करके मैंने तीनों के उपर एक ही कंबल ओढ ली, जिससे तीनों के बदन सट गये.. वो मेरे और अमित के बीच सँडविच बनकर रह गई..

मैं जानबुझकर अमित से, एक करवट होकर बात करने लगा.. मुझसे बात करने के लिये, उसे भी एक करवट होना पड़ा..

हम दोनों के एक करवट होने से, हमारे दोनो के लंड नौकरानी की जांघो पर दब कर तनने लगे.. कुछ ही मिनटों में, वे पुरे तन कर उसकी जाँघों पर फडफडाने लगे..

अपनी जांघो पर दो फडफडाते लंड को महसुस कर वो उत्तेजीत हो उठी..

अंधेरे का फायदा उठाते हुये, वो मुझसे लिपट गई.. अब उसे बगल में सो रहे अमित की लज्जा नहीं थी उसके उपर, वासना हावी हो चुकी थी..

मैंने धिरे – धिरे उनकी साडी उपर उठा दी.. फिर आहिस्ते – आहिस्ते लंड को चुत में डाल कर अंदर बाहर करना शुरू किया..

साडी उपर करने से और मेरे धक्के लगने से अमित की जांघो पर नौकरानी की नंगी गांड रगड खाने लगी.. जिससे उसे आगे चुत में मेरा लंड और पीछे गांड पर टकराने वाला अमित का लंड दोनो के मजे एक साथ मिलने लगे..

अमित को लगा, नौकरानी गांड रगड कर उसे लुभा रही है.. वो लंड बाहर निकाल कर उसकी गांड पर रगडने लगा.. उसके नंगे लंड के गांड पर पडते ही, नौकरानी और जोश में कमर हिलाने लगी..

अमित ने उसकी गांड में अपना लंड घुसा कर धक्के मारना शुरु किया.. अब तक हम तीनो एक दुसरें से लिपटे धक्को की दुनिया में खोते जा रहे थे..

कुछ देर बाद, मैंने चुत में और अमित ने गांड में अपना पानी छोड दिया..

थोडी देर, हम उसी अवस्था में पडे पड़े थोडा रिलॅक्स होने के बाद मैंने नौकरानी की करवट बदल दी और फिर से चुदाई शुरू कर दी..

इस बार, अमित उनकी चुत मार रहा था और मैं गांड..

काफी देर की चुदाई के बाद, हम तीनो भी झड गये पर एक दुसरे से दूर होने का दिल नहीं कर रहा था इसलिये उसी स्थिती में एक दुसरे को लिपट कर सो गये..

उस दिन से रोज रात को हमारा “3 इन 1” यानी, तीन लोग एक सेक्स चलता रहा..

(कहानी कैसी लगी.. आपके सुझाव के साथ जरुर लिख भेजीये..)

आपका रवीराज..

Meri Sex Story Ki Ravi Raj Ji Aur Sabhi Writers Se Request Hai Ki Wo Isi Tarah Likhte Rahe…

Written by

akash

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