चुदासी चाची की चुदाई खेत में

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आपको Desi Sex kahani पसंद है तो आज आपको पेश करता हूँ मेरे और चाची की चुदाई की कहानी! इस कहानी में चाची के पति से हुई अधूरी चुदाई को मैंने उनको चोद पूरा किया

हेलो दोस्तो,

मेरा नाम कमल है और मैं 21 साल का हूँ। मैं रायपुर छत्तीसगढ़ के पास के गाँव का रहने वाला हूँ।

मैं मेरी सेक्स स्टोरीज का नियमित पाठक हूँ और मैं तीन साल से मेरी सेक्स स्टोरीज की कहानियाँ पढ़ता आ रहा हूँ!

आज मैं भी आपको अपनी एक कहानी बताने जा रहा हूँ!

यह कहानी आज से एक साल पुरानी है। मेरे गाँव मे एक व्यक्ति था जिसका नाम रामखेलावन था।

उसने दो शादियाँ की थी और उसके पत्नियों के नाम! पहली वाली बीवी का नाम मालती और दूसरी का नाम सविता था। सबसे छोटी सविता तीस साल की थी।

रामखेलावन उम्र में दोनों पत्नियों से बड़ा था और वो एक साथ दोनों पत्नियों की चुदाई करता था, पर सविता अपने पति की चुदाई से संतुष्ट नहीं थी!

सविता एक चु्दासी औरत थी! और इस बात की खबर मुझे भी थी तो, उसको पटाने के बारे में सोचने लगा!

वो जब गाँव की गली में निकलती तो गाँव के नौजवान उसकी कामुक अदा को देख आहें भरते थे!

मैंने भी उसको पटा कर चोदने का मन बना लिया था! मैं मौके की तलाश करने लगा।

एक दिन की बात है! मैं अपने कमरे में पढ़ाई कर रहा था कि तभी बाहर के दरवाजे पर आहट हुई!

मैंने पूछा- कौन है?

बाहर से आवाज़ आई- कमल, मैं हूँ सविता!

यह जानकर मैं बहुत खुश हुआ और मैंने सोचा! कि आज तो इससे बात कर ही लेनी है!

मैंने जाकर बाहर का दरवाजा खोला तो उसको देखता ही रह गया! क्या लग रही थी वो! एकदम मस्त माल थी!

जब मुझे होश आया तो मैंने उससे कहा- सविता चाची आप! अन्दर आइए!

मैं और वो अन्दर आए, और बाहर का दरवाजा बन्द किया!

उसने मुझसे कहा- कमल, देखो ना! मेरे मोबाइल से कहीं कॉल नहीं जा रहा है! चुकि! गाँव में, मैं ज्यादा जानकार और एक पढ़ा लिखा जवान था!

सविता चाची ने अपने ब्लाउज के अन्दर से दोनों चूचियों के बीच से अपना मोबाइल निकालकर मुझे दिया।

यह देख कर मेरा 7″ का लण्ड फुँफकार मारने लगा! मैंने उसके हाथ से मोबाइल लेने के बहाने उसके हाथों को छू लिया!

मैंने उसके मोबाइल को तुरन्त ठीक कर दिया और उससे मेहनताना माँगा!

उसने कहा- अभी मेरे पास कुछ नहीं है!

मैं उसकी चूचियों की तरफ इशारा करते हुए बोला- चाची, अगर पैसे नहीं है तो कुछ और दे दो!

वो समझ गई और बोली- ऐसा क्या है मेरे पास?

मैने हिम्मत करके उसको बोला- मै आपके चूचियों को देखना चाहता हूँ और चूत को भी!

उसने मुझसे पूछा- सिर्फ, देखोगे या कुछ करोगे भी?

मैं उसके इशारों को समझकर बोला- देखूँगा और करुँगा भी!

वो मुझे शाम को मिलने के लिए बोली!

उसने मुझे खेत में बुलाया, जहाँ पर वो जानवरों के गोबर बिनने जाती थी।

खेत के मेढ़ से मैने उसको आवाज़ दी तो वो आ गई। मैंने उसको पीछे से पकड़ा और गले मे चुम्बन करने लगा!

उसके ब्लाउज के अन्दर से उसकी चूचियाँ उत्तेजना में ऊपर नीचे होने लगी, और वो मेरे लण्ड को पकड़ कर मरोड़ने लगी!

अब वो पूरी तरह गर्म हो चुकी थी फिर मैने पीछे से उसके बड़े से कुल्हे में अपना भूखा लण्ड टिका दिया!

जिससे वो और ज्यादा उत्तेजित हो उठी थी, अब मैंने उसकी साड़ी और ब्लाउज निकाल दिया!

अब वो मेरे सामने पूरी नंगी खड़ी थी और मैं भी अपने पूरे कपड़े खोलकर नंगा हो गया!

यहाँ पर! मैं आपको यह बता दूँ- गाँव की ज्यादातर महिलायें चड्डी और ब्रा नहीं पहनती!

मैं उसके चूचियों को और चूत को जोर जोर से मसलने लगा! और वो मस्ती में सिसकारियाँ निकालने लगी- आहा! ऊहू! इसस!

मैने अपना लण्ड उसकी ओर किया और चूसने के लिए बोला! उसके लिए यह नया अनुभव था! फिर भी वो चूसने को राजी हो गई!

उसने मेरे लण्ड को पकड़कर अपनी मुँह में ले लिया और चूसने लगी!

अब उसको मजा आने लगा और ज़ोर ज़ोर से लण्ड को चूसने लगी! मै भी अब सिसकारियाँ लेने लगा- आहह्! आह! ह्ह्ह्!

उसके सर को पकड कर ज़ोर से हिलाने लगा! फ़िर, मेरा पूरा माल उसकी मुह में ही निकल गया।

अब मैं उसकी चूत में उंगली करने लगा जिससे उसकी चूत गीली हो चुकी थी!

मैंने उसकी चूत में अपना मुँह रखा और चूत को चाटना शुरू किया और मैने यह देखा! कि उसकी चूत ज्यादा चुदी नहीं लग रही थी!

मैंने बोला- चाची! तुम्हारी चूत तो पूरी कसी हुई है!

उसने बोला- मेरे पति के दो पत्नियाँ होने के कारण हम दोनों की अच्छी तरह चुदाई नहीं हो पाती है!

मैंने बोला- कोई बात नहीं चाची! आज मैं आपकी तड़पती चूत की प्यास बुझा कर ही दम लूँगा!

अब मैं सविता चाची की चूत के दाने को मसलने लगा, और चूत चाटने लगा, अब वो उत्तेजित होकर गांड ऊछालने लगी।

मैं अपनी जीभ से उसकी चूत को चोदने लगा! वो पूरी जोशीली होकर आहें भरने लगी- सी! आह्ह! म्म्म्! सीई! आ! आह! कम्म्मल! और कार्रर! ओ!

मेरा लण्ड अब खडा होकर फड़फडाने लगा था। मैंने उसे लिटाया और गांड के नीचे चप्पल को सेट किया!

मेरे पैर के टखनो पर भी चपप्ल को टिकाया, और अपने लण्ड को उसकी चूत के पास रगडने लगा!

उसकी चूत की दोनों गुलाबी फाँकें खुल गई। मैंने एक ही झटके में अपना लण्ड उसकी चूत में घुसा दिया!

मेरा लण्ड सरसराते हुए उसकी चूत मे घुस गया! उसकी चूत ज्यादा फ़ैली हुई नही थी!

वो उत्तेजित होकर बकने लगी- और चोदो! आअ! ह्ह! सीईई! हाआ! दैई! ईइ! याया! सिसआह्ह! बहुत दिन हुए चुदे आ! रजा! और! रर! जोर! रर! से चोदो!

मै भी पूरे जोश में थाप पे थाप मारकर चोदने लगा! जिससे मेरा लण्ड उसकी चूत की पूरी गहराई तक जाता था!

मुझे तो भरपुर मजा आ रहा था! मै भी बकने लगा- ले मादरचोद! रन्डी! कुतिया! अब तो मैं तुझे रोज पेलूँगा! आह्! ह! ह्ह!

वो बोली- जरुर! राज्जा! मार मेरा भोसड़ा! मेरी चूचियों को चबा जा! आआ! दैया! ई! सी!

अब मैं झड़ने वाला था! पर पहले चाची झड़ गई। मैने भी 2-4 शॉट लगाए और लण्ड को बाहर निकाल अपना माल उसके चेहरे और चूचियों में गिरा दिया!

जो माल चाची के होंठ तक पहुँची उसको उसने चाट लिया और शांत होकर कुछ देर लेट गई!

थोड़ी देर वो उठी और बोली- कमल! तुमने मेरी चूत की आग पूरी तरह ठंडा कर दिया है! बहुत मजा आया!

अब हम दोनों खड़े हुए और अपने कपड़े पहने और मैंने चाची से आगे भी चुदवाने का वादा लिया।
मेरी सच्ची कहानी आपको कैसी लगी जरूर बताएँ
[email protected]

Desi Sex kahani की इस कहानी में मैंने चाची के मोबाइल को बनाने पर फीस के तौर पर उनकी चूचियों को दिखाने को बोला तो चाची राजी हो गई क्योंकि बहुत चुदासी थी और उसने मुझे खेत में बुलाकर अपनी धक्कापेल चुदाई मुझसे करवाई और अपनी सालों की अधूरी प्यास को शांत किया..

Written by

akash

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