गर्लफ्रेंड की सहेली की चूत चुदाई

(Indian Sex Stories: Girlfriend Ki Saheli Ki Chut Chudai)

मेरा नाम राज है, जोधपुर राजस्थान का रहने वाला हूँ। मेरा कद 5 फुट 7 इंच का है।
मुझे पहली बार अपनी True Indian Sex Stories लिखने का मौका मिल रहा है।

बात उस समय की है.. जब मैं 4 साल पहले बी.टेक. करने के लिए अपने गाँव से जोधपुर आया था। मैं अपने चाचा के घर रह रहा था।

कुछ महीनों की तैयारी के बाद मैंने कॉलेज ज्वाइन किया। वहाँ बहुत सारी लड़कियां भी थीं। उसमें से साक्षी नाम की लड़की के साथ मेरा हमेशा कॉम्पिटीशन रहता था। वो भी पढ़ाई में बहुत होशियार थी।

कुछ दिनों बाद हम दोनों में दोस्ती शुरू हुई और हम हमेशा एक-दूसरे की प्रॉब्लम सॉल्व करते थे.. धीरे-धीरे हमारी दोस्ती प्यार में बदलने लगी। हम दोनों कभी-कभी घूमने बाहर जाया करते थे।

उसके पिता किसी प्राइवेट कंपनी में जॉब करते थे और माँ बैंक में जॉब करती थीं इसलिए कई बार मैं उससे मिलने उसके घर भी जाया करता था.. लेकिन अभी तक मैंने उसके साथ कुछ गलत नहीं किया क्योंकि वो शादी से पहले इस बात से सहमत नहीं थी।

उसके घर की ऊपर वाली मंजिल पर किरायेदार रहते थे.. जिसमें एक लड़की और उसके माता-पिता रहते थे। उसके पिता टीचर थे। लड़की का नाम प्रिया था.. वो देखने में बहुत सुन्दर थी। उसके उभारों को देखकर जी करता था कि काश मैं उसे अपनी गर्लफ्रेंड बनाता.. तो मजा आ जाता।
प्रिया और साक्षी आपस में सहेलियाँ थी।

वैसे मैं आपको बता दूँ कि मैंने इससे पहले भी कई लड़कियों के साथ सम्भोग किया है। लेकिन प्रिया के क्या चूचे थे.. क्या गांड और क्या रसीले होंठ.. अय हय उसका रूप देखते ही उसे चोदने का दिल करने लगता था।

उसका 32-30-32 का गदराया जिस्म देखकर मैं पागल हो गया था। धीरे-धीरे मैं साक्षी के घर रोज जाने लगा.. ताकि मैं प्रिया को देख सकूं।
वो हमेशा टॉप और जीन्स पहनती थी। मैं जब भी जाता.. मेरा उससे बात करने का बड़ा मन करता। कई बार प्रिया मेरे सामने ही साक्षी के पास आ जाती थी, तो वो मेरे साथ थोड़ी घुल मिल गई थी।

एक दिन की बात है.. साक्षी ने मुझे बताया कि वो दो दिन के लिए अपने ननिहाल जा रही है।
मुझे ख़ुशी हुई कि इस बहाने में प्रिया से अकेले मिल सकूँगा।

दूसरे दिन मैं जानबूझ कर साक्षी के घर गया.. ताकि प्रिया से मिल लूँ।
मैंने वहाँ जाकर बेल बजाई.. कोई नहीं आया। मैंने 2-3 बार बेल बजाई तो प्रिया ने ऊपर से आकर दरवाजा खोला, शायद वो अभी नहाकर निकली होगी। उसको देखकर मेरे होश उड़ गए।

उसकी पतली कमर, भरी हुई बड़ी-बड़ी चूचियाँ देख कर मेरे मन में उसके साथ रात बिताने के ख्याल आने लगे।
उसकी बगैर ब्रा की टी-शर्ट से बड़ी-बड़ी चूचियों की घुन्डी साफ दिख रही थीं।
मैंने ‘हैलो..’ बोला और पूछा- साक्षी कहाँ है?

वो बोली- वो तो अपने ननिहाल गई है।
मैंने जानबूझ कर बोला- मुझे बताया नहीं.. मैं इतनी दूर से मिलने आया हूँ।

थोड़ी देर रुककर वो बोली- कोई बात नहीं.. इतनी दूर से आए हो.. तो थोड़ी देर बैठो और चाय पीकर चले जाना।
मैं थोड़ी नानुकुर करने के बाद प्रिया के साथ ऊपर चला गया।

मैंने पूछा- कोई दिख नहीं रहा है?
उसने बोला- मेरी माँ मार्किट गई हुई हैं।

उसने मुझे अपने कमरे में बिठाया और चाय बनाने चली गई। मैं भी उसके ख्यालों में खो गया और सोचने लगा कि आज तो लॉटरी लग गई।

वो चाय लेकर आई, मुझे देने के लिए झुकी.. जिससे उसकी दोनों चूचियों की आधी झलक मुझे दिख गई। मैं ध्यान से उसकी चूचियों को देख रहा था। मेरा मन कर रहा था कि अभी ही मैं उसकी चूचियों को पकड़ कर मसल दूँ, पर मैं कुछ कर नहीं सकता था।

यह बात शायद उसे पता चल गई थी, वो जानबूझ कर सोफे पर ऐसे झुक कर बैठी कि मुझे उसके मम्मे आसानी से दिख जाएं।

धीरे धीरे हम इधर-उधर की बातें करने लगे, मैंने उससे पूछा- तुम्हारा कोई बॉयफ्रेंड नहीं है क्या?
वो बोली- नहीं मुझे ये पसंद नहीं है।

मैंने चाय पीते-पीते उसको अपने कपड़ों पर डाल दिया। वो एकदम उठी और पानी लेकर अपने हाथों से साफ़-साफ़ करने लगी। उसका ध्यान नहीं था लेकिन मेरा लंड खड़ा हो गया और उसे महसूस हुआ वो उठ कर शरमा गई।

अब मुझमें भी हिम्मत आ गई। मैंने उसका हाथ पकड़ा बोला- मैं तुमसे प्यार करने लगा हूँ और साक्षी को नहीं तुमको देखने आया हूँ।
उसने भी कहा- मैं भी आपको लाइक करती हूँ.. लेकिन बोलने की हिम्मत नहीं हुई।

फिर क्या था मैंने उसको अपनी बांहों में ले लिया और उसके होंठों को चूसने लगा।
क्या रसीले होंठ थे।

फिर मैं उसको सोफे पर ले गया और उसके ऊपर आकर जबरदस्त किस करने लग गया। अब वो भी गरम होने लगी थी और कराह रही थी।
उसके फूल की पंखुड़ी जैसे कोमल होंठ मुझे इतने मीठे लगे कि मेरा लंड अकड़ने लगा।

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