प्यासी भाभी की चूत चोद कर मज़ा दिया

(Indian Sex Story Pyasi Bhabhi Ki Choot Chod Kar maza diya)

हाय फ्रेन्ड्स..
यह Meri Indian Sex Story मेरे पड़ोस में रहने वाली भाभी के चुदाई की एक रियल स्टोरी है… उनका नाम सरिता है। भाभी की फैमिली में 4 लोग थे, भैया-भाभी, उनकी 5 साल की बेटी और भाभी के ससुर थे।

मेरा नाम देव है, गोरखपुर से हूँ, उम्र 21 साल, मैं दिखने में एकदम फेयर और स्मार्ट हूँ। मेरा लौड़ा भी लम्बा और मोटा है।

मेरा उनके घर अक्सर आना-जाना हुआ करता था क्योंकि भैया और उनके ससुर जॉब पर चले जाते थे.. तो वो अकेली घर पर रह जाती थीं, मैं उन्हें कंपनी देने चला जाया करता था।
उस वक्त तक मेरे मन में उनको लेकर कोई ग़लत भावना नहीं थी। मैं भाभी के कामों में मदद कर दिया करता था और वो भी मुझे बहुत मानती थीं।

एक दिन की बात है.. भाभी घर पर अकेली थीं। मैं उनके घर गया तो वो कुछ काम कर रही थीं। उन्होंने मेरा स्वागत किया और बैठने को बोला और खुद जाकर वे किचन में काम करने लगीं।

मैं उनके बिस्तर पे बैठ कर टीवी देख रहा था कि तभी मेरी नज़र उनके टेबल के नीचे रखी एक पत्रिका पर पड़ी, मैंने उसे उठाया वो एक सेक्स मैगजीन थी.. जिसमें हेडिंग ‘औरतों के लिए खुद को संतुष्ट करने के 100 आइडिया’ लिखी हुई थी।

यह किताब देख कर उस दिन पहली बार मेरे मन में भाभी के लिए कोई फीलिंग्स आई। मैं सोचने लगा कि भैया भाभी को संतुष्ट नहीं कर पाते होंगे.. तभी तो यह किताब यहाँ है।

तभी भाभी चाय लेकर आ गईं और वो मैगजीन मेरे हाथों में देखकर डर गईं।
उस दिन मुझे वो भाभी नहीं बल्कि एक टाइट माल नज़र आ रही थीं।

ओह सॉरी.. मैं तो उनके बारे में आपको बताना ही भूल गया। उनकी उम्र 30 साल है.. और फिगर 36-30-32 का है। उनका फिगर मैंने बाद में टोटल कर नाप लिया था।

मैं उनके पास को हो गया और पूछा- आपको इस मैगजीन की क्या ज़रूरत पड़ी?
वो नीचे देखने लगीं।

मैंने उनका चेहरा उठाया तो उनकी आँखों में आँसू थे। मैंने उनके कंधे पर हाथ रखा.. तो वो मुझसे चिपक गईं और रो कर बताने लगीं- तुम्हारे भैया अब सेक्स नहीं करते.. हफ्ते में एक बार ही डालते हैं और झड़ते ही शांत हो जाते हैं, वे मुझे संतुष्ट नहीं कर पाते हैं।

पता नहीं कैसे.. लेकिन मेरे मुँह से निकल गया- आप रोइये मत.. मैं हूँ ना..

बस फिर क्या था.. उन्होंने अपना चेहरा आगे किया और अपने होंठों को मेरे होंठों पर रख दिया। हम दोनों 15 मिनट तक ऐसे स्मूच करते रहे.. जैसे कि कल कुछ होगा ही नहीं।

उसके बाद भाभी बिस्तर पर बैठ गईं। मैंने उनको लेटा दिया और उनकी आँखों को किस किया.. फिर गालों को चूमते हुए दुबारा स्मूच करने लगा, मैं दोनों हाथों से उनकी चूचियों को दबाने लगा।
वो अपना हाथ मेरी पीठ पर सहला रही थीं।

फिर मैंने उनका ब्लाउज उतारा.. तो उन्होंने भी मेरी शर्ट को उतार दिया। मैं उनके चूचों को कट्टू करने लगा ब्रा के ऊपर से ही… वो मदहोश होकर आवाजें करने लगीं- आआहह देव.. खा जाओ मुझे.. कब से प्यासी हूँ मैं.. आज प्यास बुझा दो मेरी प्यास.. आआहह..

फिर मैंने उनकी ब्रा उतारी और थोड़ी देर तक उनके गोल दूधों को निहारने लगा।
यह मेरा पहला सेक्स था।
वो बोलने लगीं- क्या देख रहे हो.. खा जाओ.. तुम्हारे ही हैं।

फिर क्या था.. मैं उनकी चूचियों पर जानवरों की तरह टूट पड़ा। उनकी साड़ी उतार कर फेंक दी और पेटीकोट भी निकाल दिया।
मैंने अपनी जीन्स भी निकाल दी।

अब हम दोनों अंडरवियर में थे, मैं उनकी चूचियों को चूस रहा था और वो मेरे लंड को अंडरवियर के ऊपर से ही दबा रही थीं।
मैंने उनकी दोनों चूचियों को चूस डाला और उन पर ‘लव बाइट्स’ भी बना दिए.. जिससे भाभी मदहोश हो गईं और मेरा अंडरवियर उतार कर मेरे लौड़े के सुपारे की चमड़ी हटा कर उसे लॉलीपॉप की तरह चूसने लगीं।

आह्ह.. क्या मज़ा आ रहा था दोस्तो.. सच में ब्लोजॉब एक अलग सुकून की दुनिया में ले जाता है।

क्योंकि ये मेरा पहली बार था तो मैं कुछ ही मिनट में झड़ गया। बहुत निकला.. इतना माल तो कभी मुठ मारने पर भी नहीं निकला था।

भाभी ने मेरे माल की एक-एक बूँद को पी लिया और मेरे लौड़े को सहलाने लगीं।

अब मेरी बारी थी.. तो मैंने उनकी पैन्टी निकाली और उनकी चूत को चाटने लगा। उनकी चूत में मैंने अपनी जीभ डाल दी और अन्दर घुमाने लगा.. जिससे भाभी मदहोश होकर मेरा सिर अपनी चूत में घुसेड़ने लगीं।

मैंने फिर अपनी उंगली डाल कर उनकी चूत को ‘फिंगर-फक’ का मजा देने लगा। फिर जब उनकी चूत चाटी.. तो वो एकदम से झड़ गईं।
पहले तो मुझे उनका पानी खराब लगा.. पर मैं भी मदहोशी में उनका सारा पानी पी गया।

फिर मुझे एक आइडिया आया और मैंने उनके फ्रिज से एक आइसक्यूब लेकर उनकी चूत में डाल दिया.. जिससे वो छटपटाने लगीं और मैंने उनकी चूत का बर्फीला माल पिया।

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