भाभी की घमासान चुदाई

(Bhabhi Ki Ghamasan Chudai)

घर के बाजू वाली भाभी की तड़प को जाना तब मैं उनसे meri chudai के लिए एक प्लान बनाया जिसमें सबसे पहले मैंने उन्हें अपना लंड दिखाकर लुभाया जो काफी असरदार रहा..

नमस्कार दोस्तो मेरा नाम सचिन है और मैं मेरी सेक्स स्टोरी का नियमित पाठक हुँ। मैं बहुत उतेज्जित लड़का हूँ मुझे मुट्ठ मारना बहुत पसंद है, मैं पॉर्न बहुत देखता हूँ शायद इसी कारण मेरा लण्ड बहुत बड़ा और कठोर है, मेरे लण्ड को देख कर किसी के भी मुँह और चूत में पानी आ सकता है।

खैर अब मैं कहानी पर आता हूँ, बात २ साल पहले की है हमारे पडोस में एक नया मकान बना जिसमें एक परिवार पति पत्नी और उनका एक लडका रहने आए।
आने वाली औरत का नाम कोमल था उसका पति निजी व्यवसाय करता था। कुछ दीनों में मेरी और उसके पती की अच्छी दोस्ती हो गयी और मैं उसे भाई और कोमल को भाभी कहने लगां।

कोमल बहुत ही कामुक स्त्री थी वो हमेशा गहरे गले के बलाऊज पहनती थी। उसके उभार 38 के थे जो मुझे उसने बाद मे बताया उसका पति उसे ज्यादा भाव नही देता था वह शाम को शराब पी के आता और खाना खा कर सो जाता।

इस कारण कोमल सेक्स के लिए तड़प रही थी और इधर मेरा लण्ड भी उसकी चूत मे जाने को उतावला था। मैं जैसे तैसे अपने लण्ड को मुट्ठ मार के समझा देता पर अब मुझे भी चूत की जरूरत थी इसलिए मैने एक पलान बनाया, जिससे कोमल खुद ब खुद मुझसे आ कर चुदे।

पहले मैंने उसे अपना लण्ड दिखाने का उपाय बनाया ताकि वो तड़प उठे। वह दोपहर की छत पर कपड़े सुखाने आती थी मैंने इस बात का फायदा उठाया और दोपहर को लुगीं पहन कर छ्त पर बैठ गया। मैंने जानबूझ कर नीचे अंडरवियर नही पहना और अखबार पढने का बहाना कर के बैठ गया मैने अखबार में छेद कर लिया ताकि मैं उनका चेहरा देख सकूं।

जब भाभी कपड़े सुखाने आई तो मैने अपनी टांगें खेल दी ताकि वो मेरा लण्ड देख सके ओर हुआ भी यही जैसें ही भाभी मेंरी तरफ पलटी मेरा लंड देख कर उनके पैरो तले की जमीन खिसक गई। वो मेरे लण्ड को ऐसे देख रही थी जैसै खा जाएंगी मैं उनकी हालत के मजे ले रहा था।

भाभी की हालत देख कर मन किया कि अभी जा के उन्हें चोद दूं पर मैंने मन को समझाया की सब्र का फल मीठा होता है। मेरे लंड को देख भाभी की चूत गीली हो चुकी थी वो तेजी से नीचे उतर गई, ये सही मौका मैंने झट से कपड़े पहने और उनके घर चला गया।

और दरवाज़ा खटखटाया भाभी देर से दरवाजा खोलने आई और उनकी हालत देख मैं समझ गया की भाभी अपनी चूत की मालिश कर रही थी। मुझे देख कर उनका गला मानो सूख गया हो।
वो हकलाते हुए बोली ‘सचिन तुम यहाँ कैसे..।’

मैंने बहाना बनाया की ‘हमारा टीवी खराब हो गया है और मेरी पसंद की फिल्म आई हुई है क्या मै आपके यहां टीवी देख लूं..।’ उस दिन रागिनी mms 2 आयी हुई थी भाभी ना हाँ कह दी और मैंने अन्दर जा कर टी वी चालू किया।

भाभी भी मेंरे साथ टी वी देखने लगी वो हॉरर सीन देख कर डर रही थी। कुछ देर बाद सन्नी के हॉट सीन ने मेरे लण्ड को खड़ा कर दिया मेरी पपैंट में तम्बू बना देख भाभी के माथे से पसीना छलक पड़ा और वो उठ कर अपने काम करने लगी।

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