वैलेंटाइन डे का तोहफा

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मेरी सेक्स स्टोरी तब की है जब मैं और अनु एक दुसरे से बहुत प्यार करते थे और 14 फरवरी के दिन मैंने वैलेंटाइन डे मौके पर उसकी कुंवारी चूत की जम कर चुदाई कर दी.

हाय फ्रेंड्स,

मेरा नाम विहान राय है, मेरी ऐज 19 साल है। मैं आज आपको अपनी सच्ची कहानी बताने जा रहा हूँ। इस स्टोरी ने मेरी पूरी ज़िन्दगी बदल दी थी, पर आज मैं संभल चुका हूँ।

यह बात उस समय की है, जब मैं क्लास 11th में था। मेरा सब्जेक्ट साइंस था और मैं नए स्कूल में एडमिशन लेने गया।

स्कूल बहुत अच्छा था पर, वहाँ मेरा कोई फ्रेंड नहीं था बस मैं अकेला था और क्लास में बैठा रहता था। अरे! मैं यह बताना भूल ही गया कि मैं अपने नाना के यहाँ पढ़ने शहर आया था और मैं रोज बाइक पर स्कूल जाता था।

मैं क्लास में गुमसुम सा रहता था बस, स्टडी में ही ध्यान रखता था। एक बार जब मैं स्टडी कर रहा था तब एक लड़की मुझे आवाज़ लगाई, पर मैंने सुना नहीं।

उसने फिर आवाज़ दी, तो मैंने उसको देखा और यह सोचने लगा कि मैंने इसको कहाँ देखा है! कि तभी उसने ही बोल दिया कि वो मेरे घर के पास रहती है, और उसने कहा कि, उसे मेरे फिजिक्स के नोट्स चाहिए।

मैंने अपनी नोट्स उसे दे दी! तभी उसने एक प्यारी सी थैंक्स! बोल कर चली गई। वो स्कूल बस से आती जाती थी। मैं उस दिन घर में आकर सो गया था।

शाम होने पर नानी ने मुझे आवाज़ दिया कि, मुझसे कोई मिलने आया है! मैंने सोचा कि मुझसे कौन मिलने आ सकता है? मैं उठकर बाहर आया तब देखा कि वो लड़की आई थी, जिसे मैंने फिजिक्स का नोट्स दिया था।

वो नोट्स वापस करने आई थी, तो मैंने उससे पूछा- कुछ चाय कॉफ़ी हो जाए! तो उसने हाँ! कह दिया।

मैंने नानी को कॉफ़ी बनाने के लिए बोल दिया! मैंने उसका नाम पूछा?

उसने अपना नाम अनुष्का बताया और, उसने बताया कि घर पर सारे लोग उसे अनु कह कर बुलाते हैं।

हम दोनों ने बहुत सारी बातें की और, अब हम रोज बातें करने लगे। वो अब बस के बजाय मेरी बाइक पर बैठकर स्कूल आने जाने लगी क्योंकि, उसकी मम्मी भी मुझे बहुत मानती थी और अनु को मेरे साथ जाने से मन नहीं करती थी।

हम एक दुसरे से अब पूरी तरह से खुल कर बातें किया करते थे।

मैंने एक दिन उससे पूछा- अनु, तुम्हारा कोई बॉयफ्रेंड है क्या?

उसने बोला- नहीं!

उसने भी मुझसे पूछा- तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड?

मैंने भी कह दिया- अभी तक तो नहीं! मेरी इस बात पर उसने हल्की सी मुस्कान दी!

अब हम स्कूल से आते जाते समय खूब मस्ती करते थे, तब मुझे एहसास हुआ कि मैं उससे प्यार करने लगा हूँ और उससे मिले बिना एक पल नहीं रह सकता हूँ!

जब वो शाम को नहीं मिलती तो मैं उसके घर चला जाता क्योंकि, अब मैं उसके प्रति सीरियस हो गया था। आखिर! मैंने एक दिन उसको प्रोपोज कर दिया जब, वह अपने घर में अकेली थी!

मैंने उससे पूछा- आंटी कहाँ हैं?

उसने बोला- मम्मी मंदिर गई हुई हैं!

मैंने सोचा कि, इससे अच्छा मौका मुझे मिल ही नहीं सकता!

मैंने उससे कहा- अनु, मुझे कुछ कहना है?

उसने कहा- हाँ! हाँ! बोलो।

मैं उसके आगे आया, पर मुझे डर लग रहा था कहीं ,उसकी मम्मी ना आ जाए!

मैंने उससे कहा- अनु, कुछ दिनों से मेरी तबियत बहुत खराब रहती है!

उसने झट से कहा- चलो, अभी चलो डॉक्टर के पास!

मैंने उसे रोकते हुए बोला- नहीं! नहीं! ऐसी कोई बात नहीं है? वो दरअसल, मेरे सीने में दर्द उठता है!

उसने झट से पूछा- किसी से प्यार हो गया है क्या? मुझे बताओ, मैं तुम्हारी सबसे अच्छी दोस्त हूँ!

मैंने कहा- हाँ! अनु, पर डर लगता है कि कहीं उसकी दोस्ती भी ना खो दूँ!

उसने कहा- कोई भी लड़की, तुम्हें ना नहीं कह सकती! तू उसे बोल कर तो देख!

उसके हाथ को पकड़ कर मैंने पूछा- रियली!

उसने कहा- हाँ! बिल्कुल सच! कोई भी तुझे मना नहीं कर सकती!

मैंने उससे कहा- वो लड़की तुम हो!

उसने मेरी तरफ एक पल देखा! और अन्दर चली गई तो, मैंने उससे कहा- यस! अनु, आई रियली लव यू! उसने फिर भी कोई जवाब नहीं दिया।

मैंने भी उससे कहा- अनु, अगर तुम जवाब नहीं दोगी तो, मैं तुमसे कभी भी बात नहीं करुँगा! पर उसने कोई रिप्लाई नहीं दिया।

मैं मायूस होकर घर लौट गया!

अगले दिन मैं स्कूल के लिए तैयार हुआ और जब बाहर निकला तो, अनु की मम्मी ने मुझसे पूछा- क्या बात है? आज तुम लेट से स्कूल जा रहे हो?

मैंने कहा- नहीं! आंटी, बल्कि मैं आज तो जल्दी जा रहा हूँ!

मैंने पूछा- अनु, चली गई क्या?

आंटी ने कहा- हाँ! वो तो आज बस से चली गई!

मेरे गुस्से का ठिकाना ना रहा! मैं स्कूल पहुँच कर अपने जगह पर बैठ गया, और ना मैंने उसे देखा और ना ही बात की!

मैं स्कूल से गुमसुम सा अपने घर लौटा! दो दिन, यूं ही बीत गए! तीसरे दिन मैं अपने नानी के पास बैठा था कि, तभी अनु आई और नानी से पूछी- नानी मुझे विहान के साथ मार्केट जाना है!

नानी ने कहा- ठीक है! चली जाओ, विहान के साथ!

उसने मुझसे कहा- चलो, विहान! अपनी बाइक निकालो!

मैंने अपनी बाइक निकाली और वो मेरे पीछे बैठ गई और, अनु बस रास्ता बता रही थी। मैं उसे ले जा रहा था पर, बात नहीं कर रहा था।

वो मुझे एक पार्क के पास रुकने को बोली तो, मैं रुक गया!

उसने कहा- अन्दर चलो! विहान, मैं उसके साथ पार्क में चला गया और उसने मुझे एक जगह बैठने को कहा!

मैं बैठ गया तब उसने मुझसे जो कहा, उसको सुनकर मेरे होश उड़ गए!

उसने कहा- आई लव यू टू विहान!

मुझे उसके बातों पर यकीन नहीं हुआ तो उसने कहा- विहान, मैं उस दिन ही हाँ! कहने वाली थी पर मुझे गुस्सा आ गया क्योंकि, तुमने मेरे दिल की बात कही थी! मैं तुम्हें सरप्राइज देने वाली थी।

यह सब सुनकर मेरी खुशी का ठिकाना ना रहा! और अपने पर काबू न रख सका और, मैंने अपने लाइफ का पहला किश उसके साथ किया! उसने भी मेरा भरपूर साथ दिया।

क्या! बताऊँ यारो, मैं तो सेवेंथ स्काई पर था!

उस दिन के बाद मेरी ज़िन्दगी बदल गई! मैं जब भी उसके घर जाता तो, हम दोनों एक दुसरे को खुलकर किश करते!

दोस्तों, अब मैं अपनी लाइन पर आ रहा हूँ क्योंकि, मैं बताना तो नहीं चाहता था पर क्या करूँ!

एक दिन आंटी मेरे पास आईं और कहा- विहान, मैं मार्केट जा रही हूँ और अनु घर में अकेले है तो तुम वहीँ जाकर स्टडी करो!

यारो, उस दिन 14 फरवरी थी! और मुझे भी पता था। मैं उसके घर गया तो वो सो रही थी और उसके चेहरे पर उसकी जुल्फियाँ इस कदर थी कि, वो परियों की रानी लग रही थी! कि, उसे देखते देखते साँसें भी थम जाए तो कोई गम नहीं!

मैं उसके पास गया और उसके गालों पर एक किश किया तो, वो जाग गई और उसने कहा- उन्न! सोने दो ना प्लीज!

मैंने कहा- मैं भी साथ में सोऊँगा!

उसने कहा- नहीं! पर मुझे उसकी ना में ही, हाँ! का एहसास हुआ! तब मैं जानबूझ कर उसके बेड पर सो गया।

वो बोली- दूर हटो!

मैंने कहा- नहीं! आज तो मैं और तुम बस! दोनों ही हैं और मैंने अपना हाथ उसके बूब्स पर रख दिया!

वो मेरा हाथ हटाने लगी तो मैंने कहा- नहीं! अनु, आज मना मत करो और मैंने उसके बूब्स दबाने शुरू कर दिए वो उत्तेजित हो उठी और मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और किश करने लगा।

यह किश मेरी लाइफ की सबसे लम्बी किश थी! और उसने भी मेरा साथ देना शुरू कर दिया। मैंने उसकी ट-शर्ट उतार दी।

यारो, आज पहली बार अपने लण्ड महाराज को इतना खड़ा महसूस किया था! मेरे पैंट से बाहर निकलने को जम्प कर रहा था!

मैं अनु को कुछ देर किश करता रहा और बाद में मैंने उसके लेग्गिस उतार दी! अब वो सिर्फ ब्रा और पैन्टी में रह गई थी। उसकी पैन्टी ब्लैक कलर की थी और वो भी गोरे गोरे बदन पर! वो बहुत सेक्सी लग रही थी।

बस! मैंने मन में ठान लिया कि आज तो जन्नत की करनी है! अब वो भी मेरा भरपूर साथ दे रही थी।

वाह! उसके बूब्स इतने बड़े थे कि, उसकी चूचियाँ उसके ब्रा से निकलने का पूरा जोर लगा रहे थे!

मैंने आव देखा न ताव! मैंने भी, उसकी चूचियों की हेल्प करने के लिए! ब्रा को निकाल फेंका और उसकी चूचियों को आजाद कर दिया!

मैंने उसकी चूचियों को चूसना शुरू कर दिया और अपने हाथ को उसकी पैन्टी के ऊपर से उसके चूत को सहलाने लगा और महसूस किया कि, उसकी चूत पूरी गीली हो चुकी थी।

वो मस्ती में आहें भरने लगी तो, मैं चूचियों को छोड़ कर उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए जिससे उसकी आवाज़ दब कर रह गई।

अब मैंने उसकी पैन्टी को उतार दिया, क्या खूबसुरत चूत थी उसकी! मैंने पहली बार रियल में कोई चूत देखी थी! मैंने अपनी उंगली को डालकर उसकी चूत के अन्दर बाहर करने लगा!

उसकी चूत इतनी टाईट थी कि, उंगली भी बड़ी मुश्किल से जा रही थी!

यारो, अब मेरा लण्ड महाराज मेरे काबू में नहीं था, और पैंट फाड़कर बाहर आने को तैयार था! मैंने अपनी पैंट उतार दी!

मैंने उसकी चूत को जोर जोर से चूसना शुरू कर दिया और वो जोर जोर से आहें भरने लगी पर, मैं उसे चुप नहीं कर सकता था क्योंकि, मैं उसकी चूत चूसे जा रहा था। वाह! उसकी चूत का स्वाद ही निराला था!

अब मुझसे बर्दाश्त नहीं हुआ और, मैंने अपना 7″ का लण्ड उसकी कोमल नाजुक चूत पर रख दिया तभी मैंने महसूस किया कि उसकी चूत आग की भट्टी की तरह तप रही थी!

मैंने उसकी चूत में लण्ड को धीरे धीरे रगड़ने लगा और अचानक! मैंने एक जोर का धक्का लगाया तो मेरा आधा लण्ड उसकी चूत को चीरता हुआ अन्दर घुस गया और वो दर्द के मारने चीख उठी- उय्यी मम्मी! मर गय्य्य्यी!

मैंने झट से उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और होंठों को चूसने लगा। उसकी चूत से खून निकल रही थी जिससे मेरा पूरा लण्ड भीग चुका था! मैं कुछ देर उसके ऊपर उसी हालत में पड़ा रहा।

जब उसका दर्द कुछ कम हुआ तो मैं फिर हौले हौले लण्ड को अन्दर बाहर करने लगा। अब उसे मजा आने लगा और वो भी अपने कमर को उठाने लगी तो, मैंने एक और जोर का धक्का दिया।

इस बार मेरा पूरा लण्ड उसकी चूत में समा गया और उसकी जोर की चीख से पूरा कमरा गूँज उठा- मम्मी मरररर गय्य्यी! उय्य्यीइ मांन्न! पर इस बार मैं नहीं रुका, और धक्के पर धक्का लगता रहा!

कुछ देर बाद वो भी पूरी नार्मल हो गई और अपनी कमर उछाल उछाल कर मेरा साथ देने लगी। अब उसको बहुत मजा आने लगा था और पूरे जोश में बडबडा रही थी- विहान! फ़क मी! आह! प्लीज! फ़क मी हार्डर! यू आर माय डार्लिंग! आई मेड फोर यू ओनली!

मैं भी पूरे जोश में उसकी चुदाई करता रहा और कुछ देर बाद उसने मुझे कस कर अपनी ओर खींच लिया और मुझे अपनी बाहों में जकड लिया और अपने नाखून मेरे पीठ में गड़ा दिए थे।

शायद! वो झड़ने वाली थी! मैंने स्पीड और तेज कर दी और 5 मिनट्स तक उसकी चुदाई करता रहा और अचानक! मेरा पूरा शरीर अकड़ने लगा और मैं काँपने लगा। मैं भी अब अपना लावा उसकी चूत में निकालने वाला था।

मैं और अनु एक साथ झड़ गए और हमने एक दुसरे को बाहों में जकड़ लिए और उधर हम दोनों के लण्ड और चूत एक दुसरे के प्यास को बुझा रहे थे और एक दुसरे में समा चुके थे!

उसकी चूत पूरी तरह लाल हो चुकी थी और मेरा लण्ड भी बेहाल हो चुका था! मैं थक कर पूरा चूर हो चुका था और उसके ऊपर ही 5 मिनट तक पड़ा रहा।

यारो, बस! उस दिन के बाद, आज तक हर दुसरे दिन उसकी चुदाई करता हूँ और वो चुद्वाती है!

यह थी मेरी रियल लव स्टोरी! उम्मीद करता हूँ कि, आप लोगों को बहुत पसंद आई होगी!

आप अपने रिप्लाई मुझे मेरे मेल आईडी पर सेंड कर सकते हैं!
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अनु सोई हुई बिल्कुल परी लग रही थी तो मैंने उसको किश किया तो शर्माने लगी और तब मैंने उसके चूचों को दबा दिया तब वो मना करने लगी पर उसकी ना में हाँ का इशारा था और आखिरकार मैंने उसकी कुँवारी चूत का भेदन किया.. मेरी सेक्स स्टोरी की यह कहानी आपको कैसी लगी अपने कमेंट्स हमें भेजें..

Written by

guruji

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