भाभी की आधी अधूरी चुदाई-2

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भाभी की जो सामान मेरे हाथ आ गई थी उसकी वह खोजबीन शुरू कर दी अब sex stories in hindi के इस भाग में उस सामान के बारे में उनके मुँह से बुलवाने की आईडिया लगाई..

अब तक आपने पढ़ा..

ये पहली बार था जब भाभी ने ब्रा और पैंटी को ऐसे खुले मैं सूखने को दिया था। मैं समझ गया की ये इशारा है की भाभी जल्द ही चुदने वाली है। मैं समझ गया था ये तो खुला इनविटेशन है की आ बैल मुझे मार।

मैं चुप चाप से उनकी पैंटी को वहाँ से उठाया और जेब मैं डाल कर नीचे आ गया। नीचे आ कर उनकी पैंटी को तकिये के नीचे छुपा दिया और फिर अपने कामों मैं लग गया।

अब आगे..

शाम को जब मैं छत पर गया तो भाभी वहीँ थी और वो कुछ ढूंढ भी रही थी और थोड़ी परेशान लग रही थी। मैं तो समझ गया था की भाभी क्या ढूंढ रही है लेकिन मैंने ऐसे दिखाया जैसे मुझे सच में कुछ पता नहीं था।

मैंने भाभी से पूछा की ‘आखिर आप क्या ढूंढ रही हो..’ तो उन्होंने थोडा हँसते हुए कहा अरे बहुत कीमती सामान खोया है। मैंने भी चुटकी लेते हुए कहा ऐसा क्या सामान है मैं भी तो जानू।
बोला ‘जान के क्या करेगा अरे पहनने वाला ही सामान था वो भी पर्सनल..’।

मैंने भी चुटकी लेते हुए कहा आप बताइये तो क्या था, मैं कल आपके लिए बाजार से नए ला दूंगा इतना सुनकर वो खिल खिलाकर हँसने लगी और बोली रहने दो तुम नही ला पाओगे।

मैंने बहुत जोर दिया तो बोली अरे मेरी पैंटी नहीं मिल रही तो मैंने कहा इसमें कौन सी बड़ी बात है, मैं कल आपके लिये नयी पेंटी ला दूंगा।
वो बोली धत पागल कहीं का मैंने कहा जो भी समझ लो लेकिन मैंने पहले ही कह दिया था ना कुछ भी होगा मैं कल ला दूंगा तो अब तो लाना ही पड़ेगा।

हमारे बीच बस इतनी ही बातें हो सकी उस समय, फिर रात के करीब 12 बजे मैं उठा और चुप चाप भाभी की पैंटी ली और छत पर चला गया ताकि अकेले में भाभी की पैंटी से मुट्ठ मार सकूँ डर भी था, अगर भाभी आ गयी तो दिक्कत हो जायेगी।

लेकिन खड़े लण्ड के आगे किसी की नही चलती फिर मेरी क्या औकात। मैं भाभी की पैंटी लेकर छत पर चला गया और मोबाइल में ब्लू फ़िल्म चलाकर भाभी की पैंटी को लौड़े पर पहनकर मुट्ठ मार रहा था। 10 मिनट से हिला रहा था तभी अचानक लगा पीछे कोई खड़ा है।

जब पीछे मुड कर देखा तो डर से मेरी हालत ख़राब हो गयी। क्योकि भाभी पीछे ही खड़ी थी मेरी समझ में नहीं आ रहा था क्या करूँ क्या न करूँ। तभी भाभी ने गुस्से में पूछा ‘ये क्या कर रहे हो मेरी पैंटी के साथ रुको कल भैया से बोल के तुम्हारी छुट्टी करवाती हूँ..’।

मैं डर गया की अब क्या होगा लेकिन मैंने पारी को सँभालते हुए कहा ‘ठीक है भाभी बोल दो लेकिन आप रात में कहाँ बात करती हो मैं भी भैया को बता दूंगा..।’
ये सुनते ही भाभी हँसते हुए बोली ‘अरे वाह राहुल तुम तो बहुत तेज़ निकले लेकिन एक बात जान लो भैया को पता है मैं कहा बात करती हूँ।’

तो मैंने डरते हुए कहा भाभी आपको ये सब की क्या जरुरत है भैया के रहते हुए आप दूसरों से सेक्स चैट करती हो क्या आपको भइया नही चोदते।
मेरे मुँह से ऐसी बातें सुनकर वो गर्म होने लगी वो तभी मैंने एक और बाज़ी खेल दी कहा ‘अगर आपको सेक्स का इतना ही शौक है तो हम क्या मर गए जो आप गैरो से ऐसी बातें करती हो।’

तो वो खुश होते हुए बोली क्या तुम मुझे वो सुख दे सकते हो जो तुम्हारे भैया नही दे पा रहे। मैंने हँसते हुए कहा आप जेसी हुस्न की मल्लिका को कौन नही ठोकना चाहेगा इतना सुनना था की वो मेरे होठों को अपने हॉट एंड सेक्सी होठों से चूसने लगी मेरा लंड तो कब से खड़ा था।

मैंने भी उनका साथ देना शुरू कर दिया कुछ देर के बाद मैंने कहा ‘भाभी सब यहीं करना है या बेडरूम में चले तो वो बोली ‘तुम्हीं ले चलो।’
तो मैंने उन्हें अपने गोद मैं उठा कर अपने बेडरूम में ले गया और उन पर टूट पड़ा कुछ देर की चुम्मा चाटी के बाद मैंने कहा बस यही करना है या आगे भी कुछ करना है तो उन्होंने कहा ‘कैसी बात करते हो जान मैं तो आज तुमको कच्चा चबाने वाली हूँ।’

इतना कह कर उसने मेरी टी शर्ट उतार दी फिर पैंट उतार दिया फिर चड्डी भी उतार दी अब मैं बिल्कुल नंगा हो गया था, मेरा लंड देख के बोली ‘आज लग रहा है मैं चुदुंगी दिल खोल के।’
फिर इतना कह कर वो मेरा लण्ड चूसने लगी मैं भी उसकी गांड मैं ऊँगली करता जा रहा था।

कुछ देर चूसने के बाद मेरा तो पानी निकल गया क्योकि मैं पहले भी हिला चुका था। उसने कहा ‘इतनी जल्दी हो गया राजा..’ मैंने कहा ‘ओये मेरी रानी देखती जाओ मेरा कमाल..’ इतना कह कर मैंने उसकी सलवार का नाडा खोल दिया और पैंटी फाड़ डाली और उनकी चूत को चाटने लगा।

करीब 10 मिनट की चटाई के बाद उसकी चूत ने पानी का एक फव्वारा छोडा जिसको मैं पूरा का पूरा पी गया। अब वो मेरे लण्ड के साथ फिर से खेलने लगी कुछ देर बाद मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया, इस बार देर न करते हुए सीधा मैंने अपना लण्ड उसकी चूत के मुहाने पर सेट किया और एक जोर का धक्का दिया।

लण्ड बिना किसी परेशानी के अंदर चला गया मुझे ऐसा लग रहा था जेसे जन्नत में हूँ। तभी भाभी के बेटी के रोने की आवाज़ सुनाई दी तो भाभी ने जल्दी बजी मैं मुझे साइड किया और कपड़े ठीक करके चली गयी।

ये थी मेरी कहानी प्लीज आप लोग मुझे मेरे ईमेल [email protected] पर बताएँ हमारी कहानी कैसी लगी। बाकी अगली कहानी में।

दोस्तों भाभी ने मुझे उस सामान के साथ मुट्ठ मारते पकड़ ली थी जिससे मुझे उनके साथ चुदाई करने के लिए पहल करने में कोई दिक्कत नहीं हुई पर पूरी चुदाई अधूरी रह गई जिसे इस sex stories in hindi के जरिये आपके बीच लाया.. कैसी लगी मेरी यह अधूरी चुदाई अपने कमेंट्स जरुर भेजें..

Written by

guruji

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