पड़ोसन की चुदाई शहद लगाकर

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Desi Sex kahani की सबसे रोचक है घटना है मेरी पड़ोसन और मेरी हुई चुदाई की अनोखी दास्तान, जिसमें मुझे अपनी पड़ोसन की कुँवारी चूत का भेदने का आनन्द मिला!

पड़ोसन की कटीली जवानी का नजारा

हाय दोस्तो,

मैं निखिल गुडगाँव से हूँ! मैं मेरी सेक्स स्टोरी की कहानियाँ खूब पसंद करता हूँ, और मुझे भी अपनी एक कहानी बताने की इच्छा हुई है।

मैं अपनी सच्ची कहानी आपको बताता हूँ। यह मेरी पहली कहानी है। पसंद आए तो मेल करना!

हाँ! मैं बीबीए का छात्र हूँ और बचपन से मेघावी के साथ साथ खूब बढ़िया कसरती बदन का भी हूँ!

बात उन दिनों की है, जब मैं 12वी मे पढता था। मेरी एक पड़ोसन है! नाम काजल है, क्या फिगर है उसका! 36.32.36 बिल्कुल कयामत!

वो रोज पढ़ने का बहाना करके मेरे करीब आने की कोशिश करती! पढ़ते वक्त वो मुझे घूरती रहती और एक दिन मेरे पूछने पर बताया, कि वो मुझे पसंद करती थी।

बस! वो दिन था, मैं उसको रोज पप्पी करने लगा!

हम लोग रात को छत पर सोते थे! वो उसकी मम्मी मेरी मम्मी और मैं!

एक दिन की बात है! हमारे पुराने पड़ोसी जो गाँव के दूसरे किनारे पर रहते थे। उनके यहाँ से शादी के गीत का बुलावा आया तो, मेरी मम्मी और उसकी मम्मी चली गई!

जैसे ही वो दोनों गएँ! मैंने नीचे जाकर गेट बंद किया। हाँ! मेरे पापा कम्पनी में मैनेजर हैं, रात की ड्यूटी रहती है!

पड़ोसन की चुदाई करने का मौका

वो सो चुकी थी! और मैं ड्रामा कर रहा था! मैं झट से ऊपर आया और करवट का बहाना लेते हुए उसकी चूचियों पर हाथ रखा!

चूचियों पर हाथ लगाते ही मुझे करंट सा लगा! मैं डर रहा था कि छत से कोई दूसरा ना देख ले!

मैंने एक चादर उसके ऊपर डाल दी और खुद भी घुस गया! मैं सीधा उसके उपर लेट गया और उसके होंठों को चूसने लगा!

वाह! क्या स्वाद था दोस्तो, बस पूछो मत! मेरी इस हरकत से वो जाग गई!

वह कहने लगी- क्या कर रहे हो निखिल?

मैंने कहा- उठो ना जान! मैं तुम्हारे हुस्न का प्यासा हूँ!

उसने कहा- तुम पागल तो नहीं हो गए? सब लोग छत पर सो रहे हैं!

मैंने पूछा- कौन लोग सो रहे हैं? मुझे तो दिखाई नहीं दे रहा है?

मेरे ऐसा कहने पर वो झट से उठ कर बैठ गई! और इधर उधर पूरे छत पर देखा, छत पर कोई नहीं था हम दोनों के अलावा!

वो मुझसे पूछने लगी- मम्मी और चाची नजर नहीं आ रहीं हैं?

मैंने उसे बोला- जान! वो दोनों पास के गाँव में शादी के गाने में शामिल होने गईं हैं!

पड़ोसन के होंठों के चुम्बन का आनन्द

उसने मुझसे बोला- तुम झूठ बोल रहे हो?

इतना सुनते ही मैं उसे पकड़ कर उसके होंठों को चूमने लगा और उसकी चूचियों को सहलाने लगा!

उसने मुझे जोर का धक्का दिया और फिर एक पल के लिए! मुझे देखने लगी!

अचानक! वो मुझ पर हमला बोल दी! मुझे अपने बाहों में लेकर मुझे चुम्बन करने लगी, और मेरे लौड़े को सहलाने लगी!

शायद! वो भी समझ चुकी थी कि हम दोनों घर में अकेले हैं! और मेरे कहने पर नीचे मेरे कमरे मे चल पड़ी!

पड़ोसन की चूचियों को चूसा

वहाँ जाते ही! मैंने उसके सूट को निकल कर उसकी उन्नत चूचियों को चूसा! वो अपने हाथ से मेरे सिर पर दबाव डाल रही थी!

वो पूरी जोश में बोल रही थी- चूस निक्कू! चूस!

मैं कहाँ कन्ट्रोल करने वाला था! मैंने भी उसकी पैन्टी के ऊपर से उसके चूत को सहलाने लगा!

इतने में, पता नहीं! कब उसका पानी निकल गया! मैंने देर ना करते हुए उसकी सलवार निकाल दी!

सलवार निकालते ही मैंने जो देखा! तो दंग रह गया!

पड़ोसन की चूत चटाई का मजा

उसके गुलाबी पैन्टी के ऊपर से उसकी चूत की रेखाएं साफ नज़र आ रही थी! मैंने झट से पैन्टी को निकाल फेंका!

क्या चीज़ थी! यार बिल्कुल गुलाबी छोटी सी! छोटे छोटे सुनहरे बाल से ढकी चूत! मैंने उसके चूत को करीब से देखा!

उसकी चूत फड़फड़ा रही थी! अब मुझे रहा नहीं गया, मैंने उसकी चूत में अपने मुँह लगा दिया, और चाटने लगा!

मैं तुरन्त अपने किचन से थोड़ा सा शहद लेकर चूत में डाल दिया और फिर से चाटने लगा!

वो मस्ती में आहें ले रही थी और बोल रही थी- आह! उयीई! वाआहः! निक्की बना ले मुझे अपनी रानी ब्ना ले!

अब उसने भी मेरे कपड़े निकल दिए और पैंट खोल मेरी चड्डी भी निकाल दी!

पड़ोसन द्वारा लण्ड चुसाई का आनन्द

जैसे ही! उसने मेरी चड्डी निकाली! मेरा मोटा और लंबा लण्ड उसको सलामी देने लगा!

वो पूरी खुश होकर लण्ड से खेलने लगी, मैंने उसको लण्ड चूसने बोला तो वो मन करने लगी!

मैंने जबरदस्ती उसके मुँह में लण्ड दे दिया! अब वो भी मेरे लण्ड को मजे लेकर चूसने लगी!

अह्हा! दोस्तो, लण्ड चुसवाने का आनन्द! मैं शब्दों में बयान नहीं कर सकता!

मैं उसकी लण्ड चुसाई से अपने चरम पर था और मैं झड़ गया! और उसने चूस चूस कर मेरा सारा रस पी लिया!

अब मैं उसकी चूचियों पर शहद लगाया और चूसा! वो फिर गर्म होने लगी!

पड़ोसन की चुदाई का आनन्द

मैं शहद लगी चूत पर लण्ड रखा और ज़ोर से धक्का दिया तो लण्ड थोड़ा अन्दर चला गया तो वो रोई और चिल्ला पड़ी- उय्यी माँ! मरर गई! मार दिया!

वो मुझे धक्का देने लगी, मगर मेरे फिर धक्का देकर लण्ड आधा अन्दर कर दिया! और उसको होंठों पर अपने होंठ रख दिए!

उसके होंठों को चूसता रहा और काटता रहा! जब वो कुछ शांत हुई, तब मैंने पूरा लण्ड अन्दर किया!

अब धीरे धीरे उसकी चूचियों को चूसता रहा! जैसे ही वो कमर हिलाई मैंने गति बढ़ा दी! जैसे मैं सुबह की दौड़ में करता था!

अचानक! वो सिकारियाँ नकालने लगी- आह! अह्ह्ह! उह्ह्ह! बहुत अच्छा लग रहा है! निक्कू और जोर्र रसे!

मैं भी जोश में आकर अपनी रफ्तार और ज्यादा कर दी! और मैं भी झड़ने वाला था, हम दोनो एक साथ झड़ गए!

मम्मी के आने के डर से हम दोनो ने कपड़े पहने, और ऊपर आ गए फिर वहाँ भी एक दुसरे को चूमते रहे!

दोस्तो, यह थी मेरी सच्ची कहानी, और उम्मीद करता हूँ कि आपको पसंद आए!
आप अपने जवाब मेरे ईमेल आईडी पर भेज सकते हैं!
[email protected]

काजल की चुदाई का मौका मुझे एक दिन मिल ही गया जब हम दोनों की माँ घर पर नहीं थी तो मैंने काजल को उठाया और अपनी बाहों में लेकर चुम्बन करने लगा और उसने भी भरपूर साथ दिया और उसने अपनी ओर खींचकर मुझे अपने आगोश में ले लिया और Desi Sex kahani में मैंने शहद लगाकर काजल की कुँवारी चूत की दमदार चुदाई कर दी!

Written by

guruji

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