सब्र का फल 1

6 min read

Hindi Sex Stories Padhne Me Aapko Aur Bhi Maza Aayega Agar Aapka Patner Aapke Sath Ho…

लेखक – विनय

दोस्तो, मैं देल्ही में रहता हूँ और मेरी उम्र 31 साल है.

मैं अभी सिंगल हूँ और मुझे सिंगल लाइफ ही पसंद है. ऐसा क्यूँ .?. यह आप समझेंगे जब आप सुनेंगे मेरा यह किस्सा.

यह मेरी पहली कहानी है इसलिए आप का फीडबैक बहुत ज़रूरी है.

कामिनी जी मेरी कहानी को प्रकाशित ज़रूर कीजिएगा और मुझे मेरी ग़लतिया मेल कर दीजिएगा जो मैं अगली कहानी में सुधार लूँगा.

तो मेरी सेक्स स्टोरी के मेरे दोस्तो, बात 1 महीने पहले की है.

मस्त कहानियाँ हैं, मेरी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर !!! !!

मैं रोज़ की तरह घर के पास टी स्टॉल पर खड़े हो कर चाय पी रहा था और पीते पीते सामने एक सुंदर लड़की खड़ी थी उसका नज़ारा ले रहा था.

उसका फिगर होगा कुछ – 32 – 28 -34.

हाइट में थोड़ी छोटी थी पर बहुत क्यूट लग रही थी. कुछ 5’4 होगी उसकी हाइट.

मेरी हाइट 5’10 है.

उसने काले रंग की हॉट शॉर्ट्स पहन रखी थी.

देल्ही में भी बहुत कम ही इतने छोटी शॉर्ट्स पहने लड़कियाँ दिखती हैं और ऊपर वाइट रंग का टांक टॉप.

वो लड़की अपने बॉय फ्रेंड के साथ थी असल में में.

ऐसा लग रहा था, वो लोग बहुत समय से एक दूसरे के साथ रिलेशन्षिप में हैं और एक दूसरे के साथ एकदम बातों में खोए हुए थे.

तभी उस लड़की ने मेरी तरफ देखा पर मैंने उस पर से नज़र नहीं हटाई.

एकदम से वो डर गई और उसने अपनी नज़र पलट ली.

उसके होंठों पर हल्की सी स्माइल आ गई.

मैं यह सोच ही रहा था की काश यह बॉय फ्रेंड के साथ नहीं होती की अचानक से किसी की आवाज़ आई..

माफ़ कीजिएगा.. ..

मैंने पीछे मूड कर देखा तो देखता ही रह गया.

दो बड़ी बड़ी आँखें मेरी तरफ देख रही थी.

मैं तो एक पल के लिए खो ही गया.

फिर उसने हल्का सा अपनी भौहें चढ़ा कर बोला..

मुझे जाने देंगे .?.

फिर मैंने देखा की मैंने चाय की दुकान का रास्ता ब्लॉक कर रखा था.

मैं थोड़ा शर्मा गया और सामने से हट गया.

जैसे वो आगे निकली मैंने नोटीस किया की उसकी बॉडी भी उतनी ही सेक्सी थी जितना की उसका फेस. हाइट कुछ 5’8 की होगी. हालाँकि कपड़े उसने सिंपल ही पहने थे – सलवार सूट लेकिन उसका फिगर समझ में नहीं आ रहा था और फिर मेरे जैसे लड़के तो सब जल्दी ही माप लेते हैं.

फिगर उसका 34-28-36 होगा. अगर इतने सिंपल कपड़े नहीं पहने होते तो मैं तो समझता की ज़रूर मॉडलिंग करती होगी पर जहाँ मैं रहता हूँ वहाँ ज़्यादातर स्टूडेंट्स रहते हैं..

खैर..

वो आगे स्टॉल में चली गई और और मुझे सुनाई दिया उसने दुकान वाले से गर्म दूध का एक ग्लास माँगा.

मेरा दिमाग़ यहीं चल रहा था की किसी भी तरह से इससे बात शुरू हो. इतना तो मुझे समझ आ गया था की लड़की थोड़ी कन्सर्वेटिव है तो शायद एकदम से शायद रूड रेस्पॉन्स ही दे दे.

वैसे तो मैं रूड रेस्पॉन्स की इतनी परवाह नहीं करता पर क्या करें उस समय मैं वो हॉट शॉर्ट्स वाली लड़की के सामने अपनी इज़्ज़त नहीं उतरवाना चाहता था.

फिर मेरे दिमाग़ में एक आइडिया आया और मैं एक मिशन पर जैसे सोल्जर जाता है वैसे अपने प्लान को एक्सेक्यूट करने के लिए आगे बढ़ गया.

मैं उसके बगल में खड़ा हो गया.

असल में उसकी चप्पल में से एक तार जैसी निकल रही थी..

मैंने ध्यान से उसके ऊपर अपना पैर रख दिया. मेरी साँसे बहुत तेज़ थी.

मैं नोटीस किया की वो भी मेरी प्रेज़ेन्स से शायद थोड़ी अनकंफर्टबल हो गई थी और अपना चेहरा हल्का सा दूसरी तरफ मोड़ लिया.

भैया चाय में थोड़ी चीनी कम लग रही है.. आधी चम्मच और डाल दो इसमें… मैं उसकी तरफ ध्यान नहीं देते हुए, ज़ोर से एकदम डीप आवाज़ में बोला.

पर फिर भी वो भाव खा रही थी.. और मेरी तरफ उसने ध्यान भी नहीं दिया.

बस एक सेकेंड में देता हूँ, भैया… चाय वाले ने उसका दूध का गिलास रखते हुए बोला.

अब बहुत क्रूशियल मोमेंट था.

जिस पर मेरा पूरा प्लान टीका था. एक तरह से इस पल पर ही डिसाइड होने वाला था की मुझे उसकी वो पर्फेक्ट बॉडी दोबारा कभी देखने को मिलेगी भी की नहीं और फिर वही हुआ जैसा मैंने सोचा था..

वो जैसे ही दूध ले कर मूडी.. मैंने क्यूंकी उसकी सैंडल का वाइयर अपने नीचे दबा कर रखा था, उसका पैर ट्रिप कर गया.

उसने संभालने की कोशिश करी लेकिन गरम दूध हल्का सा, मेरे हाथ पर गिर गया. दूध उतना गरम नहीं था, उसके हाथ पर भी गिरा था.

लेकिन मैंने ऐसा प्रिटेंड किया की मेरा हाथ दूध से जल गया और मैं कराह उठा. वो एकदम से सहम गई.

उसका सारा आटिट्यूड ख़तम हो गया और एकदम से सॉरी सॉरी बोलने लगी.

अब वो एकदम मासूमियत सी बोली ..

लड़की – बहुत दर्द हो रहा है क्या.?.

मैं – नहीं. कुछ खास नहीं. पर फिर भी मैंने चहरे पर ऐसा एक्सप्रेशन बनाया जैसे अभी भी बहुत दर्द हो रहा हो.

मॅन में तो बस यह आ रहा था की इसके भरे हुए होठों को चूमने में कितना मज़ा आएगा. अब डर के बजाए एक अराउज़ल की फीलिंग थी.

बस यूँ ही उससे बात होनी शुरू हो गई. उसका नाम अंजलि था.

हम लोग एकदम नॉर्मल ही बात कर रहे थे, एक दूसरे को जानने के लिए पर फिर भी मेरी नज़र बार बार उसके होठों की तरफ जा रही थी.

मेरा मीटर हाइ हो रहा था. मन हो रहा था उसको वहीं पर पकड़ कर चूम लू.

वो भी बहुत शरमाते हुए बात कर रही थी.

आँखें उसकी पहले से भी बड़ी हो गई थी. पता चला की वो देहरादून से अभी अभी दिल्ली आई है. कुछ 15 दिन पहले ही.

दिल्ली के किससे सुन कर उसको यहाँ बहुत डर लगता है, इसलिए किसी से जल्दी बात नहीं करती.

उसने अभी अभी इंजिनियरिंग से ग्रॅजुयेट किया था और आई एस की कोचिंग जाय्न करी.

आई एस बनाना चाहती थी.

अब उसको वहाँ किस तो नहीं कर सकता था और ऐसे आमने सामने खड़े होकर बात करने में उसको छू भी नहीं पा रहा था तो मैंने उसको बोला..

देखो तुमने मुझे आज इतनी चोट पहुँचाई.. अब तुम्हें ट्रीट दे कर उसका भरपाया करना होगा..

वो एकदम से मान गई. मैं उसको टोमॅटोस नाम के रेस्टोरेंट में ले गया जहाँ सारे कपल्स आते हैं.

हम दोनों, अगल बगल बैठ गये.

मेरी कहानी जारी रहेगी…

Hindi Sex Stories Me Hazaro Kahaniya Hai www.merisexstory.com Par…

Written by

मस्त कामिनी

Leave a Reply