सब्र का फल 5

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Hindi Sex Stories Ke Readers Ko Jan Kar Acharya Hoga Ki Aurato Ke Ejacuation Ka Koi Average Time Nahi Hota… Wo Sirf Kuch Second Me Bhi Disharge Ho Sakti Hain Aur Ghante Bhar Tak Bhi Nahi…

लेखक – विनय

आई लव यु बेबी..

और फिर मैं उसकी गाण्ड को अपने हाथों में पकड़ कर चूमने लगा..

उसने भी अपने हाथ मेरे हाथ के ऊपर ही रख लिए और मैंने उसके दोनों चीक्स को खूब जम के चूमा और काटा..

वो भी कभी चीख रही थी तो कभी ऊहह.. आ.. कर रही थी..

फिर मैं अपने दोनों हाथों को उसके चीक्स पर रख कर अपने अंघुटे से उसकी गाण्ड को खोला तो उसने फिर एकदम से अपने हाथों से अपनी गाण्ड कवर कर ली..

मैंने भी सोचा की पहली बार में ही इतना लक प्रेस करने की ज़रूरत नहीं है..

मैं नीचे आ गया और उसकी चूत को चूमने लगा..

उसकी चूत एकदम रस में भरी हुई थी..

जैसा कहा था ना.. सब्र का फल वाकई बहुत रस भरा था..

मैंने उसको अपनी जीभ से इतना चाटा और चूसा की वो एक बार झड़ गई..

मस्त कहानियाँ हैं, मेरी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर !!! !!

अब मैं उठा और मैंने जल्दी से अपनी पैंट और अंडरवियर उतार दी और उसकी थाइस के ऊपर चढ़ कर बैठ गया..

मेरा तना हुआ लंड उसकी गाण्ड को छू रहा था और के बार फिर मैंने उसकी गाण्ड को प्यासी नज़रों से देखा और सोचा, क्या किस्मत दी है भगवान ने.. फिर था दोस्तों आखरी पढ़ाव.. क्या वो मुझे चोदने देगी .?.

मैंने अपने लंड को उसकी चूत के ऊपर रख दिया..

उसका पहली बार था लेकिन वो तुरंत समझ गई मैं क्या करने वाला हूँ..

उसकी चूत एकदम गीली थी.. मैंने ध्यान दिया तो वो क्लीन शेवन थी..

आ नाइस सर्प्राइज़ फॉर आ वर्जिन गर्ल..

उसने बाद में बताया की पीरियड्स के टाइम पर उसको नहीं तो इन्फेक्षन हो जाता है..

इससे पहले की वो अपना पूरा सेंटेन्स बोल पाती – रुक जाओ विनय.. शादी से पहले…. उतने मे मेरा लंड पूरा उसके अंदर चला गया.. और आगे उसके मुंह से बस यही निकल पाया – ओह विनय.. ऑश… यह क्या किया तुमने…

पर पता मुझे भी था की वो चुदना चाहती है.. उसने ज़रा भी मुझे नहीं रोका और मैंने धीरे धीरे लंड अंदर बाहर करने लगा..

वो.. अया.. ऊवू .. करती रही .. और फिर भी बोलती रही – मत करो विनय.. मुझे भी मिक्स्ड सिग्नल्स समझ नहीं आ रहे थे पर अगर जैसे ही मैं रुकता तो वो अपनी गाण्ड हिलाने लगती ताकि अंदर बाहर होता रहे तो मैंने भी उसको फिर सही से चोदना शुरू कर दिया..

मुझ से तो कंट्रोल ही नहीं हो रहा था.. लग रहा था अभी झड़ा की तब झड़ा.. पर मैं चाहता था की पहली बार सेक्स में उसका ऑर्गॅज़म पहले हो..

तो मैंने लंड बाहर निकाल कर थोड़ा ठंडा किया और इस बीच उसकी चूत को और चूमा ताकि वो ठंडी ना पड़े..

फिर मैंने उसका सूट भी उतार दिया और फिर उसके ऊपर लेट कर अपना लंड फिर से अंदर डाल दिया..

उसकी गाण्ड बहुत सॉफ्ट थी..

गाण्ड को दबा दबा के मैं कोशिश कर रहा था मेरा लंड डीप से डीप जाए उसके अंदर..

धीरे धीरे उसकी गर्मी बढ़ने लग गई और वो झड़ गई..

मैं भी झरने की कगार पर था.. बस किसी तरह से रोका हुआ था.. तुरंत अपना लंड बाहर निकाल कर अपने जूसज़ उसकी गाण्ड और पीठ पर गिरा दिए..

उसकी गाण्ड पर अपने जूस देख कर मन तो कर रहा था दोबारा चोद दूँ .. पर अब लंड बैठने लगा था..

मैंने टवल निकल कर उसके पीठ पोंछ दी और उसको बिठाया..

वो रोने लगी, बोली – यह हमने क्या किया विनय..

मैंने उसको समझाया की कुछ भी ग़लत नहीं किया और मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ और हम कभी अलग नहीं होंगे..

यह सब सुन कर वो रिलॅक्स हुई और हम कड्ड्ल करके स्पूनिंग पोज़िशन में लेट गये..

मैंने उसको शोल्डर्स पर किस कर रहा था..

वो भी मेरे हाथ के ऊपर सर रख कर लेटी थी और मेरे हाथ को किस कर रही थी..

मैंने अपने हाथ से उसके बूब्स को मसाज करना शुरू किया..

मेरा लंड फिर से अब खड़ा हो गया था.. तो मैंने उसकी चूत में डाल दिया और स्पूनिंग पोज़िशन में धीरे धीरे उसे चोदने लगा.. इस बारी मैं ज़्यादा कंट्रोल में था..

मैंने थोड़ी देर उसको उसी कड्ड्ल पोज़िशन में ही चोद..

फिर उसकी एक टाँग पकड़ कर के ऊपर करके चोद्ना शुरू किया.. तो वो पहले तो शर्मा गई..

फिर मैंने उसको बोला – चलो ना बेबी.. जस्ट एंजाय.. मेरी रांड़ बन जाओ बेबी.. न तुम्हारी चूत फाड़ दूँगा…

उसने भी पॉर्न मूवीस में सब देखा हुआ था और तुरंत सही पोज़ बना लिया..

फिर मैं उसकी बबल बट को पकड़ कर अपना लंड उसकी चूत में पूरा डाल दिया..

डॉगी स्टाइल मेरी पसंदीदा पोज़िशन है..

मैं उसको पटक पटक कर चोद्ने लगा.. वो भी चीख रही थी और ज़ोर से चोद दो मुझे विनय.. और ज़ोर से चोदो..

वो अपनी चूत अपनी उंगली से सहलाने लगे.

हमारी चुदाई की आवाज़ से पूरा फ्लैट गूंजने लगा..

मुझे लग रहा था कहीं पड़ोसियों को भी आवाज़ ना आ रही हो और मैं और ज़ोर से उससे चोदना शुरू किया..

अब तो मैं बस एक्सप्लोड होने वाला था और इस बारी उसके अंदर ही झड़ गया.

झड़ने के बाद भी मैं उससे चोदता रहा..

पॉर्न स्टार भी इतनी ज़ोर से नहीं चोदते होंगे..

मेरे लंड अब मेरे ही सीमेन में पूरी तरह से नहा चुका था..

वो भी ऐसी चुदाई को कब तक झेलती और ज़ोर ज़ोर से काँपने लगी..

झाड़ते ही उसके पैर में क्रंप आने लगे तो मैंने उसके पैर सीधे किए और उसकी मसाज करी..

उसकी चूत से मेरा सीमेन निकल रहा था.. मैंने आखरी बार उसकी चूत को फिर से चूस कर अपने ही जूस का मज़ा लिया और फिर हम दोनों फिर से कड्ड्ल करके सो गये..

अगली सुबह मेरी नींद उससे पहले खुल गई..

वो बहुत ही प्यारी लग रही थी लेकिन मुझे भी एक इंपॉर्टेंट काम करना था..

मैंने फाटक से बाहर से कुछ मैंगोस खरीद कर लाया तब तक वो भी उठ गई थी और ड्रेस उप भी हो चुकी थी..

मैंने उसको शेक बना कर पिलाया और हमने फिर से एक बार जम कर चुदाई करी..

फिर उसकी क्लास का टाइम हो गया और वो चली गई..

तो दोस्तों यह थी मेरी कहानी..

लिखते लिखते रियलाइज़ किया की बहुत लंबी कहानी हो गई पर फिर मज़ा तो डीटेल्स में ही है..

होप यु गाइस एंजाय्ड. ..

Hindi Sex Stories Par Padhte Rahiye Aisi Hi Msst Kahaniya…

Written by

मस्त कामिनी

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