चुदासी चाची की चुदाई बारिश में

(Meri Pehli Chudai Chudaasi Chachi Kee Chudai Baarish Mein)

बरसात के दिन! किसी के भी मन में चुदास भर जाता है! मेरे और मेरी चाची के साथ भी ऐसा ही हुआ, और मैंने भी Meri Pehli Chudai का उद्घाटन चाची की चूत चुदाई से किया..

हेलो दोस्तो,

मेरा नाम राज है, और आप ही की तरह मैं भी मेरी सेक्स स्टोरी का एक नियमित पाठक हूँ। मैंने मेरी सेक्स स्टोरी में बहुत सी कहानियाँ पढ़ी है।

इन कहानियों को पढ़ कर मैंने सोचा, क्यों ना मैं भी आपके साथ अपने कुछ अनुभव शेयर करू।

मैं अपनी कॉलेज की छुट्टियों में अपनी सबसे छोटी चाची के घर गया हुआ था।

मेरे चाचा जी आर्मी में थे, साल में सिर्फ़ कभी कभार ही घर आया करते थे। उन दिनों मैं सेकंड इयर के एक्साम दे चुका था।

इस लिए मेरी जवानी अपने सुरूर पर थी। मेरी चाची को अभी कोई बच्चा नहीं था!

उनकी शादी को अभी दो साल ही हुए थे। चूँकि, चाचा शादी से पहले ही आर्मी में थे।

चाचा जी चाची के साथ, ज्यादा टाइम साथ नहीं रह पाए थे। पहले मैंने कभी अपनी चाची को ग़लत नजरों से नहीं देखा था।

एक दिन चाची बाज़ार गई हुई थी, कि तभी अचानक बारिश शुरू हो गई, मैं टीवी पर मूवी देख रहा था।

मूवी में कुछ सीन थोड़े से सेक्सी थे, जिन्हें देखकर मन के ख्याल बदलना लाजमी था।

उस टाइम मेरे मन में बहुत उत्तेजना पैदा हो रही थी। मैं धीरे धीरे, अपने लण्ड को सहलाने लगा।

तभी डोर बेल बजी। मैं एकदम से घबरा गया मुझे लगा, जैसे किसी ने मुझे देख लिया हो।

तब मुझे याद आया, कि घर में तो कोई है ही नही, मैं बेकार में डर रहा था और मैंने जाकर दरवाजा खोल दिया।

भीगा बदन देख हुआ चुदाई का एहसास

बाहर चाची खड़ी थी और उनका बदन पूरी तरह पानी से भीगा हुआ था। वो आज पहले से भी ज्यादा जवान और खुबसूरत लग रही थी!

मैंने दरवाजा बंद कर दिया और जैसे ही पीछे मुड़ा, तो मेरी नज़र चाची की कमर पर पड़ी। जहाँ पर उनकी गुलाबी साड़ी के बलाउस से, उनकी काले रंग की ब्रा बाहर झांक रही थी।

चाची ने सामान सोफे पर रखा और मुझसे बोली- सावन, मेरा पूरा बदन भीग चुका है, इसलिए तुम मुझे अन्दर से एक तौलिया ला दो।

मैं तौलिया ले आया तो चाची मुस्कुराते हुए बोली- समान हाथों में, लटका कर लाने से मेरे हाथ दर्द करने लग गए है। इसलिए तुम मेरा एक छोटा सा काम करोगे?

मैंने पूछा- चाची, क्या काम करना है?

चाची बोली- जरा मेरे बालों से पानी सुखा दोगे?

मैंने कहा- क्यों नहीं चाची जरुर!

चाची सोफे पर बैठ गई और मैंने देखा, बालों से पानी निकल कर उनके गोरे गालों पर बह रहा था।

मैं चाची के पीछे बैठ गया, और उनको अपने पैरों के बीच में ले बालों को सुखाने लगा।

चाची का गरम बदन भीगने के बाद, और भी गरम हो गया था और मेरे पैरों में हलचल पैदा कर रहा था।

बाल सुखाते हुए, मैंने धीरे से उनके कंधे पर अपना हाथ रख दिया। चाची ने कोई आपत्ति नहीं की।

तब मैंने धीरे से, उनकी कमर सहलानी शुरू कर दी, तभी अचानक चाची कहने लगी- मेरे बाल सूख गए है अब मैं भीतर जा रही हूँ।

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