प्रेमिका की चूत चुदाई क्लास रूम में

(Meri Pehli Chudai Premika Kee Chut Chudai Class Room Mein)

मैं अपनी कॉलेज की एक लड़की से प्यार करता था! और अपने क्लास रूम में ही मैंने Meri Pehli Chudai की यादगार शुरुआत! उसकी कुँवारी चूत की चुदाई कर पूरा किया था..

हाय दोस्तो,

मेरा नाम रॉय है और मेरी उम्र 19 साल है। मैं दिखने में बहुत सुन्दर हूँ पर मेरी लंबाई 5′ 7″ है। मैं मेरी सेक्स स्टोरी की सारी कहानियों को पढता हूँ! और आज मैं भी अपनी एक कहानी आपके सामने

पेश कर रहा हूँ!

यह कहानी मेरे कॉलेज के दिनों की है। अब मैं अपनी कहानी पर आता हूँ। बात उन दिनों की है! जब मैं 12वीं क्लास में था। मैं अपने कॉलेज का प्रधान था! तो मेरे कॉलेज के सारे छात्र मुझे जानते थे।

छवि को किया अपना इजहार ए इश्क

मैं अपनी क्लास में सबसे तेज था! और हमेशा प्रथम आता था! ऐसे ही लड़कियों में तेज लड़की थी! जिसका नाम छवि था! वो दिखने में कटरीना कैफ़ जैसी थी! और उसका फिगर जकुलिन जैसा था!

वो मुझे पसंद करती थी और उसने अपनी दोस्त प्रिया के ज़रिए मुझे इजहार ए इश्क भेजा! मैं सुनकर बहुत ही खुश हुआ! क्योंकि मैं भी उसे बहुत पसंद करता था! लेकिन! कभी बोलने की हिम्मत नहीं

हुई।

कुछ दिनों हमने ऐसे ही बात की! करीब एक महीने बाद! हमने एक दूसरे का नंबर लिया और फिर हम कॉलेज जल्दी जाते और क्लास रूम में प्यार करते!

मैंने जीवन का पहला चुम्बन किया

दोस्तो, मैं आपको कैसे बताऊँ? जब मैने उसे चूमा तो मुझे कैसा लगा! क्योंकि वो मेरी जीवन का पहला चुम्बन था!

मैं और वो एक दूसरे की बाँहों में थे, और मैने फिर उसके नीचे वाले होंठों पर अपना होंठ रखा! उसे तो ना जाने क्या हुआ! वो मुझ पर ऐसे टूट पड़ी! कि जैसे मेरे होंठ पर मिठाई लगी हो!

हमने करीब 5 मिनट तक! ऐसे ही एक दूसरे को चूमा! और मैंने अपने एक हाथ से उसकी चूचियों को छुआ! अचानक! मुझे तो जाने क्या हो रहा था! मेरी साँसे तेज हो गई।

नरम नरम चूचियों को मसलने का मजा

वो भी अब गर्म साँसें छोड़ने लगी! अब मैंने हौले हौले उसकी चूचियों को सहलाना शुरू किया! क्या चूचियाँ थे उसके! एकदम कसे संतरे की तरह! अब मेरा लण्ड काबू से बाहर था, पर इतने में ही और

छात्र आने लगे।

झट से! हमने एक दूसरे को अलग किया और इसी तरह एक हफ्ते तक! हमने ऐसे ही मजे किए। चूँकि! अब मुजसे काबू नहीं होता था!

तभी! मैने अपने दोस्त के साथ एक योजना बनाया और कहा, कि जब कल हम क्लास में होंगे, तो कोई आए! तो वो हमें इशारे कर दे!

वो मान गया- यह मुश्किल तो बहुत था! पर मुझे भी जुनून सवार था! अब मुझे कल सुबह का इंतजार था, और फिर अगली सुबह सब योजना के हिसाब से हुआ।

कुँवारी चूत में उंगली का मजा

मेरा दोस्त बाहर खड़ा हो गया! और हम अन्दर क्लास रूम में चले गए। तब फिर क्या था! मैं उस पर टूट पड़ा! मैंने पहले उसको खूब चूमा! वो हमेशा मुझे चूमने में पूरा नंबर देती थी!

कुछ देर चूमने करने के बाद! मैंने उसके गले से टाई निकाली और शर्ट उतार दी, फिर उसकी चूचियों को मसलने लगा। अब धीरे धीरे! उसकी स्कर्ट में हाथ डाल दिया और उसकी पैन्टी के ऊपर से ही

Comments

Scroll To Top