औरत की आग 1

5 min read

लेखक – सुमित पहलवान
सम्पादिका – मस्त कामिनी

मैं आपका सुमित, एक बार फिर हाज़िर हूँ, अपनी नई कहानी ले कर..

अपने नए पाठकों को बता दूँ, मेरा नाम सुमित है, उम्र 20 और जाती से, शरीर से, क्रम से पहलवान हूँ..

“कुँवारी कली”(1 – 3), “चूत में खून, दिल में सुकून” (1 – 5) “शेरनी ने किया मेरे लण्ड का शिकार” (1 – 5) नाम से तीन कहानियों की श्रंखला, मेरी सेक्स स्टोरी पर, अब तक प्रकाशित हो चुकी हैं..

इन तीनों कहानियों को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया गया, जिसका मैं आभारी हूँ..

मस्त कहानियाँ हैं, मेरी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर !!! !!

कुछ लोग चाहते हैं (खासकर लड़कियां और आंटी) की मैं अपनी मेल आई डी प्रकाशित करूँ, किन्तु अपनी सुरक्षा के खातिर ऐसा करना संभव नहीं है क्यूंकि मैं एक “जिगोलो” हूँ और मुझे काफी संभल कर रहना पड़ता है..

मैं आपको बताना चाहता हूँ की मैं सुमित पहलवान ही इन कहानियों का लेखक हूँ और अगर आप मुझे मेल करते हैं तो कामिनी जी, आपके सभी मेल मुझे फॉरवर्ड कर देती हैं..

दोस्तो, आप सभी का बहुत बहुत धन्यवाद, जो आपने मेरी तीनों कहानियों की श्रंखला की सभी कहानियों को पसंद किया..

बस आप से एक नम्र निवेदन और है.. अगर आपको मेरी कहानी पसंद आती है तो बस कुछ पल दे कर, उसमें रेटिंग देना ना भूलें..

खैर, अब आते हैं मेरी चौथी कड़ी पर..

इस बार, मुझे मध्य प्रदेश के सागर नाम के शहर से, एक आर्मी ऑफीसर की पत्नी का कॉल आया..

उनकी उम्र, लगभग 30 साल थी..

उनसे मैंने “स्काइप” पर बात की और उन्होंने, वेब कैम पर अपनी पिक्चर दिखाई..

वो एक आम सी दिखाने वाली, “हाउस वाइफ” थीं..

शरीर, भरा हुआ था..

सच कहूँ तो रंग थोड़ा सा काला था पर नैन नक्श तीखे थे..

वो, थोड़ी सी मोटी भी थीं..

फिर उन्होंने बताया की उनके पति की बॉर्डर पर पोस्टिंग है, इस लिए साल में 2-3 बार ही उनका, घर आना होता है..

ये भी बताया की उनका एक बेटा, 6 साल का है जो स्कूल में पढ़ता है और वो एक आर्मी कोलोनी में रहती थीं..

उधर, सभी घर आर्मी वालों के ही थे..

उन्होंने मुझे पता बताया और आने की तारीख बताई..

मैंने भी आने के लिए, हाँ बोल दी..

मस्त कहानियाँ हैं, मेरी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर !!! !!

अब काम तो काम ही है, दोस्तो..

गोरी हो या काली हो, बस चूत में खुजली वाली हो..

रंग के नहीं, मुझे तो चूत की खुजली मिटाने के पैसे मिलते हैं..

खैर, उन्होंने बताया की आप को मैं अकेली तो नहीं मिलूंगी पर कोई प्राब्लम नहीं है..

अगर बेटा भी घर पर हो, तब भी कोई प्राब्लम नहीं है..

मैं आपको अपना दूर का भाई बता कर, बेटे से मिलवा दूँगी क्यूंकी मेरा बेटा अभी छोटा है और मैं उसे यूँही, किसी के पास नहीं भेज सकती..

भाई बताने से कोलोनी में भी आप को कोई परेशानी नहीं होगी क्यूंकी बेटा घर पर ही होगा और किसी ने मेरे पति को बताया भी तो भी भाई के आने से उन्हें भी कोई परेशानी नहीं होगी..

मैं खुश हो गया की चलो, एक चिंता तो ख़त्म हुई..

दोस्तो, इस काम में अपनी सुरक्षा के लिए, मैं हमेशा चिंतित रहता हूँ..

अगर, कभी कहीं ग़लती से पकड़ गया तो बहुत पिटाई होगी..

आने जाने में जो खर्च हुआ, उसका नुकसान अलग होगा..

खैर, मैं सुबह सागर पहुँचा और उन्हें फोन पर अपने आने की सूचना दी..

उन्होंने मुझे बताया की उनका बेटा घर पर ही है और मैं समझ गया की मुझे क्या करना है..

मस्त कहानियाँ हैं, मेरी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर !!! !!

करीब 15 मिनट में, मैं उनके घर के दरबाज़े पर पहुँच गया..

मैंने डोर बेल बज़ाई तो एक लड़के ने दरवाज़ा खोला..

मैं तुरंत समझ गया की ये उनका बेटा है..

वो मुझे देख रहा था और फिर उसने पूछा की आप को किस से मिलना है…

मैंने कहा की तुमसे… बेटा, मैं तुम्हारा मामा हूँ… अंदर नहीं आने दोगे, क्या…

वो बोला – हाँ हाँ… अंदर, आइए… मैं अभी मम्मी को बुलाता हूँ…

मैं अंदर आ कर, सोफे पर बैठ गया..

वो घर, काफ़ी बड़ा था..

थोड़ी ही देर में, वो बाहर आई..

मैं उन्हें पहचान गया..

मैंने झट से बोला – दीदी, नमस्ते… मैं सुमित…

वो भी मुझे, पहचान गईं..

वो मुस्कुराने लगी और बोली – नमस्ते, भैया…

उनका बेटा भी मेरे पास आ कर, बैठ गया..

वो बोली – अरे वाह!! सुमित… कितने दिन बाद, देख रही हूँ तुम्हें…

वो लगातार, मुझे नीचे से ऊपर देखे जा रही थी..

उनकी निगाह मुझे टटोल रही थी.. शायद सोच रही हो कहीं ग़लत पैसे तो खर्च नहीं किए..

वैसे उनकी निगाह, काफ़ी प्यासी सी भी थी..

जब वो अपने होंठों को काट रही थी तो एक पल को तो मुझे ऐसा लगा की ये मुझे से अभी लिपट जाएगी..

मैं भी उसके हाब भाव देख कर, मुस्कुरा रहा था..

मस्त कहानियाँ हैं, मेरी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर !!! !!

फिर उन्होंने लड़के को पानी लेने भेज़ दिया और लड़के के जाने के तुरंत बाद, वो मेरे पास बैठ गई और धीरे से बोली – तुम, किसी बात की चिंता मत करना… तुम चाहो तो 2-3 दिन भी यहाँ रुक सकते हो… मैंने बड़ा सोच कर प्लान बनाया है…

मैंने कहा – हाँ प्लान तो आपका मस्त है पर मुझे, कल ही वापस जाना होगा…

मुझे लगा, वो कुछ मायूस हो गई..

कहानी जारी रहेगी.. ..

यदि आप भी चाहते हैं की आपकी कहानी इसी तरह मेरी सेक्स स्टोरी पर प्रकाशित हो तो बस नोटपैड पर हिन्दी या हिंगलिश में अपनी कहानी लिखिए और भेज दीजिये – [email protected] पर..

मेरी सेक्स स्टोरी को और बेहतर बनाने में हमारी मदद कीजिये और अपने सुझाव हमें लिख भेजिए – [email protected] पर..

Written by

मस्त कामिनी

Leave a Reply