मुंबई की सिमरन

(Mumbai Ki Simran)

सफ़र के दौरान कोई मिले और उसकी परेशानी का कारण चुदाई हो वैसी कहानियां आप लोगों ने indian sex stories में बहुत पढ़ी होंगी तो वैसी ही इस कहानी को पढ़ें..

दोस्तों मेरा नाम राजकुमार है और मैं एक कॉलबॉय हूँ और मेरे लंड की साइज़ 7 इंच लंबा ओर 3 इंच मोटा है। जिसे जीन जीन को सेवा दी है वो आज भी याद करती हैं ओर बुलाती हैं और मैं राजस्थान से हूँ।

दोस्तों, मेरी सेक्स स्टोरी पर ये मेरी प्रथम कहानी है। आज मैं आप लोगों को अपने जीवन की सच्ची बात बताने जा रहा हूँ।

बात उस समय की है जब मैं मुंबई किसी काम से जा रहा था। मैं मुंबई ट्रेन से जा रहा था।
मेरे साथ में एक 30 साल की एक महिला बैठी थी। उनकी सीट मेरे सीट के सामने वाली थी। वो देखने में तो बहुत सुंदर लग रही थी।

जैसे उपर वाले ने समय निकाल कर बनाया हो। किसी परी से कम नही थी। उसको देखते ही लंड खड़ा हो जाता है। मस्त माल था मन तो कर रहा था की अभी उस की चूत में डाल दूं।

लो छोड़ो सब बातो को अब मे आपको बोर नही होने दूँगा। मेरी ओर उन की थोड़ी थोड़ी बात होने लगी जिसमें पता लगा की उसका नाम सिमरन है ओर वो मुंबई की रहने वाली है।

वो जोधपुर में अपनी किसी जानकार के शादी मे आई थी। शाम के 4:30 तक हम राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन पर हमारी ट्रेन रुकी, मैने उसको वहां पर चाय के लिए पूछा ओर उन को चाय पिलाई।

तब से हम थोड़े ज्यादा एक दूसरे से खुल गये थे। पूरा डिब्बा लगभग खाली था। सिमरन से बात करते करते पता चला की वो अपनी लाइफ में खुश नही थी। उसको पता भी ऩही चला की कब उस ने मुझे अपने दिल की बात बोल दी ओर वो रोने लगी।

मैंने उसको शांतवना देते हुए पूरी बात पूछी जिसमें उस ने बताया की उस का पति एक डॉक्टर है ओर वो मुंबई से बहार काम करते हैं और उस को अपने परिवार के साथ मे मुंबई छोड़ा हुआ है और सिर्फ़ सनडे को आते है।

और जब भी आते हैं तो रात को सो जाते हैं। वो मुझे कोई सुख नही देते। जिस की वजह से हमारी कोई औलाद नही है। मैं समझ गया की सिमरन को उस के पति से शारीरिक सुख नही मिलता है।

तब मैने उनको बताया की मैं एक कॉलबॉय हूँ ओर जो महिलाएं अपने पति से खुश नहीं है उन को खुश करने का काम करता हूँ। और बदले मे कुछ फीस वसूल करता हू। आप को कोई एतराज ना हो तो मैं आप की हैल्प कर सकता हूँ।

वो मुझे गौर से देखने लगी। फिर उसने बोला की उसको मेरी सेवा लेनी है। ओर फिर वो मुझसे गले लग गई जिससे मैंने उसकी पीठ पर हाथ फेरा तो वो गरम हो गई, मैने उस को एक ज़बरदस्त किस किया फिर हम ठीक अवस्था में वापस बैठ गये साथ में हमारे पास मे एक चद्दर थी जो हमने हमारे उपर डाल ली।

फिर मैंने धीरे से उसकी सलवार में हाथ डाल दिया जिससे वो ओर गरम हो गई तब तक हमारे
सीट पर और कोई नही आया था उस ने भी मेरे अंडरवियर मे हाथ गुसेड दिया था।
उसकी चूत से पानी निकलने लग गया था ओर वो एक बार झड़ गई थी तब तक उस ने मेरा भी एक बार पानी निकाल दिया था।

फिर हम बाथरूम मे जा के अपने अपने को साफ किया ओर अपनी सीट पर बैठ गये। फिर उस ने बताया की कल अच्छा से मज़े लेंगे और हम सो गये।
सुबह जब हम स्टेशन पर उतरे तो उस ने मेरे नंबर लिए ओर मेरे होटल का रूम नंबर ओर नाम ले के चली गई ओर बोली की वो 12 बजे तक आएगी।

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