शुरुवात तो हो गई

(Shuruaat To Ho Gayi)

मुट्ठ मारते मारते जब हम दोनों दोस्त थक चुके थे और कॉलेज की लड़कियों से भी कोई उम्मीद नहीं रह गई थी तब चूत चोदने के लिए रंडी से meri chudai शुरू हुई..

नमस्कार दोस्तों मेरा नाम नील (बदला) हुआ है। मैं महाराष्ट्रा कोल्हापुर का रहने वाला हूँँ।
मैंने मेरी सेक्स स्टोरी की काफी कहानियाँ पढ़ी है।

आज मैं आपको मेरी कहानी सुनाने जा रहा हूँ। मेरी ये पहली ही कहानी है तो लिखावट में कुछ कमी हो गई हो तो नजर अन्दाज कर दीजियेगा। मेरी उम्र 20 साल है मेरा लंड करीबन 5 इंच लम्बा है और मेरी हाइट 5′ 5″ है।

अब कहानी पर आते हैं, मेरा एक ख़ास दोस्त है सुशिल हम दोनों ज्यादातर साथ में ही रहते है। उसके माँ बाप दोनो ही नौकरी करते हैं तो जब भी मौका मिलता हम दोनों उसके घर में ब्लू फिल्म देखते और मुठ मार क लंड को शांत कर लेते।

एक दिन सुशिल ने मुझसे कहा साले कितनी बार इस लंड को नकली तस्वीरे दिखाके ठंडा रखेंगे इसको एक असली चूत की जरुरत है। तो मैंने सुशिल से कहा ‘हाँ..’ यार लेकिन करे तो करे। ‘क्या कॉलेज की कामिनी लडकियाँ सिग्रेट विग्रेट और बैड इम्प्रेशन की वजह से ठीक से दिखती भी नई..।’

तो सुशिल ने मुझसे कहा की हमारे सीबीएस से दो किलोमीटर दूर रंडियो की कॉलोनी है वहाँ रंडिया दिन में भी पैसे ले के चुदवा लेती है। तो हम दोनों ने एक दिन तय किया और मेडिकल से कंडोम खरीद कर उस कॉलोनी में चल दिए ।

जैसे ही हम वहाँ गए मैंने देखा की करीबन हर घर क बाहर एक औरत कुर्सी लेकर बैठी थी।
सुशिल को एक औरत पसंद आई तो हम दोनों उसके पास गए और सुशिल ने उससे पूछा रेट क्या है ?

तो उसने कहा 500 रूपए और एक टाइम में एक ही दो नहीं चलेंगे। तो मैंने सुशिल से कहा सुशील तू चला जा इसके साथ वैसे भी मुझे ये पसंद नहीं तो वो रंडी मुझे मराठी में कहने लगी ‘रे माज्या राजा तुला काय परी पाहिजे होय।’

इतना सुनते ही मैंने उसे गाली बक दी तो हँसते हुए वो सुशिल के साथ घर क अन्दर चली गई। फिर मैं आगे चल दिया। चार पांच घर क आगे मुझे एक औरत दिखी जो गोरी थी मुझे वो पसंद आ गई।

उसने काले कलर की साड़ी और लाल कलर का ब्लाउज पहना था बालों में गजरा था उम्र उसकी करीबन 28-30 होगी। मैं उसके पास गया और उससे रेट पुछा तो उसने भी कहा 500, फिर मैं उसके साथ अन्दर गया।

अन्दर एक बेड और एक पानी का हंडा और टीवी था। अन्दर की तरफ किचन और उसके साइड में बाथरूम था । अन्दर जाते ही मैंने उससे कहा ‘देख ये मेरा पहली बार है तो तू तेरी और से थोड़ी मदद करना..’
तो वो कहने लगी ‘सुन चीकने पिक्चर में दिखाते है वैसे नहीं तू मेरी पप्पी ले सकता है और न ही चूत चाट सकता है खाली मेरे बुर में लंड पेल देना और हाँ लन्ड चूसवाने के 200 रूपए लगेंगे..।’

उसका इतना भाषण सुनने के बाद मैंने ‘हाँ..’ में सर हिलाया। फिर उसने दरवाजा बंद किया और साड़ी उतारने लगी और मैं शर्ट उतारने लगा शर्ट उतार के मैंने पेन्ट क जेब में से कंडोम का पैकेट बेड पे रखा और एक नज़र उसकी तरफ घुमाई तो ममुझमें गज़ब का नशा सा चढ़ गया।

उसने काले रंग की ब्रा और पैंटी पहनी थी, उसका पूरा बदन चमक रहा था। उसके जांघो को देखकर मेरा लंड एकदम टाइट हो गया।
वो मेरे पास आई और उसने मेरी पैन्ट उतारी और अंडरवियर को ऊपर से ही सहलाने लगी मेरी हालत तो पहले ही खराब हो चुकी थी।

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