पति पर हो क़र्ज़ तो बीवी का चुदने का है फ़र्ज़

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Meri Sex Story Par Ab Tak Ki Sabse Ankokhi Kahani…

लेखिका – रुपाली

ये कहानी मेरी मम्मी की है..

संध्या कटारिया, जो एक डॉक्टर और योगा ट्रेनर है..

मस्त कहानियाँ हैं, मेरी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर !!! !!

मेरी मम्मी एक सेक्सी औरत है, जो कुदरत की सबसे अनमोल चमत्कार है.

मेरी मम्मी 34 साल की है लेकिन उनकी फिगर “36-28-36” जो सभी लोगों के लण्ड में जादू डाल देती है..

उनकी गाण्ड का उभार, एक मटके की तरह है.

मेरी मम्मी को चोदने के लिए, सभी मरते थे..

मम्मी, जब झुकती थी तो उनके बूब्स देख कर लोगों के लण्ड तरस जाते थे..

मेरे पापा के बिजनेस लॉस के कारण वो पागल हो गये और उन्हें पागल अस्पताल में डाल दिया गया.

मम्मी, योगा टीचर थी..

मम्मी, योगा कराने जाती, सुबह.

सभी बूढ़े और जावन् लोग मम्मी के जिस्म को देख कर लार टपकाने लगते.

मम्मी सभी को योगा सिखाती..

सभी मम्मी को देखते रहते.

वहाँ मेरे चाचा जी और उनके 2 दोस्त, मुकुल और ऋषभ भी योगा करने आते..

वो लोग, मम्मी के जिस्म के दीवाने थे..

ये सब, मैं देखते रहती थी..

मम्मी डॉक्टर भी थी.

वो अस्पताल चले जाया करती.

दूसरे दिन चाचा जी और मुकुल और ऋषभ अंकल अचानक घर आए..

मम्मी बाथरूम में थी..

उन्होंने मुझे पूछा – बेटा, संध्या कहाँ है.. उसे ज़रा बुला दो..

मैंने कहा – अंकल, वो तो बाथरूम में नहा रहीं हैं तो सभी लोगों के चहरे में मुस्कान आ गई..

उन्होंने कहा – ठीक है..

मैं समझ गई, कुछ तो बात है.

मैंने चाचा जी से कहा – चाचा जी, क्या काम है..

उन्होंने कहा – कुछ नहीं, बेटा.. उनसे बिजनेस के सिलसिले में बात करनी थी..

मैंने कहा – ठीक है.. और मैं अपने रूम चले गई.

वो लोग बाहर बैठ के मम्मी का इंतेज़ार का रहे थे.

मम्मी नहा के बाहर साड़ी पहन के आई तो देखा सभी लोग बैठे हुए हैं..

मम्मी ने पूछा – अरे आप लोग मेंरा इंतज़ार कर रहे है क्या.. सॉरी बाथरूम में थोड़ी देर हो गई..

वो लोग मम्मी के बूब्स को है देख रहे थे..

मम्मी ने घबरा के पूछा – भाई साहब चाय तो बनती है.. आप लोगों के लिए..

चाचा जी ने कहा – वो सब रहने दो.. तुमसे बिजनेस के सिलसिले में बात करनी थी.. जो रुपाली के पापा कर्ज़ा बढ़ा के गये हैं वो कैसे चुकाओगे..

तो मम्मी डर गई बोली – मैं तो जल्दी चुका नहीं पाऊँगी..

चाचा जी ने कहा – आप भी बिजनेस में शामिल हो जाओ और कोई चारा नहीं है.. फिर से, आपको ये शुरू करना पड़ेगा वरना आप खतरे में पॅड सकते हो..

मम्मी ने कहा – ठीक है.. लेकिन क्लिनिक मुझे सम्हालना है.. मैं कैसे कर पाऊँगी, ये सब..

मुकुल अंकल ने कहा – संध्या जी आप क्यूँ घबराती हो.. आप बिजनेस तो शुरू करो.. बस फैक्ट्री में आपको नाइट ड्यूटी करनी पड़ेगी..

तो मम्मी ने कहा – ठीक है, मुकुल भाई.. अब तो कोई चारा नहीं रहा.. करना तो पड़ेगा..

चाचा जी ने कहा – ठीक है संध्या.. हम चलते हैं.. आज से आपका कम शुरू..

वो चले गये.

मम्मी बहुत दुखी हो गई और मुझसे लिपट कर रोने लगी..

मुझे पता था, ये कुछ और प्लानिंग है..

क्लिनिक के बाद मम्मी घर आई और कहा – रुपाली मैं फैक्ट्री जा रही हूँ.. लेट हो जाउंगी आने में..

मां चली गई..

मैंने ठान लिया की देखना पड़ेगा, क्या होने वाला है..

मैं जल्दी से फैक्ट्री गई.. बिना किसी की आँख में आए.. फैक्ट्री में घुसी और छुप गई..

तभी चाचा जी मुकुल और ऋषभ अंकल आए और बात करने लगे..

आज तो यार, चोद के रहेंगें साली को.. बहुत बार मूठ मारा है उसे देख के.. आज तो रेप करना पड़ेगा..

चाचा जी ने कहा – अरे यार, रेप नहीं.. मेरे पास ऐसी सेक्स मेडिसिन है जो पिलाने से औरते लण्ड की प्यासी बन जाती है..

उन्होंने कहा – चाय के साथ पीला दो और वो सब शराब पीने लगे..

स्टोर रूम में जहाँ मैं छुपी थी सब चाय लाए..

उसमें चाचा जी ने मेडिसिन मिलाया और नौकर को मम्मी के रूम में देने को कहा..

वहाँ मम्मी बैठ कर काम कर रहीं थी.

उन्होंने चाय पीली.

मुकुल अंकल बोले – अरे यार, उसकी बेटी रुपाली भी तो अपनी मम्मी पे गई है.. साली उसको देख के भी तो मैं मूठ मरता हूँ..

चाचा जी बोले – हाँ य्र, मैं भी..

सभी लोग हँसने लगे..

माँ बेटी दोनों को चोदना पड़ेगा..

तभी नौकर ने आ के बताया की संध्या जी को क्या हुआ.. वो रूम में अपने चूत में उंगली कर रही हैं..

चाचा जी हँसने लगे..

नौकर को पैसे दिए और जाने को कहा..

वो लोग तैयार हो गये..

मैं तो स्टोर रूम छुपी रही.. बाहर जाती तो पकड़ी जाती.. मैं वहीं बैठ गई..

तभी वो लोग मम्मी को उठा के स्टोर रूम में लाए और दरवाज़ा लॉक कर दिया..

मम्मी सभी के पैंट देख रहीं थी..

सभी लोगों ने मम्मी को नंगा किया..

मम्मी ने थोड़ा मना किया..

वो लोग मम्मी को बोले – आसानी से चुदवा ले, वरना ठीक नहीं होगा..

वो चाचा जी मम्मी को किस करने लगे..

फिर चाचा जी मम्मी के बूब्स दबाने लगे..

मुकुल और ऋषभ अंकल चूत चाटने लगे..

मम्मी अजीब सी सिसकारियाँ मार रही थी..

चाचा ने कहा – पहले मेरी बारी है..

उन्होंने मम्मी को कुतिया की तरह बैठाया और चोद्ने लगे..

मम्मी चिल्लाने लगी..

चाचा जी बड़े स्पीड से चोद रहे थे..

मम्मी चिल्ला रहीं थी..

तभी मम्मी के मुंह में मुकुल अंकल ने अपना बड़ा सा लण्ड डाल दिया..

अब मम्मी को भी मज़ा आने लगा..

वो चूसने लगी.

मुझे तो देखने में मज़ा आ रहा था.. मैं भी अपने चूत में उंगली करने लगी..

सभी बारी बारी से मम्मी को चोद रहे थे..

मम्मी चोदो चोदो की आवाज़ लगाने लगी..

सभी ने बारी बारी से चोदा और मम्मी के मुंह में अपना मूठ गिरा दिया..

फिर मम्मी को चोद के वो लोग चले गये..

मम्मी नंगी पड़ी रही..

थोड़े देर बाद वो उठी और कपड़े पहन कर अकाउंट रूम के तरफ गई..

मैं इस मौके का फायदा उठा के वहाँ से निकल गई और जल्दी से घर आ गई..

थोड़े देर बाद मम्मी घर आई..

मैंने पूछा – मम्मी आज काम कैसा था..

वो कुछ ना बोली कहा – मैं नहाने जा रही हूँ और बाथरूम चली गई..

मैं तो बहुत मूड में थी.

मम्मी आई और खाना खा के सो गई.

मैं मम्मी के साइड में जाकर सो गई.

मम्मी पर सेक्स मेडिसिन का असर अभी तक था.

उनका हाथ उनके बूब्स और चूत के पास बार बार आ रहा था.

उनसे कंट्रोल नहीं हो रहा था.

मम्मी जल्दी से उठी और बाथरूम में जा के उंगली करने लगी.

मैं पीछे गई देखा, मम्मी नंगी बैठ कर उंगली कर रही थी.

मैंने कहा – मम्मी.

उन्होंने मुझे देखा और रोने लगी.

मैंने कहा – मम्मी इसमें आपकी कोई ग़लती नहीं है.. चाचा जी ने आपको मेडिसिन चाय में दिया है..

मम्मी ने कहा – तुम्हें कैसे पता..

मैंने कहा – मम्मी मैं स्टोर रूम में थी, जब वो बात कर थे..

मम्मी तो रोने लगी कहा – रुपाली बेटी मैं ग़लत नहीं हू.. बेटी मुझे माफ़ कर दे..

मैंने कहा – मां इसमें ग़लत क्या है और मैंने अपनी फ्रोक उतारी.

मम्मी ने पूछा – ये क्या कर रही हो..

मैंने कहा – मम्मी चाचा जी सेक्स मेडिसिन वहीं छोड़ गये थे.. मैंने खा लिया, ये सोच के क्या ये सच में असर करता है.. अब मुझसे कंट्रोल नहीं हो रहा और मैं मम्मी को किस करने लगी..

मम्मी ने मुझे धक्का दिया और कहा – बेटी तू क्या कर रही है..

मैंने मम्मी को एक थप्पड़ मारा और सेक्स मेडिसिन जो मेरे हाथ में थी, वो मम्मी के मुंह में डाल दिया और मैं उन्हें लेकर बाहर आ गई बेड पे.

हम दोनों नंगी ही लेट गई.

फिर मम्मी मेरी चूत चाटने लगी..

मेरी मदहोशी बढ़ने लगी..

मैंने मम्मी को पकड़ा और उनको किस करने लगी और बूब्स दबाने लगी.

वो भी मेंरा साथ देने लगी.

वो मेरे बूब्स और गाण्ड दबाने लगी..

रात भर हम दोनों मां बेटी मज़े लेते रहे..

सुबह जब उठे, मैं और मम्मी नंगी बेड पर चिपक कर सो रहे थे..

तभी मुझे याद आया वो लोग हमें साथ में चोदने का प्लान भी बना रहे थे..

मैंने सोच क्यूँ ना हम उनसे बदला ले, अपना चूत का गुलाम बना के..

मैंने मम्मी से कहा – मम्मी वो लोग मुझे और आपको साथ में चोदना चाहते हैं.. क्यूँ ना हम उन्हें इस्तेमाल करे.. अपना कर्ज़ा मिटाने को और अपनी प्यास भी मिटा ले..

मम्मी ने कहा – तू ठीक कह रही है.. किसी ना किसी तरह वो हमें चोद तो वैसे भी लेंगें ही..

इंतेज़ार कीजिए अगले भाग का जब मैं और मेरी मम्मी बदला लेंगे.. ..

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Written by

मस्त कामिनी

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