शानदार चूत 1

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Meri Sex Story Ke Readers Se Request Hai Ki Is Story Ko Apni Pasand Ke Anurup “Star Rating” Dena Na Bhule…

लेखक – सुमित पहलवान
सम्पादिका – मस्त कामिनी

सुमित पहलवान का मेरी सेक्स स्टोरी के सभी पाठकों को, एक बार फिर प्यार भरा नमस्कार..

कामिनी जी को मेरी कहानी प्रकाशित करने के लिए, उसे सम्पादित कर उसकी छोटी मोटी गलतियां ठीक करने के लिए और मेरे सभी मेल मुझे फॉरवर्ड करने के लिए, बहुत बहुत आभार..

उन सभी लोगों को, जिन्होंने मेरी कहानी पढ़ी और अपना समय निकाल कर मुझे मेल किया या मेरी कहानी को स्टार रेटिंग दी, उन सब को भी दिल से प्यार और शुक्रिया..

तो मित्रो, मेरी सेक्स स्टोरी पर ये मेरी चौथी श्रंखला है..

मस्त कहानियाँ हैं, मेरी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर !!! !!

जो मुझे नहीं जानते, उन्हें बता दूँ मेरा नाम सुमित है, उम्र 20 और जाती से, शरीर से, क्रम से पहलवान हूँ..

“कुँवारी कली”(1 – 3), “चूत में खून, दिल में सुकून” (1 – 5) “शेरनी ने किया मेरे लण्ड का शिकार” (1 – 5) और “औरत की आग” (1 – 3) नाम से चार कहानियों की श्रंखला, मेरी सेक्स स्टोरी पर, अब तक प्रकाशित हो चुकी हैं..

इन कहानियों को काफी रीडर मिले, जिससे मुझे काफी प्रसन्नता हुई..

दोस्तों, ये लीजिये आपके सुमित की पांचवी कड़ी..

एक बार मुझे, मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर से 29 साल की अविवाहित लड़की का कॉल आया..

उन्होंने बताया की वो एक प्राइवेट जॉब करती है और मेरी सर्विस लेना चाहती है..

मैंने भी आने के लिए, तुरंत हाँ बोल दी..

उन्होंने मुझे तारीख बताई की फलाँ दिन, शाम को 8 बजे के बाद आप मुझे मोबाइल पर कॉल करना… मैं बता दूँगी की कहाँ आना है… उन्होंने, अपने घर का पता नहीं बताया..

मैंने कहा की ठीक है…

वैसे मैं, थोड़ा परेशान तो था की अगर जबलपुर पहुँचने के बाद वो पलट गई तो काफ़ी नुकसान हो जाएगा..

खैर, मैं उनकी बताई तारीख पर शाम को जबलपुर पहुँच गया..

फ्रेश होकर, 8:30 पर मैंने उनको कॉल किया तो उन्होंने मुझे एक मैरिज गार्डन का पता बताया और बोला की यहाँ चले आना… शुक्ला परिवार की शादी है… मैरिज गार्डन के बाहर, “शुक्ला” लिखा, तुम्हें दिख जाएगा.. उधर पहुँच कर, मुझे कॉल करना…

मैं ऑटो से, उस पते पर पहुँचा..

मुझे, वो मैरिज गार्डन आसानी से मिल गया..

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मैंने बाहर से ही, उन्हें फोन लगाया और अपना हुलिया बताया..

उन्होंने, मुझे बाहर ही रुकने को बोला..

बाहर, बहुत भीड़ भाड़ थी..

बहुत सी गाड़ियाँ खड़ी हुई थीं..

लग रहा था, किसी पैसे वाले की शादी थी..

कुछ देर बाद, एक बेहद खूबसूरत 29 साल की लड़की साड़ी पहने हुए, बालों में फूल लगाए हुए, एक दम सजी-धजी गेट से बाहर आई..

वो अपने कान पर मोबाइल लगाए, किसी को खोज रही थी..

तभी, मेरे मोबाइल की घंटी बजी..

अब तक वो, मेरे पास पहुँच चुकी थी..

मेरे मोबाइल की घंटी, उसे भी सुनाई दे गई..

मैं अपने जेब से मोबाइल निकाल नहीं पाया की उसने कॉल ऑफ कर दिया..

इससे, मेरे मोबाइल की घंटी भी बंद हो गई..

मैं भी उन्हें ही देख रहा था..

फिर उन्होंने मेरे पास साइड में खड़े होकर, री डाइयल किया..

मेरा मोबाइल, फिर बजने लगा..

वो झाँक कर देख कर, मुस्कुराने लगी..

मैं भी मुस्कुराया..

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फिर मोबाइल ऑफ करके वो मेरे पास आई और मुझसे पूछा – तो आप ही हैं, सुमित…

मैंने कहा – हाँ जी, मेरा नाम ही सुमित…

हम दोनों ने हाथ मिलाया..

उसने बताया – ये मेरी सहेली की शादी है… बस कुछ देर में, प्रोग्राम ख़त्म हो जाएगा… तुम आ जाओ, मेरे साथ खाना खा लो…

मैंने कहा – ठीक है…

मैं मन ही मन, हंस रहा था..

“बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना..”

मैं अंदर गया और भीड़ में शामिल हो गया..

वो स्टेज पर चली गई और मैं खाना खाने लगा..

वो स्टेज से, लगातार मुझे देखे जा रही थी..

मैं भी बीच बीच में, उसे देख रहा था..

वो 29 साल की “परिपकव लड़की” लग रही थी..

उसका जिस्म, बहुत की “सेक्सी” लग रहा था..

इधर, मैं खाना खा चुका था..

फिर, मैं एक कुर्सी पर बैठ कर कॉफी पीने लगा तभी मैंने देखा की दूल्हा दुल्हन और सब लोग स्टेज से उतर कर, खाना खाने के लिए जा रहे हैं..

इतने में वो उन लोगों को छोड़ कर, मेरे पास आ गई और खुद भी कॉफी लेकर मेरे पास कुर्सी पर बैठ गई..

हम भीड़ से अलग बैठे थे और हम दोनों कॉफी पीते हुए, बातें करने लगे..

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उन्होंने पूछा की आने में कोई परेशानी तो नहीं हुई…

मैंने कहा की नहीं नहीं… बिल्कुल नहीं…

उसने बताया की ये मेरे बॉस की बेटी की शादी है और वो मेरी सहेली भी है.. मेरे बॉस बहुत बड़े आदमी हैं…

मैंने कहा – हाँ… देखने से ही, पता चलता है…

वो बहुत बड़ी जगह थी और पार्टी भी शानदार थी..

उसने बताया की ये दो आजू-बाजू महल नुमा कोठी देख रहे हैं, आप…

मैंने कहा – हाँ…

तो वो बोली की एक कोठी में लड़की वाले रुके हैं और एक में लड़के वाले… हम सभी के लिए, अलग अलग रूम दिए गये है… अब स्टेज प्रोग्राम ख़तम होने के बाद, फेरे आदि का कार्यक्रम है… जहाँ ये कार्यक्रम होना है, उधर ही मेरा रूम है… यहाँ बहुत से लड़के लड़कियाँ हैं, किसी को कोई शक नहीं होगा की आप किस की तरफ से यहाँ आए हुए हैं… मेरा मतलब है, लड़के वालों की तरफ से या लड़की वालों की तरफ से और यहाँ इतनी भीड़ है की किसी को किसी के बारे में सोचने का समय नहीं है…

मैं ध्यान से उसकी बातें सुन रहा था..

वो ये सब मुझसे बोल तो रही थी पर बोलते बोलते, उसकी साँसें फूल रही थी..

मैं उस की स्थिति समझ रहा था..

कहानी जारी रहेगी.. ..

यदि आप भी चाहते हैं की आपकी कहानी इसी तरह मेरी सेक्स स्टोरी पर प्रकाशित हो तो बस नोटपैड पर हिन्दी या हिंगलिश में अपनी कहानी लिखिए और भेज दीजिये – [email protected] पर..

मेरी सेक्स स्टोरी को और बेहतर बनाने में हमारी मदद कीजिये और अपने सुझाव हमें लिख भेजिए – [email protected] पर..

Meri Sex Story – Shandaar Chut 1

Written by

मस्त कामिनी

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