शेरनी ने किया मेरे लण्ड का शिकार 4

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लेखक – सुमित पहलवान
सम्पादिका – मस्त कामिनी

मैं बिस्तर पर लेटा हुआ था और वो मेरे मुंह पर अपनी चूत रखे हुए बैठी थी..

अपनी गीली चूत को मेरे होंठों को आगे पीछे करके, बुरी तरह से रगड़ रह थी..

लग रहा था, तीन साल से इक्कठा किया हुआ सारा रस आज मुझे पीला कर रहेगी..

अब वो ज़ोर ज़ोर से, अपनी चूत मेरे मुँह से रगड़ने लगी..

वो मेरे बाल पकड़े हुए थी और खुद, ज़ोर ज़ोर से हिल रही थी..

करीब 5-7 मिनट ऐसा करने के बाद, वो बुरी तरह झड़ गई..

उसका पूरा रसा, मेरे गले में था और थोड़ा बहुत बचा हुआ, मेरे चेहरे पर..

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मैं बुरी तरह, हाँफ रहा था..

वो अब कुछ नीचे खिसकी और मेरे सारे कपड़े उतार दिए..

सबसे आख़िर में, उसने मेरी चड्डी उतारी..

मेरा 7 इंच लंबा लण्ड देख कर, वो मदहोश हो गई..

पहले तो उसने मेरे लण्ड को प्यार से सहलाया और फिर, मेरे लण्ड के आजू बाजू चूमती हुई एक लंबी साँस ली और एक दम से मेरा लण्ड, अपने मुंह में ले लिया..

अब वो, मेरा लण्ड चूस रही थी..

करीब 10 मिनट लण्ड चूसने के बाद, मैंने उसे ऊपर खींचा..

ऊपर आने के बाद, उसने मेरा लण्ड छोड़ा..

वो मेरे दोनों तरफ पैर डाले, घुटनों के बल बैठ कर, मेरा लण्ड अपनी चूत से रगड़ने लगी..

कुछ देर बाद, उसने एक दम से मेरा लण्ड अपने चूत के दरवाज़े पर लगा दिया और खुद ही चीख पड़ी..

लण्ड, अंदर नहीं गया था..

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मैंने कुछ देर रुक कर, ज़ोर दार झटका दिया..

अहह… …

क्या गरम गरम गुफा थी वो, मेरे लण्ड की तो मज़ा आ गया..

साथ ही, वो भी दूसरी दुनिया में चली गई..

उसने ज़ोर से अपना पूरा वजन, मेरे लण्ड पर रख दिया..

उसकी आँखें बंद थीं और मुंह खुला था..

कुछ देर बाद, मैंने फिर एक दो धक्के मारे..

अब मेरा लण्ड, सही जगह पर आ गया..

अब वो अपने दोनों हाथों के सहारे, कुछ ऊपर उठी और अपनी गाण्ड ज़ोर ज़ोर से हिला कर आगे पीछे होने लगी..

वो बहुत ज़ोर ज़ोर से धक्के लगा रही थी..

ये बात तो थी की बहुत ताकत थी, उसमें..

सच कहूँ तो वो पागलों की तरह, मुझे चोद रही थी..

मेरे मुंह के सामने उसके दूध लटक रहे थे, जिनका मैं लगातार रस पी रहा था..

उसे बहुत मज़ा आ रहा था..

फिर अचानक, उसने अपनी रफ़्तार बड़ा दी और ज़ोर ज़ोर से – सीईईई अहह हूंम्म्म सीईई सीईई आ आ आ आ आ आ आ… की आवाज़ निकाल रही थी..

अब वो, अपने एक हाथ के सहारे थी और एक हाथ से मेरा सर अपने मम्मे पर दबाए हुए थी और राजधानी की पूरी स्पीड से मतवाली की तरह, सिसकारियाँ निकालते हुए ज़ोर ज़ोर से धक्का मार रही थी..

अचानक, उसने बहुत ज़ोर से चीखा – इयाः आ आ आ आ आ आ अहह अहह हुम्म ह…

अब वो, दुबारा झड़ चुकी थी…

उसने, “अपनी” मस्त चूत चोदी थी.. पूरा आनद लिया था..

आख़िर वो, शेरनी मेरा शिकार करके थक गई थी..

वो मेरे ऊपर, ढेर हो गई..

मेरा बिचारा लण्ड, अभी भी उसकी चूत में था..

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वो मेरे सीने पर लेटी हुई थी और अपनी साँसे को कंट्रोल में ला रही थी..

मैं प्यार से उस के सर पर हाथ फेरने लगा..

करीब 10 मिनट बाद, हम उठे और एक एक करके बाथरूम हो कर आए..

हम दोनों नंगे ही, रूम में घूम रहे थे..

वो आ कर, बिस्तर पर उल्टी लेट गई..

उसकी “नंगी, गद्देदार गाण्ड” मुझे निमंत्रण दे रही थी..

मैंने एक बार फिर उसे चूमना शुरू किया और पैर से चूमते हुए, उसकी जांघों पर आ गया..

फिर मैंने, अपने दोनों हाथों से उसके चुत्तड़ पर प्यार से हाथ फेरा..

मैंने एक गहरी साँस लेते हुए, उसके चुत्तड़ को अपने दोनों हाथ में लेकर दबाया और अपने होंठ और गाल चुत्तड़ से रगड़ने लगा..

करीब 15 मिनट तक जी भर कर, उसके चुत्तड़ से खेलता रहा..

फिर मैं, बिल्कुल उनके ऊपर आ गया और अपना पूरा वजन उनके उपर रख दिया और उनके चुत्तड़ पर अपना लण्ड रगड़ने लगा..

जब मैंने उनकी गाण्ड के छेद में लण्ड डालना चाहा तो उन्होंने मना कर दिया..

कहानी जारी रहेगी.. ..

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Written by

मस्त कामिनी

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